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मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना पर कोविड का ग्रहण
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देहरादून। कोरोना प्रभाव के चलते विश्व बैंक वित्त पोषित मेहूंवाला पेयजल क्लस्टर योजना के तय समय पर पूरी होने संशय बढ़ गया है। अभी न तो लाइन बिछाने का काम पूरा हुआ है और न ही ओवरहेड टैंक और ट्यूबवेल का। योजना को दिसंबर 2021 में पूरा होना था, लेकिन डेडलाइन बढ़ाकर मई 2022 कर दी गई है।
मेहूंवाला क्लस्टर योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी। करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगने हैं। इनमें से 15 ट्यूबवेल लगाए जा चुके है। ट्यूबवेल अप्रैल में ही लग गए थे। पांच ट्यूबवेल के लिए जमीन नहीं मिली। दो के लिए तो विभाग ने किसी तरह से जुगाड़ कर लिया, लेकिन अभी भी तीन ट्यूबवेल जमीन के कारण अटके हुए हैं। योजना के तहत 329 किमी की पेयजल लाइन बिछाई जानी है। अभी तक ढाई सौ किमी की लाइन ही बिछाई गई है। छह ओवरहेड टैंक योजना के तहत बनने हैं। अभी तक किसी भी ओवरहेड का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसके बाद लोगों के घरों में मीटर भी लगाए जाने हैं। ऐसे में पांच महीनों में बढ़ते कोरोना के बीच योजना धरातल पर उतर पाएगी इस पर संशय बढ़ गया है।
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मेहूंवाला क्लस्टर योजना की शुरुआत 2019 में की गई थी। करीब डेढ़ लाख लोगों के लिए शुरू की गई इस योजना के तहत क्षेत्र में 20 ट्यूबवेल लगने हैं। इनमें से 15 ट्यूबवेल लगाए जा चुके है। ट्यूबवेल अप्रैल में ही लग गए थे। पांच ट्यूबवेल के लिए जमीन नहीं मिली। दो के लिए तो विभाग ने किसी तरह से जुगाड़ कर लिया, लेकिन अभी भी तीन ट्यूबवेल जमीन के कारण अटके हुए हैं। योजना के तहत 329 किमी की पेयजल लाइन बिछाई जानी है। अभी तक ढाई सौ किमी की लाइन ही बिछाई गई है। छह ओवरहेड टैंक योजना के तहत बनने हैं। अभी तक किसी भी ओवरहेड का निर्माण पूरा नहीं हो पाया है। इसके बाद लोगों के घरों में मीटर भी लगाए जाने हैं। ऐसे में पांच महीनों में बढ़ते कोरोना के बीच योजना धरातल पर उतर पाएगी इस पर संशय बढ़ गया है।
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