उत्तराखंड की भाजपा सरकार के 100 दिन पूरे होने पर ये क्या कह गए BJP के मंत्रीजी
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25 जून को उत्तराखंड की त्रिवेंद्र सरकार के 100 दिन पूरे हो रहे हैं। जाहिर तौर पर कसौटी पर मंत्रियों का काम भी है। भाजपा की बाइबिल कहे जाने वाले विजन डाक्यूमेंट को लेकर मंत्री के कितना आगे बढ़ें हैं? सभी मंत्रियों, उनके विभागों में आने वाले आम लोगों और संबंधित मंत्री के विधानसभा क्षेत्र के निवासियों का उनके काम-काज के प्रति क्या नजरिया है ? इस बारे में भाजपा के मंत्रियों से बात की। आज, नगर विकास मंत्री मदन कौशिक और वन, श्रम और आयुर्वेद मंत्री हरक सिंह रावत की बारी है। इस क्रम में 25 जून तक अमर उजाला क्रमश: सभी मंत्रियों और फिर मुख्यमंत्री से अपने पाठकों को रूबरू करवाएगा।
चुनावी वादा, शहरों को चमकाने का इरादा
शहरी विकास और आवास विभाग इस दौरान खूब एक्टिव रहा। उसकी चर्चाएं भी खूब हुईं। सरकार के स्तर पर उठे कदमों से शहरों को चमकाने की मंशा सामने आई। ये बीजेपी सरकार का लोगों से वायदा भी रहा है। केंद्र सरकार खुद शहरों के विकास पर फोकस कर रही है। प्र्रमुख संवाददाता विपिन बनियाल ने 100 दिनों के काम-काज को लेकर विभागीय मंत्री मदन कौशिक, उनसे जुड़े विभाग में आए आम आदमी और उनकी विधानसभा के निवासियों को टटोला। नतीजा क्या रहा, पढ़िए-
विजन डाक्युमेंट में शहरों का विकास
बीजेपी के विजन डाक्युमेंट में शहरों की खास तौर पर चिंता की गई है। शहरों में बुनियादी सुविधाओं की स्थिति को सुधारने की बात बीजेपी करती रही है। विजन डाक्युमेंट में साफ तौर पर कहा गया है कि घनी आबादी और अधिक यातायात वाले क्षेत्रों में ट्रैफिक समस्या के निदान के लिए ठोस काम किया जाएगा। इस क्रम में ऊपरी पुल यानी फ्लाईओवर, पैदल यात्री पुलों, भूमिगत परिपथों आदि का निर्माण किया जाएगा। विजन डाक्युमेंट में शहरी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं के लिए खास तौर पर बात की गई है। कहा गया है कि शहरी झुग्गी-झोपड़ी में रहने वाली महिलाओं के लिए पर्याप्त संख्या में सार्वजनिक शौचालयों का निर्माण कराया जाएगा।
सरकार की उपलब्धियों के दावे
-शहरी विकास एवं आवास विभाग का दावा है कि सौ दिन में शहरों के लिए बहुत से काम हुए हैं।
1-दून और हल्द्वानी शहर में रिंग रोड के निर्माण की प्रक्रिया शुरू हो गई है।
2-राजधानी में साढे़ छह किमी सड़क को मॉडल रोड बनाने के लिए सात करोड़ रुपये जारी कर दिया गया है।
3-इसके अलावा, रियल स्टेट अॅथारिटी बनाने की कवायद शुरू हो गई है। हर शहर के मास्टर प्लान के निर्देश दिए गए हैं।
4- दून में मेट्रो रेल प्रोजेक्ट के काम को रफ्तार दी गई है।
5-राज्य वित्त आयोग की सौ फीसदी सिफारिशें मानी गई हैं, इसके नतीजतन, निकायों को तिगुना बजट इस बार दिया गया है।
6-नए निकायों के गठन और पुरानों में सीमा विस्तार की प्रक्रिया शुरू की गई है।
सौ दिन किसी भी सरकार के लिए बहुत कम होते हैं, लेकिन हमारी सरकार ने शहरी विकास के लिए एक दिशा जरूर दे दी है। पांच साल में शहरों में बेहतर तस्वीर दिखेगी, इसकी गारंटी है। सरकार शहरीकरण को बढ़ावा दे रही है, ताकि आम आदमी को और बेहतर ढंग से बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हो सके। हमारे लिए मुफीद स्थिति ये भी है कि केंद्र की मोदी सरकार शहरी विकास को लेकर पहले से ही एक विजन लेकर ठोस काम कर रही है।
-मदन कौशिक, शहरी विकास और आवास मंत्री
जनता जनार्दन
सरकार बदलने के सौ दिन में नगर निगम में वैसा ही काम हो रहा है, जैसा पहले होता था। कोई बदलाव नहीं। मै पहले भी कई बार काम के सिलसिले में आया था। मुझे कोई खास दिक्कत नहीं हुई। अब अपने बेटे का बर्थ सर्टिफिकेट बनाने के लिए आया हूं। तो उसी तरह से काम हो रहा है।
