हरिद्वार महाकुंभ 2021 : नेपाल के अंतिम राजा ज्ञानेंद्र करेंगे शाही स्नान, आज पहुंचे हरिद्वार
निरंजनी अखाड़ा के संतों की ओर से उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने श्री दक्षिणकाली मंदिर में पूजा अर्चना की।
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नेपाल के अंतिम राजा ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाह 12 अप्रैल को महाकुंभ का शाही स्नान करेंगे। ज्ञानेंद्र वीर रविवार सुबह हरिद्वार पहुंच गए हैं। श्री दक्षिणकाली मंदिर में पूजा अर्चना करने के बाद पंचायती अखाड़ा श्री निरंजनी पहुंचकर संतों से मुलाकात करेंगे।
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निरंजन पीठाधीश्वर कैलाशानंद गिरी ने बताया कि ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाह रविवार को हरिद्वार पहुंचे हैं। निरंजनी अखाड़ा के संतों की ओर से उनका भव्य स्वागत हुआ। उन्होंने श्री दक्षिणकाली मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद संतों और महामंडलेश्वरों से मुलाकात की। निरंजन पीठाधीश्वर ने बताया कि ज्ञानेंद्र वीर विक्रम शाह 12 अप्रैल को उनके साथ शाही स्नान करेंगे।
अपर रोड, हरकी पैड़ी और सीसीआर जीरो जोन
शाही स्नान वाले दिन अपर रोड पर किसी भी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पूरी तरह से प्रतिबंध होगी। प्रतिबंधित क्षेत्र में आने वाले वाहनों को सीज कर दिया जाएगा।
12 व 14 अप्रैल को शाही स्नान हैं। मेला क्षेत्र का हरकी पैड़ी, सीसीआर और अपर रोड जीरो जोन घोषित कर दिया गया है। इस जीरो जोन में सभी तरह के वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया गया है। शनिवार को नगर कोतवाली पुलिस ने अपर रोड पर हर की पैड़ी से लेकर ललतारौ पुल व दूसरी साइड में हरकी पैड़ी से भीमगोड़ा तक मुनादी कराई।
नगर कोतवाल अमरजीत सिंह ने बताया कि मुनादी कराकर ई-रिक्शा और ऑटो चालकों को सूचित किया गया है यदि कोई भी अनावश्यक रूप से जीरो जोन में घुसता है तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही उसका चालान भी होगा और ड्राइविंग लाइसेंस भी निरस्त करने की प्रक्रिया की जाएगी।
शाही स्नान : व्यवस्थाएं परखने फील्ड में दौड़े अफसर
शाही स्नान की तैयारियों को लेकर मेलाधिकारी दीपक रावत एवं एसएसपी कुंभ जन्मेजय खंडूरी ने शनिवार को दक्ष पार्किंग, बैरागी, गौरीशंकर, चंडीघाट सेक्टर का औचक स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि शाही स्नान पर श्रद्धालुओं का दबाव बढ़ेगा। इसलिए व्यवस्थाओं में किसी तरह की लापरवाही नहीं होनी चाहिए।
मेलाधिकारी दक्ष पार्किंग पहुंचे और लक्सर एवं दिल्ली से आने वाली गाड़ियों की पार्किंग के संबंध में विचार-विमर्श किया। मेलाधिकारी बैरागी कैंप और गौरीशंकर दीप निरीक्षण बाद बिजनौर, मुरादाबाद, नैनीताल जाने वाली रोड श्यामपुर तिराहा क्रॉसिंग पहुंचे। वहां बसों को पार्किंग कराने के बाद श्रद्धालुओं को शटल बस की सेवा सुचारु कराने पर चर्चा की।
दीपक रावत ने चंडीपुल के नीचे अस्थाई पुलों एवं घाटों का निरीक्षण भी किया। भीड़ बढ़ने पर अस्थाई घाटों पर श्रद्धालुओं को स्नान कराने एवं गंगा में जलस्तर पर चर्चा की। मेलाधिकारी ने चंडीपुल चौकी के पास रैंप का भी निरीक्षण किया। जहां से श्रद्धालु चंडीघाट में अस्थाई पुल होकर गौरीशंकर पार्किंग जा सकेंगे। निरीक्षण के बाद चंडीपुल के नीचे निवास करने वाले मिर्ची बाबा, महंत भोलागिरि के दर्शन किए। इस दौरान मनीष सिंह सेक्टर मजिस्ट्रेट सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।
हरिद्वार आने वाली आरक्षित ट्रेनें चलती रहेंगी
रेलवे और मेला प्रशासन की आपसी सहमति से हरिद्वार पहुंचने वाली सभी आरक्षित गाड़ियां पहले की तरह चलेंगी। ज्वालापुर स्टेशन पर पांच से दस मिनट का अतिरिक्त ठहराव (स्टॉपेज) दिया जाएगा। इसके साथ ही शाही स्नान कर वापस जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए अनारक्षित ट्रेनें भी चलाई जाएंगी।
उत्तर रेलवे मुरादाबाद मंडल की प्रवर मंडल वाणिज्य प्रबंधक रेखा शर्मा ने बताया कि मेला प्रशासन की मांग पर हरिद्वार से अनारक्षित ट्रेनें चलाई जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि कुंभ मेला में आने वाले श्रद्धालु अपने साथ पंजीकरण एवं आरटीपीसीआर नेगेटिव जांच रिपोर्ट लाएं। इसके साथ ही उत्तराखंड सरकार की मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) के अनुसार सभी को हरिद्वार आने से पहले दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करना होगा। संवाद