बर्फीले और पथरीले रास्ते पर 19 किमी. पैदल चलकर घायल को पहुंचाया अस्पताल
- डुमक गांव में पेड़ से घायल हो गया था व्यक्ति
- गांव में सड़क सुविधा न होने पर ग्रामीणों ने दिखाया हौंसला
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उर्गम घाटी के डुमक गांव में पेड़ से गिरकर एक व्यक्ति घायल हो गया। गांव में सड़क न होने पर ग्रामीण उसे दंडी के सहारे कंधे पर बर्फीले और पथरीले रास्ते पर 19 किमी पैदल चलकर सड़क तक लाए। इसके बाद उसे वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि क्षेत्र में न तो सड़क सुविधा है और न ही नजदीक कोई अस्पताल है।
शनिवार को डुमक निवासी बचन सिंह सनवाल (57) गांव के पास जंगल में चारा पत्ती काटने पेड़ पर चढ़ा था। पैर फिसलने पर वह पेड़ से नीचे गिर गया और खाई में गिरकर घायल हो गया। ग्रामीण उसे खाई से निकालकर घर ले आए लेकिन उसकी तबियत ज्यादा खराब होने लगी।
दुनिया से कटे रहते हैं हम
गांव में कोई अस्पताल और सड़क न होने के कारण ग्रामीणों ने घायल को दंडी के सहारे गोपेश्वर अस्पताल ले जाने का निर्णय लिया। इसके बाद ग्रामीण उसे डंडी में कंधे के सहारे 19 किमी पैदल चलकर सड़क तक लेकर आए। इसके बाद घायल को वाहन से अस्पताल पहुंचाया गया। ग्रामीणों ने कहा कि पूरा रास्ता पथरीला और बर्फ से भरा होने के चलते काफी खतरनाक बना है।
बचन सिंह को अस्पताल लाने वाले ग्रामीण लक्ष्मण सिंह सनवाल, राकेश सनवाल, रामकिशेर भंडारी, आनंद सिंह सनवाल, मनोज सनवाल, सोबन सिंह आदि का कहना है कि सड़क सुविधा न होने से हम दुनिया से कटे रहते हैं। यहां डुमक, कलगोठ, किमाणा, पल्ला जखोला सहित आसपास के गांव का जीवन काफी कष्टकारी है। क्षेत्र में सड़क के लिए कई बार जनप्रतिनिधियों से लेकर अधिकारियों तक मांग कर चुके हैं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती।