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बर्फबारी के बाद गंगोत्री धाम में 24 साल बाद जमी इतनी बर्फ, 20 साधु-संत भी कर रहे साधना 

Tue, 14 Jan 2020 06:52 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, उत्तरकाशी Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 14 Jan 2020 06:52 PM IST
सार

  • कनखू बैरियर पर ड्यूटी दे रहे वन कर्मी चार दिन बाद पहुंची उत्तरकाशी
  • बताया गंगोत्री क्षेत्र में बीस साधु संत बैठे है साधना में

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Heavy Snow freeze in Gangotri Dham After 24 years, 20 saints doing Austerity
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

गंगोत्री धाम क्षेत्र में इस वर्ष भीषण बर्फबारी में सड़क, बिजली, पानी आदि मूलभूत व्यवस्थाएं ठप होने के साथ ही हाड़ कंपानी वाली ठंड में वन कर्मी कनखू बैरियर पर मुस्तैदी से ड्यूटी पर डटे हैं। क्षेत्र में करीब बीस साधु संत भी साधनारत हैं।

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बर्फ से पटे रास्तों को लांघ कर कनखू बैरियर से चार दिन में उत्तरकाशी मुख्यालय पहुंचे वनकर्मी राजवीर रावत ने बताया कि गंगोत्री में करीब 24 वर्ष बाद चार से पांच फीट बर्फ जमी है। गंगोत्री नेशनल पार्क क्षेत्र में कनखू बैरियर पर तैनात वन विभाग के राजवीर रावत ने बताया कि वे अपने साथियों के साथ 11 जनवरी को कनखू बैरियर से चले थे।
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पहले दिन वह गंगोत्री धाम पहुंचे। अगले दिन भैरोंघाटी और 13 जनवरी को हर्षिल पहुंच पाए। हर्षिल तक सड़क खुलने पर मंगलवार को वे उत्तरकाशी पहुंचे। राजवीर ने बताया कि गंगोत्री से गंगनानी के बीच पांच स्थानों पर हिमखंड गंगोत्री हाईवे में पसरे हैं।

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स्नो लैपर्ड के पैरों के निशान भी दिखाई दिए

बीआरओ ने इन्हें काटकर हाईवे बहाल कर दिया है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1996 के बाद इस बार इतनी भीषण बर्फबारी हुई है। गंगोत्री धाम क्षेत्र में चार से पांच फीट बर्फ जमी है। दिसंबर से ही धाम में विद्युत आपूर्ति एवं संचार सेवाएं ठप हैं।

कनखू बैरियर पर वन विभाग के विजेंद्र, दीपेंद्र, संपूर्णानंद भट्ट और केदार आर्य ड्यूूटी पर डटे हैं। कनखू में गजेंद्र दास महाराज, गंगोत्री धाम में स्वामी रामेश्वरानंद, स्वामी वेदांतानंद आदि करीब बीस साधु साधनारत हैं।

वन कर्मी राजवीर ने बताया कि भोजन की तलाश में भरल, मृगों के झुंड गंगोत्री धाम के नीचे तक विचरण कर रहे हैं। कनखू बैरियर के पास काला भालू भी देखा गया, जबकि स्नो लैपर्ड के पैरों के निशान भी दिखाई दिए हैं।

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