14 वर्षीय बालिका ने बताया अपनी मां की बर्बरता का सच और घर जाने कर दिया इनकार
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‘मेरी मां मुझे बर्बरता से पीटती है, मुझे खाना भी नहीं दिया जाता, छोटी बहन भी अच्छा व्यवहार नहीं करती, वह लगातार धमकाती रहती है, अब मैं अपनी मां और बहन के साथ नहीं रह सकती’। बालिका निकेतन भेजी गई 14 वर्षीय बालिका ने बाल कल्याण समिति के सामने यह बयान देते हुए अपने घर जाने से साफ इनकार कर दिया।
पुलिस अधीक्षक अजय सिंह के प्रयासों से इस बालिका को उसकी निर्दयी मां के चंगुल से बचाया गया है। बालिका की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ मारपीट और किशोर न्याय अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया है। एसपी ने बताया कि विगत 10 फरवरी को अगस्त्यमुनि में पुलिस-पब्लिक चौपाल के दौरान किसी व्यक्ति ने उनसे शिकायत की थी कि विजयनगर में एक महिला द्वारा अपनी नाबालिग पुत्री का लंबे समय से उत्पीड़न किया जा रहा है। उसके साथ मारपीट भी की जाती है।
बालिका की गुहार पर उसे बालिका निकेतन भेज दिया गया
मामले की जांच के बाद 27 फरवरी को बालिका और उसकी मां को बाल कल्याण समिति के सामने पेश किया गया। पीड़ित बालिका ने बताया कि उसकी मां कई वर्षों से उसका उत्पीड़न कर रही है, उसे बर्बरता से पीटती है, इसलिए वह अपने घर नहीं जाना चाहती। बालिका की गुहार पर उसे बालिका निकेतन भेज दिया गया है। बताया गया है कि बालिका का पिता दिल्ली में प्राइवेट नौकरी करता है। उसकी छोटी बहन दस साल की है। मां के साथ ही बहन का बर्ताव भी उसके साथ ठीक नहीं है। बालिका के उत्पीड़न का यह मामला डेढ़ वर्ष पहले भी अगस्त्यमुनि थाना पुलिस के सामने आया था।
तब बालिका के पिता के आश्वासन पर मामला शांत हो गया था, लेकिन बालिका के साथ उसकी मां का व्यवहार फिर भी नहीं बदला। पुलिस अधीक्षक ने कहा है कि मामले में बालिका के पिता को बुलाया गया था, लेकिन वह नहीं पहुंचा। पुलिस मामले का बारीकी से परीक्षण कर रही है, बालिका की सुरक्षा के लिए हरसंभव कार्रवाई की जाएगी।