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कुंभ कोरोना जांच फर्जीवाड़ा: हाईकोर्ट ने नलवा लैबोट्री के मालिक की अग्रिम जमानत याचिका की खारिज
Wed, 22 Sep 2021 11:54 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नैनीताल
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Wed, 22 Sep 2021 11:54 PM IST
सार
कुंभ मेले में कोरोना जांच फर्जीवाड़े में लिप्त मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरद पंत व मलिका पंत की याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए हाइकोर्ट ने 24 सितंबर की तिथि नियत की है।
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- फोटो : फाइल फोटो
विस्तार
हाईकोर्ट ने कुंभ के दौरान कोरोना जांच फर्जीवाडे़ के मामले में मुख्य आरोपित नलवा लेबोट्री के मालिक नवतेज नलवा की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया है। न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। नलवा लेबोट्रीज हिसार के मालिक नवतेज नलवा ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर कहा था कि कोविड जांच फर्जीवाडे़ के मामले में हरिद्वार की निचली अदालत ने 29 अगस्त को उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया था। कोर्ट ने नलवा के साथ ही मैक्स सर्विसेज के शरत पंत व मल्लिका पंत के खिलाफ एनबीडब्लू जारी किया था। नलवा के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने भी प्रारंभिक केस दर्ज किया है।
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कोरोना जांच फर्जीवाड़ा मामले की सुनवाई अब 24 को
कुंभ मेले में कोरोना जांच फर्जीवाड़े में लिप्त मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरद पंत व मलिका पंत की याचिकाओं पर अगली सुनवाई के लिए हाइकोर्ट ने 24 सितंबर की तिथि नियत की है। न्यायमूर्ति आरसी खुल्बे की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेज के सर्विस पार्टनर शरद पंत और मलिका पंत ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनके खिलाफ दर्ज एफआईआर को निरस्त करने और उनकी गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी। याचिका में कहा गया कि वह मैक्स कॉरपोरेट सर्विसेस में एक सर्विस प्रोवाइडर हैं। परीक्षण और डाटा प्रविष्टि के दौरान मैक्स कॉरपोरेट का कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था।
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इसके अलावा परीक्षण और डाटा प्रविष्टि का सारा काम स्थानीय स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों की प्रत्यक्ष निगरानी में किया गया था। इन अधिकारियों की मौजूदगी में परीक्षण स्टालों ने जो कुछ भी किया था, उसे अपनी मंजूरी दे दी। अगर कोई गलत कार्य कर रहा था तो कुंभ मेले की पूरी अवधि के दौरान अधिकारी चुप क्यों रहे। मुख्य चिकित्सा अधिकारी हरिद्वार ने पुलिस में मुकदमा दर्ज करते हुए आरोप लगाया था कि कुंभ मेले के दौरान इनके द्वारा अपने को लाभ पहुंचाने के लिए फर्जी तरीके से टेस्ट इत्यादि कराए गए। 2021 को एक व्यक्ति ने सीएमओ हरिद्वार को पत्र भेजकर शिकायत की थी कि कुंभ मेले में टेस्ट कराने वाले लैबों ने उनकी आईडी और फोन नंबर का उपयोग किया है जबकि उन्होंने रैपिड एंटीजन टेस्ट कराने के लिए कोई रजिस्ट्रेशन और सैंपल नहीं दिया था।
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