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हरिद्वार: जिला जेल में गैंगवार, दो गुटों के बीच खूनी संघर्ष, कैदी को धारदार हथियार से गोदा

Sun, 07 Jun 2020 08:40 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 07 Jun 2020 08:40 PM IST
सार

  • दो गुटों में चली आ रही तनातनी शनिवार को खूनी संघर्ष में तब्दील
  • कई और कैदी भी घायल, जेल के अस्पताल में ही चल रहा इलाज

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Gang war in haridwar district jail, One Prisoner Badly Injured during bloody clash between two factions
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर

विस्तार

हरिद्वार जिला कारागार में कैदियों के दो गुटों के बीच चली आ रही तनातनी शनिवार देर शाम खूनी संघर्ष में तब्दील हो गई। एक कैदी ने दूसरे को धारदार हथियार से बुरी तरह गोद दिया। गैंगवार से जेल कैंपस में अफरातफरी मच गई।

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दोनों ही गुटों में जमकर लात घूंसे चले। खूनी संघर्ष में कई कैदी घायल हो गए। सभी का जेल कैंपस के अस्पताल में इलाज चल रहा है। वर्ष 2014 में लक्सर के खनन कारोबारी हत्याकांड के मामले में अरुण कुमार और बालिस्टर समेत कई लोग आजीवन कारावास की सजा काट रहे है। इधर, मंगलौर क्षेत्र का रहने वाला योगेश भी दोहरे हत्याकांड में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
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दोनों गुटों के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी चली आ रही थी। कई बार कहासुनी, गालीगलौज और हाथापाई भी हुई। शनिवार को सो रहे कैदी अरुण पर योगेश ने किसी नुकीले एवं धारदार हथियार से हमला बोल दिया। सूत्रों के अनुसार, अरुण पर 15 से अधिक वार किए।

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दोनों पक्षों के बीच जमकर हुई मारपीट

अरुण के चीखने चिल्लाने पर उसके साथी भी मौके पर आ गए और योगेश गुट भी एकत्र हो गया। देखते ही देखते जेल कैंपस में दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। मारपीट से जेल प्रशासन के हाथ पांव फूल गए। आननफानन में पहुंचे जेल अधिकारियों ने दोनों गुटों को अलग किया और घायल अरुण को जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया।

जेल में अचानक हुई इस गैंगवार से कई सवाल खड़े हो गए हैं। दोनों गुटों में रंजिश बढ़ने की बात से भी इनकार नहीं कर सकते हैं। उधर, जेलर एसएम सिंह का कहना है कि जख्मी कैदी का उपचार किया जा रहा है। इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए जेल प्रशासन पूरी तरह से अलर्ट है।

बिना अधीक्षक चल रही जेल
प्रदेश की सबसे महत्वपूर्ण हरिद्वार जेल बिना अधीक्षक के ही चल रही है। कई माह पूर्व एडीजी जेल पीवीके प्रसाद ने जेल अधीक्षक अशोक कुमार को देहरादून अटैच कर दिया था। तभी से जेल की जिम्मेदारी जेलर एसएम सिंह ही संभाल रहे है, लेकिन जेल अधीक्षक की तैनाती नहीं की गई है।

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