अब निजी मेडिकल स्टोर से भी मरीज निशुल्क खरीद सकेंगे दवा, सरकार शुरू करने जा रही नई व्यवस्था
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सरकारी अस्पतालों के मरीजों के लिए सरकार अब नई व्यवस्था शुरू करने जा रही है। प्रदेश में अटल आयुष्मान योजना में नि:शुल्क इलाज की सुविधा मुहैया कराने के लिए अस्पतालों की तर्ज पर अब मेडिकल स्टोर और लैब भी सूचीबद्घ किए जाएंगे। स्वास्थ्य विभाग जल्द ही ई-टेंडर के माध्यम से इन्हें सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इससे यह फायदा होगा कि जो दवाइयां व जांच की सुविधा सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध नहीं है, उन्हें सूचीबद्घ मेडिकल स्टोर और लैब से नि:शुल्क हासिल किया जा सकेगा।
आयुष्मान योजना के तहत प्रदेश में सेवारत कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए 26 दिसंबर से कैशलेस इलाज की सुविधा शुरू की जा रही है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। प्रदेश के करीब तीन लाख से अधिक कर्मचारियों और पेंशनरों को आयुष्मान योजना में मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी।
अभी तक यह तय नहीं था कि सरकारी अस्पतालों में दवाइयां और विभिन्न जांच की उपलब्ध न होने पर कर्मचारियों को किस तरह फायदा दिया जाए। शुक्रवार को स्वास्थ्य महानिदेशक डा. टीसी पंत की अध्यक्षता में हुई आयुष्मान योजना की बैठक में निर्णय लिया गया कि निजी मेडिकल स्टोर व लैब को भी योजना में सूचीबद्घ किया जाएगा। जल्द ही इसके लिए ई-टेंडर की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
मॉनीटरिंग के लिए बनेगी द्विस्तरीय समिति
प्रदेश में योजना को ट्रस्ट मोड पर चलाने करने के लिए सोसायटी का पंजीकरण कर दिया गया। सोसायटी का संचालन करने को द्विस्तरीय समिति गठित की जाएगी। योजना क्रियान्वयन में दिशा-निर्देश के लिए प्रमुख सचिव की अध्यक्षता में गर्वनिंग बॉडी शीर्ष संस्था के रूप में काम करेगी। जबकि कार्यकारिणी समिति योजना का संचालन सुनिश्चित करेगी। सोसायटी द्वारा योजना संचालन राज्य हेल्थ एजेंसी(एसएचए) के सहयोग से किया जाएगा।
आयुष्मान मित्रों की होगी तैनाती
योजना को संचालित करने के लिए राजकीय चिकित्सालयों में आयुष्मान मित्रों को तैनात किया जाएगा। इनका मुख्य काम योजना के तहत भर्ती मरीजों का सहयोग और क्लेम प्रक्रिया में मदद करना होगा। आयुष्मान मित्रों को प्रति माह पांच हजार रुपये मानदेय दिया जाएगा। इसके साथ मरीज की क्लेम प्रक्रिया पूरी करने पर 50 रुपये प्रति मरीज प्रोत्साहन अलग से मिलेगा। प्रदेश के सभी जिला अस्पताल, उप जिला चिकित्सालय, बेस चिकित्सालय, संयुक्त चिकित्सालय, राजकीय मेडिकल कॉलेज, सीएचसी, पीएचसी स्तर पर आयुष्मान मित्र रखे जाएंगे।
अस्पताल में जो दवाइयां और जांच उपलब्ध नहीं होंगे। उनके लिए आयुष्मान योजना में निजी मेडिकल स्टोर व लैब को पैनल में शामिल किया जाएगा। ताकि कर्मचारियों व पेंशनरों को आसानी से दवाइयां व जांच की सुविधा मिल सके। ई-टेंडर के माध्यम निविदाएं मांगी जाएंगी। इसके बाद सूचीबद्ध किया जाएगा।
-डा. टीसी महंत, महानिदेशक, स्वास्थ्य विभाग