- अमजद अंसारी, नेशविला रोड
हमारे विधायक और नगर विकास विकास मंत्री मदन कौशिक का तीन महीने का कार्यकाल काफी सकारात्मक और विकास को समर्पित रहा है। जनसमस्याओं के निराकरण को लेकर जिस तरह से शहरी विकास मंत्री समर्पित दिखाई देते हैं, उससे शहर के विकास की और उम्मीदें जगी हैं।
- आलोक शर्मा, हरिद्वार
अभी तक होमवर्क, अब काम होगा शुरू
वन, श्रम एवं आयुष मंत्री हरक सिंह रावत ने अपेक्षाकृत खामोशी से कदम बढ़ाए। हालांकि गढ़वाल और कुमाऊं को जोड़ने वाली कंडी रोड शुरू करने को लेकर वे चर्चा में आए थे। वे इसे बड़ी उपलब्धि भी मानते हैं।
भाजपा ने वन, श्रम और आयुष को लेकर विजन डाक्यूमेंट में अपना संकल्प रखा था। विजन डॉक्यूमेंट, विभागीय काम-काज पर हरक सिंह रावत और आम जनता तक से अमर उजाला के मुख्य संवाददाता विजेंद्र श्रीवास्तव ने बात की। मंत्री कह रहे हैं कि अब योजनाओं को लेकर होमवर्क पूरा हो पाया है, अब सॉलिड वर्क करने की तैयारी है।
विजन डाक्यूमेंट
- आयुर्वेद के माध्यम से मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा दिया जाएगा, मेडिकल रिसॉर्ट बनाना
- वन्यजीवों से छुटकारा दिलाने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं बनाना
- असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले श्रमिकों को बीमा कवर देना
- खनन की सुस्पष्ट नीति को तैयार किया जाना
यह उपलब्धि के दावे
दावे...
- इको टूरिज्म कारपोरेशन बनाया है। कारपोरेशन के अधीन वन विभाग के रेस्ट हाउस रहेेंगे, जहां पर सैलानी रुकेंगे उनको सुबह, शाम योग कराया जाएगा। यहां पर पंचकर्म आदि की व्यवस्था भी होगी। दो से तीन रेस्ट हाउस पर एक बीएमएस डाक्टर को तैनात करेंगे, जो आयुर्वेद के माध्यम से कैसे स्वस्थ रहे, उसकी जानकारी देंगे।
- पिछले साल 400 बंदरों की बंध्याकरण हुआ था, इसका कारण पशु चिकित्सकों की कमी होना। अब 11 पशु चिकित्सकों केा तैनात करेंगे, जिससे बंध्याकरण के काम में तेजी आए। बंध्याकरण का लाभ तीन से चार साल में दिखाई देने लगेगा।
- श्रम विभाग के माध्यम से असंगठित क्षेत्र के ढाई लाख लोगों को बीमा कवर में लाने की कोशिश की जा रही है। इस दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
- पिछली सरकार ने रिवर ट्रेनिंग जैसे काम शुरू कराए थे, इसका उद्देश्य बाढ़ सुरक्षा से ज्यादा खनन था। ऐसी योजनाओं की समीक्षा होगी। वन, वन निगम, खान विभाग की संयुक्त मीटिंग कर खनन को लेकर एक पारदर्शी नीति बनाने की तैयारी है।
नई सरकार है, उसमें कामकाज को समझने और विभागों के अधिकारियों के साथ सामंजस्य बैठाने में समय लगता है। बहरहाल, होमवर्क का फेज पूरा हो गया है। अब धरातल पर काम दिखाई पड़ेंगे। उनसे जुड़े विभागों में जल्द फैसले लिए जा रहे हैं। कंडी मार्ग को एनएच घोषित कराने समेत अन्य कदम उठाए गए हैं। कंडी मार्ग को लेकर विशेष फोकस है। नई सरकार में काम करने में पूरी स्वतंत्रता और सहजता है। कभी सीएम ने किसी काम के लिए रोका-टोका नहीं है।
- हरक सिंह रावत, वन,श्रम व आयुष मंत्री
जनता-जर्नादन
देहराखास के रहने वाले और ई- रिक्शा चालक चेतराम कहते हैं कि किसी ने भी बीमा के लिए कोई संपर्क नहीं किया न ही ऐसी कोई जानकारी दी है, जबकि वह पूरे शहर में ही रिक्शा चलाते रहते हैं। अगर बीमा हो जाए, तो कम से कम उनके परिवार के लिए सुरक्षा हो जाएगी।
बीडीसी सदस्य रवींद्र बिष्ट कहते हैं कि कोटद्वार जिले का निर्माण और लालढांग-चिलरखाल और कोटद्वार-कालागढ़-रामनगर कंडी मार्ग का निर्माण बड़ा चुनावी मुद्दा रहा है। कंडी मार्ग के निर्माण के प्रति पहली कैबिनेट बैठक में सरकार ने प्रतिबद्धता तो दिखाई, लेकिन अभी तक धरातल पर कोई कवायद नजर नहीं आ रही है। जिला निर्माण पर सरकार गंभीर नहीं लग रही है।