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Dehradun News: मुख्य मार्ग से दूरी बढ़ाकर बेची जमीन, स्टांप ड्यूटी में खेल

Mon, 21 Aug 2023 01:51 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Mon, 21 Aug 2023 01:51 AM IST
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Land sold by increasing the distance from the main road, playing in stamp duty
जालसाजों ने चार हेक्टेयर से ज्यादा जमीन मुख्य मार्ग से अधिक दूरी दर्शाकर बेच दी और निर्धारित स्टांप से कम मूल्य का शुल्क प्रशासन को दिया गया। शिकायत पर प्रशासन ने इसकी जांच कराई। सत्यता पाए जाने पर अब आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। इनसे अब नियमानुसार शुल्क वसूलकर अर्थदंड भी लगाया जाएगा।
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पिछले दिनों एडीएम वित्त एवं राजस्व रामजीशरण शर्मा को इस संबंध में शिकायत मिली थी। आरोप था कि बड़ासी ग्रांट में 4.4360 हेक्टेयर भूमि को बेचने के दौरान स्टांप शुल्क जमा कराने में अनियमितता बरती गई है। साथ ही वर्ष 2013 में इस सौदे में भू-अधिनियम के नियमों का भी उल्लंघन किया गया है। एडीएम शर्मा ने बताया, केरल के थंपी सीसी ने इस जमीन को पांच अलग-अलग विक्रय पत्र के जरिये यह जमीन गिरवीर सिंह नेगी और खुशहाल सिंह नेगी को बेची थी।
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उस वक्त इस जमीन की मुख्य थानो मार्ग से दूरी 350 मीटर दर्शाई गई। इससे सर्किल रेट कम होने से स्टांप शुल्क भी कम ही अदा किया गया। जबकि, जांच में पाया गया कि यह जमीन मुख्य मार्ग से 180 मीटर दूरी तक ही सीमित है। जांच में जब स्टांप शुल्क का आकलन किया गया तो यह निर्धारित से 25 लाख रुपये कम के स्टांप थे। इसकी राशि अब अर्थदंड के साथ बढ़कर एक करोड़ के आसपास हो सकती है। हालांकि, एडीएम के अनुसार जांच रिपोर्ट के अनुसार स्टांप की कमी की गणना कराई जा रही है। जल्द ही वास्तविक आकलन के बाद कार्रवाई की जाएगी।
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रिजॉर्ट और बागवानी के लिए खरीदी गई थी जमीन

जमीन के पूर्व मालिक थंपी सीसी ने बड़ासी ग्रांट की यह जमीन शासन की अनुमति से खरीदी थी। जब यह जमीन खरीदी गई तब बाहरी व्यक्ति उत्तराखंड में कृषि भूमि केवल 250 वर्गमीटर ही खरीद सकता था। इसके लिए शासन से भू-अधिनियम 2003 के तहत अनुमति लेकर लगभग 55 बीघा जमीन खरीदी गई थी। यहां उन्हें होटल, रिजॉर्ट बनाने के साथ बागवानी करनी थी। लेकिन, जमीन पर कोई निर्माण इस तरह का नहीं किया गया। न ही कोई पेड़ लगाया गया। वर्ष 2012 में शासन ने निर्माण के प्रस्ताव को देखते हुए एक साल के लिए अनुमति को बढ़ा दिया। लेकिन, गुपचुप तरीके से यह जमीन बेच दी गई।


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कर्मचारियों की भी लापरवाही

इस सौदे में कुछ राजस्व कर्मचारियों की लापरवाही और अनदेखी की बात भी हो रही है। इस जमीन को श्रेणी ग में दर्ज किया जाना था। जबकि, इसे श्रेणी क में दर्ज कर दिया गया। इससे इस जमीन की निगरानी नहीं हो सकी। ऐसे में अब इनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की बात भी की जा रही है। एडीएम शर्मा ने बताया कि जल्द ही इस मामले में अगली कार्रवाई की जाएगी।
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