सरकारी भूमि के पट्टाधारकों को मिलेगा सर्किल रेट पर जमीन अपने नाम कराने का मौका
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सरकारी भूमि पर काबिज पट्टाधारकों को विनियमितीकरण का मौका मिलेगा। इसको लेकर सरकार की ओर से पट्टाधारकों को जमीन अपने नाम कराने का मौका दिया जाएगा। इसको लेकर जल्द ही शासनादेश जारी किए जाने की संभावना है।
हरीश रावत के नेतृत्व वाली सरकार ने भी पिछले साल इसको लेकर आदेश जारी किया था, लेकिन विनियमितीकरण का कार्य पूरा नहीं हो पाया था। पट्टाधारकों को जमीन अपने नाम कराने के लिए जुलाई 2017 तक का मौका दिया गया था, जिसकी समय सीमा समाप्त हो चुकी है। अब सरकार विनियमितीकरण की शर्तों में कुछ संशोधन कर पट्टाधारकों को जमीन अपने नाम कराने का मौका दे सकती है।
प्रदेश के सभी जनपदों में कई ऐसे पट्टाधारक हैं जो सरकारी भूमि पर काबिज हैं। ऐसी जमीन से सरकार को कोई राजस्व नहीं मिल रहा है। इसको देखते हुए सरकार ने योजना बनाई थी कि पट्टाधारकों को सर्किल रेट के आधार पर जमीन उनके नाम पर की जाए, लेकिन अधिकांश पट्टाधारकों ने इस योजना में रुचि नहीं दिखाई।
शासन के सूत्रों के मुताबिक पूर्व में जो आदेश जारी हुआ था, उसमें कुछ कमियां थीं। इस वजह से वर्ग चार की जमीन के पट्टाधारकों ने इसमें रुचि नहीं दिखाई। राजस्व विभाग की ओर से इस संबंध में नया प्रस्ताव बनाया गया है। प्रस्ताव पर सहमति लेने के लिए इसे न्याय, वित्त और विधायी विभाग को भेजा गया है। इन विभागों की सहमति मिलने के बाद इस प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी के लिए लाया जाएगा।