हेपेटाइटिस सी से पीड़ित मरीजों के लिए राहत की खबर, यहां अब निशुल्क हो सकेगा पूरा इलाज
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हेपेटाइटिस सी के मरीजों को अब उत्तराखंड के सुशीला तिवारी अस्पताल(एसटीएच) में निशुल्क इलाज मिलेगा। केंद्र सरकार की ओर से यहां मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर नवंबर में शुरू हो जाएगा। पहाड़ से लेकर यूपी तक के मरीज यहां इलाज करा सकेंगे।
हेपेटाइटिस बी और सी खून से या असुरक्षित यौन संबंधों से होने की आशंका रहती है। डब्ल्यूएचओ और केंद्र सरकार के बीच करार हुआ है। इलाज के लिए धनराशि डब्ल्यूएचओ मुहैया कराएगा। एचआईवी, पोलियो और टीबी उन्मूलन के तर्ज पर नेशनल वायरल हेपेटाइटिस कंट्रोल प्रोग्राम चलेगा।
मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर के लिए केंद्र सरकार दो कर्मचारी भी देगी और धनराशि एनएचएम के तहत दी जाएगी। वायरोलॉजी विभाग की प्रमुख डॉ. विनीता रावत और मेडिसिन विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. अशोक सेंट्रल ब्यूरो आफ हेल्थ एजुकेशन में ट्रेनिंग करके आए हैं।
महंगा है हेपेटाइटिस सी का इलाज
डॉ. अशोक ने बताया कि हेपेटाइटिस बी और सी का का इलाज काफी महंगा है। प्रत्येक माह 50 से 100 नए केस हेपेटाइटिस सी के एसटीएच में ओपीडी में आते हैं। पूर्व में प्रति सप्ताह एक इंजेक्शन मरीज को लगता था और इंजेक्शन की कीमत 23 से 24 हजार रुपये थी। इलाज छह माह तक चलता था।
उन्होंने बताया कि सिरोसिस होने पर मरीज 40 से 50 हजार रुपये और बिना सिरोसिस वाले मरीज में 30 से 35 हजार रुपये इलाज पर प्रतिमाह खर्च होते हैं। इसके अलावा जांचों में दस हजार रुपये अतिरिक्त लगते हैं।
डब्ल्यूएचओ और केंद्र सरकार के बीच करार होने के बाद मॉडल ट्रीटमेंट सेंटर एसटीएच में नवंबर में खुलेगा। इसके बाद प्रत्येक जिले में इसकी शाखा खुलेगी। सेंटर खुलने के बाद हेपेटाइटिस पर मेडिकल कॉलेज में बेहतर रिसर्च भी हो सकेगी।
-डॉ. सीपी भैसोड़ा, प्राचार्य, राजकीय मेडिकल कॉलेज