फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   good news for primary teachers in uttarakhand

उत्तराखंड: चार हजार औपबंधिक प्राथमिक शिक्षकों को राहत, इस फैसले को मिली सैद्धांतिक मंजूरी

Tue, 29 Jan 2019 10:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 29 Jan 2019 10:20 AM IST
विज्ञापन
good news for primary teachers in uttarakhand
अनिल बलूनी - फोटो : AmarUjala

प्रदेश के करीब चार हजार औपबंधिक प्राथमिक शिक्षकों को राहत मिल गई है। 31 मार्च 2019 से पहले अधिमान अहर्ता हासिल करने से चूके शिक्षकों को इसके लिए दो साल का अतिरिक्त समय दिए जाने के फैसले को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।

विज्ञापन


राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के अनुरोध पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस पर सहमति जताई है। प्रदेश सरकार ने 2015 में कोर्ट के आदेश के बाद करीब चार हजार शिक्षकों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी थी। इन शिक्षकों ने बीटीसी व डीएलएड किया था।
विज्ञापन


इसी दौरान एनसीटीई ने इन शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने के निर्देश दिए। इसके विरोध में कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए। सिंगल बैंच से उनके खिलाफ आदेश आया।

विज्ञापन
विज्ञापन

इस पर शिक्षा मित्रों ने डबल बैंच में अपील की। डबल बैंच ने अंतरिम आदेश सुरक्षित रखते हुए राज्य सरकार को डीएलएड व बीटीसी प्रशिक्षितों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति देने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने जनवरी 2015 में सभी शिक्षा मित्रों को औपबंधिक सहायक अध्यापक पद पर प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति दी।

10 अगस्त 2017 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पत्र जारी कर 31 मार्च 2015 से पहले सभी कार्यरत शिक्षकों को, जिनके पास अधिमान अर्हता पूरी नहीं थी, अहर्ता प्राप्त करने के लिए 31 मार्च 2019 तक का समय दिया। इसी बीच 23 अगस्त 2017 को हाईकोर्ट ने सभी शिक्षा मित्रों के लिए टीईटी की अनिवार्यता की शर्त रख दी। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने छूट का जो पत्र जारी किया है, उसकी अधिसूचना नहीं दी गई है।

इस फैसले से 31 मार्च 2019 के बाद सभी कार्यरत औपबंधिक सहायक अध्यापकों एवं योग्यता पूरी न करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त मान ली जाएगी। कुछ समय पूर्व औपबंधिक प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से मुलाकात कर इससे राहत दिलाने की मांग की थी। 

शिक्षा मित्रों को भी फायदा

इस फैसले से औपबंधिक नियुक्ति न पाने वाले करीब 900 शिक्षा मित्रों को भी राहत मिलेगी। उनके पास भी अधिमान अहर्ता हासिल करने के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय रहेगा। इसमें से ज्यादातर शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं। 

गढ़वाल विवि को जल्द मिलेगा स्थाई कुलपति
अनिल बलूनी ने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में पिछले एक वर्ष से स्थाई कुलपति न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इसके चलते शिक्षकों की पदोन्नति समेत अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दे लटके हुए हैं। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जल्द स्थाई कुलपति की नियुुक्ति का आश्वासन दिया।

हरिद्वार में बनेगा छात्रावास

उन्होंने हरिद्वार संस्कृत महाविद्यालय में छात्रों के लिए छात्रावास बनाने की भी मांग की। उन्होंने कहा कि महाविद्यालय में दूरस्थ क्षेत्रों के करीब 600 छात्र अध्ययनरत हैं। छात्रावास न होने से उन्हें दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। केंद्रीय मंत्री ने छात्रावास निर्माण पर भी सहमति व्यक्त की। 

केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने असर व त्रिपुरा की तर्ज पर प्रदेश के औपबंधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय देने पर सहमति व्यक्त की है। दो वर्ष का अतिरिक्त समय मिलने से शिक्षक आवश्यक अधिमान अहर्ता पूरी कर सकेंगे। 
- अनिल बलूनी, राज्यसभा सांसद
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed