मैं पहाड़ी हूं, मुझे भी चाहिए आरक्षण
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आरक्षण की मांग को लेकर मच रहे उपद्रव पर नाराजगी जता उत्तराखंड अगेंस्ट करप्शन ने इसके विरोध में लैंसडॉन चौक पर प्रदर्शन किया। संगठन ने अनोखे अंदाज में मै पहाड़ी हूं, मुझे भी आरक्षण चाहिए का नारा देकर पहाड़ियों के लिए आरक्षण मांगा।
शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय संयोजक संजय भट्ट ने कहा कि हरियाणा में आरक्षण की मांग को लेकर 35 हजार करोड़ की संपत्ति को जला दिया गया है, यह बेहद ही शर्मनाक है। उन्होंने कहा कि प्रदेश और देश की सरकार उनके आगे बेबस होकर उनकी मांगों को मानने को तैयार हो गई।
सरकार का यह लचीलापन अन्य प्रदेशों के लोगों और अन्य जातियों उग्र आंदोलन कर आरक्षण की मांग करने को प्रेरित करेगा। भट्ट ने कहा कि ऐसे में आज हम भी अपनी अपनी जातियों और क्षेत्र के लिए आरक्षण की मांग करते हैं। संगठन के सचिव ताराचंद गुप्ता ने कहा कि उत्तराखंड एक विषम भौगोलिक परिस्थितियों वाला प्रदेश है। पहाड़ी क्षेत्रों की तरह ही पूर्ण रूप से पिछड़ा हुआ है।
ऐसे में हम मांग करते हैं कि संपूर्ण उत्तराखंड को आरक्षण की परिधि में लाकर यहां निवास करने वाले सभी धर्म व जाति के लोगों को आरक्षण की श्रेणी में शामिल किया जाये। गुप्ता ने कहा कि कुछ लोग आरक्षण की मांग को लेकर सरकारी की करोड़ों रुपये की संपत्ति को जला देते हैं और उन्हें ही आरक्षण दे रही है। जो कि गलत है।
इस अवसर पर सुरेश नेगी, सुशील सैनी, उदयवीर पंवार, महावीर रावत, सुशील त्यागी, हेमंत सिंह भंडारी, जेएस बिष्ट, गंभीर रावत, राजू सिंह, एमएम लखेड़ा, गोपाल जायसवाल, चौधरी आजाद सिंह, रोहित रावत, राकेश कुमार, मो आरिफ, अरुण, विनोद आदि मौजूद रहे।