उत्तराखंड के इस विश्वविद्यालय की डिग्रियों पर जेल में बंद कुलसचिव का नाम
- पूर्व कुलसचिव का कारनामा, डिग्री को तरसे छात्र
- जेल में बंद आयुर्वेद विवि के पूर्व कुलसचिव मृत्युंजय मिश्रा ने अपने नाम से छपवाईं हजारों डिग्रियां
- विवि से हटाने के बाद अब तक दोबारा नहीं छप पाई डिग्री
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उत्तराखंड आयुर्वेद विवि से परीक्षा पास करने वाले सैकड़ों छात्र एक साल से डिग्री के लिए भटक रहे हैं। लेकिन फॉर्मेट पर जेल में बंद पूर्व कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय मिश्रा का नाम प्रकाशित होने की वजह से विवि, डिग्रियां नहीं दे पा रहा है।
आयुर्वेद विवि में पूर्व कुलसचिव डॉ. मृत्युंजय मिश्रा ने अपने कार्यकाल में एक अलग ही कारनामा किया है। नियम से इतर उन्होंने हजारों डिग्रियों के फॉर्मेट पर अपना नाम बतौर कुलसचिव प्रकाशित करवा दिया। ताकि जब भी डिग्री दी जाए तो उन्हें हस्ताक्षर की जरूरत ही न पड़े। गत वर्ष वह भ्रष्टाचार के एक मामले में जेल चले गए।
बाद में प्रदेश सरकार ने उन्हें विवि से हटाकर उनके मूल विभाग में वापस भेजा। हालांकि वह अब भी जेल में हैं। हजारों डिग्रियों के फॉर्मेट पर उनका नाम प्रकाशित होने की वजह से अब वह डिग्रियां बेकार हो गई हैं। लेकिन विवि एक साल से डिग्री का नया फॉर्मेट नहीं छपवा पा रहा है। विवि की इस लापरवाही से हजारों छात्र-छात्राएं परेशान हैं।
नियमानुसार डिग्री पर केवल कुलसचिव लिखा होता है। उनका नाम नहीं होता। लेकिन, पूर्व कुलसचिव का नाम प्रकाशित होने की वजह से हम छात्रों को डिग्री नहीं दे पा रहे हैं। जल्द नई डिग्री के फॉर्मेट छपवाए जाएंगे।
-सुरेश चौबे, एग्जाम कंट्रोलर, आयुर्वेद विवि