कुमाऊं विवि के नए कुलपति प्रो.राणा ने संभाला चार्ज, गरीब छात्रों के लिए अपने वेतन से करेंगे ये काम
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प्रो.केएस राणा ने बृहस्पतिवार को कुमाऊं विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति कार्यभार संभाल लिया है। उन्होंने कहा कि कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने के लिए अपने आधे वेतन से कोष तैयार करेंगे। विवि के मेधावी विद्यार्थियों की प्रगति में वह आर्थिक स्थिति को आड़े नहीं आने देंगे।
कुमाऊं विवि में स्थायी कुलपति की तैनाती तक प्रो. राणा को चार्ज दिया गया है, लेकिन उनके रहते कमजोर आर्थिक स्थिति वाले मेधावी विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देने की बात यदि परवान चढ़ जाती है तो इसे विवि के इतिहास दर्ज किया जाएगा। वहीं, प्रो. राणा ने भारत रत्न पं. गोविंद बल्लभ पंत के नाम पर विवि के मेधावी विद्यार्थियों को मेडल देने की दिशा में प्रयास करने की बात कही।
उन्होंने कहा कि विवि की परीक्षा और डिजिटल प्रणाली को व्यवस्थित रखने के साथ ही पूरी पारदर्शिता से काम किया जाएगा। उन्होंने विवि की संपत्ति पर हुए अवैध कब्जों के मामले में कहा कि इसकी पूरी जांच करवाकर निस्तारित करा जाएगा। प्रो. राणा ने कुमाऊं विवि का नाम यूपी और उत्तराखंड के पूर्व सीएम एनडी तिवारी के नाम पर करने को लेकर शासन की ओर से मांगे गए प्रस्ताव पर भी कार्रवाई करने की बात कही है।
उन्होंने विवि में हो रहे शोध कार्यों को गुणवत्ता परक बनाने के साथ ही विवि के संसाधनों में इजाफा करने की बात कही है। इस दौरान कुलसचिव डॉ. महेश कुमार, वित्त अधिकारी दिनेश राणा, परीक्षा नियंत्रक प्रो. संजय पंत, निदेशक शोध प्रो.राजीव उपाध्याय, डीएसबी परिसर निदेश प्रो. एलएम जोशी, प्रो.पद्म एस बिष्ट, प्रो. आरएस जलाल, डॉ. नागेंद्र शर्मा, दुर्गेश डिमरी, विधान चौधरी आदि थे।
विवि प्रशासनिक भवन और डीएसबी परिसर का निरीक्षण किया
कुमाऊं विवि के कार्यवाहक कुलपति प्रो. राणा ने कार्यभार ग्रहण करने के बाद विवि के प्रशासनिक भवन में अधिकारियों के साथ बैठक की। वहीं, प्रशासनिक भवन के विभिन्न अनुभागों के साथ ही डीएसबी परिसर में कार्यालय और विभागों का मुआयना किया।
अतिरिक्त नियुक्तियों पर होगी सख्त कार्रवाई
विवि में हुई कर्मचारियों की अतिरिक्त नियुक्तियों के मामले पर कार्यवाहक कुलपति प्रो.केएस राणा काफी सख्त दिखे। उन्होंने कहा कि नियमों को ताख पर रखकर हुई नियुक्तियों पर कार्रवाई की जाएगी और जिन कर्मचारियों की नियुक्तियां सही हैं, उनको किसी भी प्रकार की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।