उत्तराखंड: चार हजार औपबंधिक प्राथमिक शिक्षकों को राहत, इस फैसले को मिली सैद्धांतिक मंजूरी
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प्रदेश के करीब चार हजार औपबंधिक प्राथमिक शिक्षकों को राहत मिल गई है। 31 मार्च 2019 से पहले अधिमान अहर्ता हासिल करने से चूके शिक्षकों को इसके लिए दो साल का अतिरिक्त समय दिए जाने के फैसले को सैद्धांतिक मंजूरी मिल गई है।
राज्यसभा सांसद व भाजपा के राष्ट्रीय मीडिया प्रमुख अनिल बलूनी के अनुरोध पर केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने इस पर सहमति जताई है। प्रदेश सरकार ने 2015 में कोर्ट के आदेश के बाद करीब चार हजार शिक्षकों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति दी थी। इन शिक्षकों ने बीटीसी व डीएलएड किया था।
इसी दौरान एनसीटीई ने इन शिक्षकों को टीईटी से मुक्त रखने के निर्देश दिए। इसके विरोध में कुछ शिक्षक हाईकोर्ट चले गए। सिंगल बैंच से उनके खिलाफ आदेश आया।
इस पर शिक्षा मित्रों ने डबल बैंच में अपील की। डबल बैंच ने अंतरिम आदेश सुरक्षित रखते हुए राज्य सरकार को डीएलएड व बीटीसी प्रशिक्षितों को सहायक अध्यापक के रूप में नियुक्ति देने के निर्देश दिए। राज्य सरकार ने जनवरी 2015 में सभी शिक्षा मित्रों को औपबंधिक सहायक अध्यापक पद पर प्राथमिक विद्यालयों में नियुक्ति दी।
10 अगस्त 2017 को मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने पत्र जारी कर 31 मार्च 2015 से पहले सभी कार्यरत शिक्षकों को, जिनके पास अधिमान अर्हता पूरी नहीं थी, अहर्ता प्राप्त करने के लिए 31 मार्च 2019 तक का समय दिया। इसी बीच 23 अगस्त 2017 को हाईकोर्ट ने सभी शिक्षा मित्रों के लिए टीईटी की अनिवार्यता की शर्त रख दी। कोर्ट ने कहा कि एनसीटीई ने छूट का जो पत्र जारी किया है, उसकी अधिसूचना नहीं दी गई है।
इस फैसले से 31 मार्च 2019 के बाद सभी कार्यरत औपबंधिक सहायक अध्यापकों एवं योग्यता पूरी न करने वाले शिक्षकों की सेवा समाप्त मान ली जाएगी। कुछ समय पूर्व औपबंधिक प्राथमिक शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी के नेतृत्व में राज्यसभा सांसद अनिल बलूनी से मुलाकात कर इससे राहत दिलाने की मांग की थी।
शिक्षा मित्रों को भी फायदा
इस फैसले से औपबंधिक नियुक्ति न पाने वाले करीब 900 शिक्षा मित्रों को भी राहत मिलेगी। उनके पास भी अधिमान अहर्ता हासिल करने के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय रहेगा। इसमें से ज्यादातर शिक्षक टीईटी उत्तीर्ण नहीं कर पाए हैं।
गढ़वाल विवि को जल्द मिलेगा स्थाई कुलपति
अनिल बलूनी ने गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय में पिछले एक वर्ष से स्थाई कुलपति न होने का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि इसके चलते शिक्षकों की पदोन्नति समेत अन्य कई महत्वपूर्ण मुद्दे लटके हुए हैं। इस पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने जल्द स्थाई कुलपति की नियुुक्ति का आश्वासन दिया।
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केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर ने असर व त्रिपुरा की तर्ज पर प्रदेश के औपबंधिक शिक्षकों को प्रशिक्षण के लिए दो वर्ष का अतिरिक्त समय देने पर सहमति व्यक्त की है। दो वर्ष का अतिरिक्त समय मिलने से शिक्षक आवश्यक अधिमान अहर्ता पूरी कर सकेंगे।
- अनिल बलूनी, राज्यसभा सांसद