Hanol Temple: जागड़ा मेले के शुभारंभ पर बोले पर्यटन मंत्री- मास्टर प्लान में जनसहयोग से चमकेगा जौनसार
मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि जागड़ा पर्व को राजकीय मेला घोषित करने के बाद से सरकार महासू देवता मंदिरों को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।
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राजकीय मेले जागड़ा पर हनोल मंदिर पहुंचे पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री सतपाल महाराज ने कहा कि मास्टर प्लान के तहत 120 करोड़ रुपये के बजट से हनोल मंदिर, बाशिक महासू मंदिर और पवासी महासू मंदिर को विकसित किया जाएगा। कहा कि मंदिरों के विकसित होने के क्षेत्र में धार्मिक पर्यटक बढ़ेगा। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर होटल और होमस्टे खुलेंगे। इससे स्थानीय लोगों रोजगार मिलेगा। कहा कि यह तभी संभव है जब सभी सकारात्मक सोच के साथ मास्टर प्लान को धरातल पर उतारने में जनसहयोग होगा।
पर्यटन एवं धर्मस्व मंत्री ने कहा कि चकराता क्षेत्र में सरकार की ओर से लोक निर्माण, सिंचाई, लघु सिंचाई, पर्यटक और पंचायती राज विभाग के माध्यम से करोड़ों रुपये के विकास कार्य किए गए। कहा कि हनोल मंदिर आते समय उन्होंने कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर भूस्खलन जोन जजरेड को देखा था। वहां पर पुल का निर्माण किया जाएगा। कहा कि जागड़ा पर्व को राजकीय मेला घोषित करने के बाद से सरकार महासू देवता मंदिरों को विकसित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। बताया कि जागड़ा का लाइव टेलीकास्ट करवाया गया। इससे श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ी है। उन्होंने कहा कि मंदिर में श्रद्धालुओं के लिए दो समय के भोजन की व्यवस्था होनी चाहिए।
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रेल के रूप में पहाड़ में आ रही लक्ष्मी
सतपाल महाराज ने कहा कि जौनसार बावर भी महाभारत की घटनाओं से आच्छादित क्षेत्र है। यहां लाक्षागृह के रूप में लाखामंडल का उल्लेख मिलता है। लाक्षागृह से बाहर आने के लिए पांडवों की ओर प्रयोग की गई सुरंग भी यहां है। लाखामंडल को भी महाभारत सर्किट में शामिल किया जाएगा। उन्होंंने कहा कि केंद्रीय रेल राज्य मंत्री थे तो उन्होंने पहाड़ तक रेल पहुंचाने की योजना बनाई थी। कहा कि आज ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेल परियोजना से पहाड़ तक रेल पहुंच रही है। कहा कि रेल के रूप में पहाड़ में लक्ष्मी आ रही है।
सतपाल महाराज ने कहा कि हमें पहाड़ के पारंपरिक व्यंजनों को बढ़ावा देना चाहिए। बताया कि जौनसार में पर्व पर बनाया जाने वाला असके पांडवों के समय का व्यंजन है। कहा कि हमें श्रद्धालुओं और पर्यटकों को भी असके परोसना चाहिए। झंगोरे की खीर को विशिष्ट व्यंजन के रूप में पहचान मिल रही। कहा कि लोग पहले मंडुवा नहीं खाते थे, बोलते थे यह काला अनाज है, लेकिन आज मंडुवा घर-घर में खाया जा रहा है। कहा कि पर्यटन को बढ़ाएं, अतिथि सत्कार को बढ़ाएं, यही हमारी पहचान है। कहा कि हमें आगे बढ़ने का मौका मिल रहा है। हमारे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी कहते हैं कि अपने क्षेत्र का विकास करें। अंत में सतपाल महाराज ने कहा कि हनोल से कोई गंगा निकलनी चाहिए, मेरे सीने में नहीं तो तेरे सीने में सही, हो कहीं भी आग, लेकिन आग जलनी चाहिए।