{"_id":"5efdb41800c5977c5379917e","slug":"guerrillas-said-uttarakhand-government-should-deploy-in-the-border-areas","type":"story","status":"publish","title_hn":"गुरिल्लों को कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना देते 3900 दिन हुए पूरे, कहा- सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात करे सरकार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
गुरिल्लों को कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना देते 3900 दिन हुए पूरे, कहा- सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनात करे सरकार
Thu, 02 Jul 2020 03:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, अल्मोड़ा
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Thu, 02 Jul 2020 03:47 PM IST
विज्ञापन
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
एसएसबी स्वयं सेवक कल्याण समिति के बैनर तले गुरिल्लों को नौकरी, पेंशन और अन्य सुविधाएं देने की मांग लेकर कलक्ट्रेट प्रांगण में धरना देते हुए 3900 दिन पूरे हो गए हैं। गुरिल्लों ने प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर गुरिल्लों को सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती देने की मांग की है, ताकि देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा में वह योगदान दे सकें।
विज्ञापन
गुरिल्लों का कहना है कि चीन अपनी विस्तारवादी नीति के चलते भारतीय सीमा में घुसपैठ कर रहा है। पाकिस्तान भी सीमा पर लगातार गोली बारी और आतंकी घुसपैठ बढ़ा रहा है। नेपाल और बांग्लादेश जैसे हमारे पड़ोसी देश भारत के खिलाफ गतिविधियों में संलग्न है। इस स्थिति में सरकार को छापामार युद्ध में प्रशिक्षित गुरिल्लों का उपयोग सीमावर्ती इलाकों में बाह्य और आंतरिक सुरक्षा में किया जाना देशहित में जरूरी हो गया है।
विज्ञापन
ऐसे ही विषम परिस्थितियों से निपटने के लिए 1962 के भारत चीन युद्ध में मिले सबक के बाद सीमावर्ती इलाकों में गुरिल्लों को प्रशिक्षण दिया गया था। बाद में युद्ध की स्थिति न होने कारण प्रशिक्षित गुरिल्लों का उपयोग नहीं हो पाया। देश के सीमावर्ती राज्यों में इस समय भी एक लाख प्रशिक्षित गुरिल्ले हैं जो स्थानीय भौगोलिक स्थितियों में काम कर सकते हैं।
विज्ञापन
गुरिल्लों द्वारा सेना को सहयोग, सेना के अनुपस्थिति में दुश्मन से युद्ध करने, दुश्मन को रोके रखने, खुफिया नजर रखने के साथ-साथ आंतरिक शांति और सुरक्षा व्यवस्था का कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि सरकार देश की सुरक्षा के लिए गुरिल्लों को सीमावर्ती क्षेत्रों में तैनाती दे। बाद में इस संबंध में अपर जिलाधिकारी बीएस फिरमाल के माध्यम से प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। धरने में केंद्रीय अध्यक्ष ब्रहमानंद डालाकोटी, जिलाध्यक्ष शिवराज बनौला, अर्जुन सिंह नैनवाल, खड़क सिंह पिलख्वाल, गोपाल सिंह राणा, आनंदी महरा आदि बैठे।