रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना की आड़ में राज्य सरकार एक बार फिर नदियों के किनारे सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों पर मेहरबान हो गई है। अवैध कब्जा करने वालों को पहले ही औने-पौने दाम में मालिकाना हक देने का फैसला कर चुकी सरकार अब उन्हें सब्सिडी पर फ्लैट देने की तैयारी कर रही है। खास बात यह है कि यह सब्सिडी बेघरों को आवास मुहैया कराने के लिए केंद्र सरकार से मिली धनराशि से दी जाएगी। इसके तहत कब्जेधारकों को पांच लाख का फ्लैट सिर्फ साढ़े तीन लाख में दिया जाएगा।
सरकारी जमीन कब्जाने वालों को उत्तराखंड सरकार का खास ऑफर
राजधानी देहरादून में रिस्पना और बिंदला नदियों के दोनों किनारों पर बड़ी संख्या में लोगों ने कब्जा किया हुआ है। यह ज्यादातर जमीन सिंचाई समेत अन्य विभागों की है। ज्यादातर स्थानों पर स्थानीय नेताओं ने ही अवैध रूप से बस्तियां बसाई हैं। कुछ समय पहले ही सरकार पांच सौ से अधिक बस्तियों को मालिकाना हक देने की घोषणा कर चुकी है। वहीं अब रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत कब्जेधारकों पर एक बार फिर मेहरबानी करने की तैयारी है।
सरकार ने पहले ट्रांसपोर्ट नगर और आमवाला तरला में बन रहे इकोनोमिकल वीकर सेक्शन (ईडब्ल्यूएस) व लोअर इनकम ग्रुप (एलआईजी) फ्लैट देने की योजना तैयार की। एलआईजी को दस लाख और ईडब्ल्यूएस को पांच लाख में फ्लैट दिए जाने थे।सरकार ने केंद्र सरकार की हाउसिंग फॉर ऑल योजना के तहत आवेदन किया, जिसमें पहली किस्त के रूप में केंद्र ने 1,38,57,730 रुपये की धनराशि जारी की है। इस राशि से बेघरों के लिए आवास बनाए जाने हैं। लेकिन, राज्य सरकार इस धनराशि से अवैध कब्जेधारकों को ईडब्ल्यूएस फ्लैट पर डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी देने की तैयारी में है।
आमवाला तरला में इडब्ल्यूएस के 240 व एलआईजी के 80 फ्लैट बनेंगे। वहीं ट्रांसपोर्ट नगर में इडब्ल्यूएस के 224 व एलआईजी के 144 फ्लैट बनेंगे। योजना में नदी से 50 मीटर दूरी तक वालों को शामिल किया जाएगा। सब्सिडी का लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिलेगा, जो हाउसिंग फॉर ऑल स्कीम के पात्र होंगे।
रिवर फ्रंट डेवलपमेंट योजना के तहत नदियों के किनारे खाली होने वाली जमीन में भी फ्लैट बनाए जाएंगे। इसमें भी नदियों के किनारे से हटाए जाने वाले लोगों को पुर्नवासित करने की योजना है।
केंद्र सरकार ने अफोर्डेबल हाउसिंग प्रोजेक्ट के अन्तर्गत स्वीकृत दो डीपीआर की पहली किस्त के रूप में एक करोड़ 38 लाख से अधिक की धनराशि अवमुक्त की है। इससे इकोनोमिकल वीकर सेक्शन को फ्लैट पर डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी मिल सकेगी।
- आर मीनाक्षी सुंदरम, उपाध्यक्ष, एमडीडीए