आफत की बारिश: मलबा आने से जौलजीबी-मुनस्यारी सड़क 16 घंटे रही बंद, मोरी में दुकानों में घुसा मलबा
सड़क पर मलबा होने से यातायात पूरी तरह से ठप रहा। नाले का जलस्तर अधिक होने से लोग पैदल भी आवाजाही नहीं कर सके।
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पिथौरागढ़ जिले भर में बुधवार की रात मूसलाधार बारिश हुई जिससे जौलजीबी-मुनस्यारी मोटर मार्ग में मोरी नामक स्थान पर पहाड़ी से मलबा आ गया। इससे सड़क रोखड़ में तब्दील हो गई। सड़क किनारे स्थित दुकानों के भीतर भी मलबा घुस गया। छह परिवारों ने रात में ही सुरक्षित स्थान पर शरण ली। साथ ही मुख्य मोटर मार्ग पर लगभग 16 घंटे तक यातायात ठप रहने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपुलेख सड़क सातवें दिन भी यातायात के लिए नहीं खुल पाई है।
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बंगापानी के मोरी गांव में बुधवार रात लगभग 10 बजे बरसाती नाले में पानी के साथ भारी मात्रा में मलबा आ गया। इससे लगभग 100 मीटर सड़क पूरी तरह से मलबे से पट गई। मलबा सड़क किनारे की दुकानों के शटर को तोड़कर भीतर जा घुसा। इससे पदम सिंह परिहार का टेंट का सामान पूरी तरह से बरबाद हो गया। नाले के रौद्र रूप को देखते हुए रुद्र सिंह, जोहार सिंह, देव सिंह, धरम सिंह, रुक्मणी देवी और खिमुली देवी ने परिवार समेत प्राथमिक स्कूल में जाकर शरण ली।
उधर, सड़क पर मलबा होने से यातायात पूरी तरह से ठप रहा। नाले का जलस्तर अधिक होने से लोग पैदल भी आवाजाही नहीं कर सके। जिला मुख्यालय आने वाले वाहन फंसे रहे। पानी कम होने के बाद लोग दूसरी ओर गए और अन्य वाहनों से गंतव्य को रवाना हुए। बीआरओ ने सड़क पर जमा मलबा हटाने के लिए बृहस्पतिवार की सुबह जेसीबी लगाई। दिन में दो बजे सड़क को वाहनों की आवाजाही के लिए खोला जा सका।
वहीं चीन सीमा को जोड़ने वाली तवाघाट-लिपूलेख सड़क मलघाट में बंद है। पहाड़ी से मलबा लगातार गिरने से आवाजाही ठप पड़ी है। लोग जान जोखिम में डालकर नदी के रास्ते आवागमन कर रहे हैं। एलधार पहाड़ी से मलबा लगातार आने से धारचूला मल्ली बाजार में भी खतरा बना हुआ है। खोतिला गांव में पानी भरने से लोग धारचूला स्टेडियम में शरण लिए हैं। सभी घर अभी पानी से लबालब हैं।
बारिश से बाजारों में सुनसानी, नदी-नालों का जलस्तर बढ़ा
बारिश बुधवार से शुरू हुई और बृहस्पतिवार को भी जारी रही। बारिश के चलते बाजारों में भी सुनसानी रही। गंगोलीहाट, बेड़ीनाग, डीडीहाट, कनालीछीना में मूसलाधार बारिश हुई। अस्कोट क्षेत्र में बारिश के कारण खेती समेट रहे किसान परेशान हैं। रामगंगा, काली, गोरी नदी सहित अन्य नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है।
बंगापानी में बिजली दो दिन से गुल
तहसील मुख्यालय सहित अन्य हिस्सों की बिजली दो दिन से गुल है। बुधवार को दिन में दो बजे बिजली आपूर्ति बंद हो गई थी। बृहस्पतिवार को भी आपूर्ति सुचारु नहीं हो सकी। इसके चलते लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
चंपावत जिले की बंद 12 ग्रामीण सड़कें
धौन-बड़ोली, स्याला-पोथ, धौन-सल्ली, अमोड़ी-छतकोट, चल्थी-नौलापानी, रौसाल-डूगरबोरा, डूगरबोरा-कायल-मटियानी, बगौटी-डूंगरालेटी, बलूटा-पासम, बांकू-सुल्ला पासम, बाराकोट-कोठेरा और बाराकोट-मिर्तोली।