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हरिद्वार महाकुंभ 2021: महाशिवरात्रि पर सात संन्यासी अखाड़ों के साथ किन्नर करेंगे पहला शाही स्नान 

Wed, 10 Mar 2021 06:39 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 10 Mar 2021 06:39 PM IST
सार

  • चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की निगरानी, हरकी पैड़ी क्षेत्र जीरो जोन घोषित, लाखों श्रद्धालु भी लगाएंगे डुबकी
  • हरकी पैड़ी क्षेत्र के सात घाटों को छोड़कर अन्य पर श्रद्धालु तड़के चार से शाम छह बजे तक कर सकेंगे स्नान 
  • बिना पंजीकरण और कोविड निगेटिव रिपोर्ट वाले श्रद्धालुओं पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत होगा केस
     

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Haridwar Kumbh Mela 2021: Kinnar Akhara Will Take First Shahi snan with seven saints Akharas on Mahashivaratri
कुंभ में पहली बार पहुंचा किन्नर अखाड़ा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

फाल्गुन मास की महाशिवरात्रि पर हरिद्वार महाकुंभ का पहला शाही स्नान है। सात संन्यासी अखाड़ों के साथ किन्नर अखाड़े के संत भी हरकी पैड़ी स्थित ब्रह्मकुंड पर शाही स्नान करेंगे। इस दौरान हरकी पैड़ी क्षेत्र जीरो जोन रहेगा। चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री और पुलिस के जवानों की तैनात रहेगी।

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वॉच टावरों और ऊंचे भवनों की छतों से स्नाइपर निगरानी करेंगे। हरकी पैड़ी क्षेत्र के अलावा अन्य घाटों पर लाखों श्रद्धालु भी गंगा में पुण्य की डुबकी लगाएंगे। शुभ मुहूर्त पर स्नान के लिए मंगलवार से ही श्रद्धालुओं का रेला उमड़ना शुरू हो गया है।
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बृहस्पतिवार को पहले शाही स्नान पर श्रीपंच दशनाम जूना, श्री शंभू पंच अग्नि, श्रीपंच दशनाम आह्वान और किन्नर अखाड़े के संत जुलूस की शक्ल में एक साथ हरकी पैड़ी पहुंचेंगे। यहां ब्रह्मकुंड में क्रमवार स्नान करेंगे। इसके बाद पंचायती श्री निरंजनी और श्री तपोनिधि आनंद अखाड़े के संत स्नान करेंगे। तीसरे चरण में श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी और श्री अटल अखाड़े के संत स्नान के लिए ब्रह्मकुंड पहुंचेंगे।

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अखाड़ों की छावनियों से लेकर हरकी पैड़ी पहुंचने के रूट पर कड़ी सुरक्षा होगी। हजारों की संख्या में साधु-संत और नागाओं को देखने व आशीर्वाद लेने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ेगी। अखाड़ों के आचार्य महामंडलेश्वर और महामंडलेश्वर रथों पर सवार होंगे जबकि संत पैदल चलेंगे। शाही स्नान के लिए जिला एवं मेला पुलिस-प्रशासन ने सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। कड़े सुरक्षा प्रबंध करते हुए ड्यूटी लगाई गई है।

हरकी पैड़ी को जीरो जोन घोषित किया गया

हरकी पैड़ी को जीरो जोन घोषित किया गया है। चप्पे-चप्पे पर पैरामिलिट्री और पुलिस बल के साथ बम निरोधक दस्ता, डॉग स्क्वाड, जल पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। हरकी पैड़ी क्षेत्र को छोड़कर अन्य घाटों पर लाखों की संख्या में श्रद्धालु भी डुबकी लगाएंगे।

दस लाख से अधिक श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। श्रद्धालुओं के लिए मेला पोर्टल पर पंजीकरण के साथ 72 घंटे पहले की कोविड निगेटिव रिपोर्ट लाने की अनिवार्यता है। मंगलवार सुबह से ही श्रद्धालुओं का हरिद्वार पहुंचना शुरू हो गया।

हरिद्वार में 72 घाट हैं। इनमें हरकी पैड़ी क्षेत्र के सात घाट छोड़कर अन्य घाटों पर श्रद्धालु तड़के चार से शाम छह बजे तक डुबकी लगा सकेंगे। श्रद्धालुओं को मास्क पहनने के साथ शारीरिक दूरी का पालन करना होगा। जिले के बॉर्डर और मेला क्षेत्र में कोरोना जांच के लिए रैंडम सैंपलिंग भी होगी। बिना पंजीकरण और कोविड निगेटिव रिपोर्ट नहीं मिलने पर आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा। एसओपी का उल्लंघन करने वाले श्रद्धालुओं का चालान किया जाएगा।

श्रीमहंत हरि गिरि नहीं कर पाएंगे शाही स्नान

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के महामंत्री एवं जूना अखाड़े के संरक्षक श्रीमहंत हरि गिरि संन्यासियों के साथ महाकुंभ का पहला शाही स्नान नहीं कर पाएंगे। स्नान की तैयारियां पूरी करवाने के बाद वह महाशिवरात्रि मनाने गुजरात के जूनागढ़ पहुंच गए हैं।

हरिद्वार महाकुंभ की अधिसूचना एक अप्रैल से प्रभावी होगी, लेकिन संन्यासी अखाड़े का सबसे बड़ा स्नान पर्व महाशिवरात्रि है। कुंभ की अवधि कम होने पर अखाड़ों ने पुरजोर विरोध किया, लेकिन श्रीमहंत हरि गिरि ने अखाड़ों और सरकार के बीच मतभेद दूर करने में भूमिका निभाई। इसके बाद ही 11 मार्च के महाशिवरात्रि पर शाही स्नान के लिए मेला प्रशासन और सरकार की ओर से व्यवस्थाएं दुरुस्त की गईं।

हरि गिरि ने बताया कि जूनागढ़ के भवनाथ स्थित गृगी कुंड में प्राचीनकाल से नागा संन्यासियों का रात 12 बजे शाही स्नान होता है। इसे मिनी कुंभ भी कहा जाता है। वह भाननाथ मंदिर के प्रबंधक हैं। लिहाजा, व्यवस्था संचालन के लिए वह जूनागढ़ आए हैं। 14 मार्च को हरिद्वार पहुंच जाएंगे। 

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