फॉरेस्ट गार्ड भर्ती विवाद: दूसरे दिन भी धरने पर डटे बेरोजगार, कई प्रदर्शनकारी पुलिस हिरासत में
- रैली निकाल सचिवालय का करेंगे घेराव
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
फारेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने समेत अन्य मांगों को लेकर सचिवालय के पास अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल कर रहे बेरोजगारों को पुलिस ने जबरन हटा दिया। विरोध होने पर पुलिस ने करीब 30 प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया। हालांकि, बाद में उन्हें पुलिस लाइन ले जाकर छोड़ दिया गया। कार्रवाई के दौरान प्रदर्शनकारियों और पुलिसकर्मियाें के बीच नोकझोंक और धक्कामुक्की भी हुई। बाद में प्रदर्शनकारियों ने परेड मैदान में धरना शुरू कर दिया।
बता दें कि पूरे प्रदेश से देहरादून पहुंचे हजाराें बेरोजगार फारेस्ट गार्ड भर्ती को निरस्त करने, पिटकुल, यूपीसीएल में जेई के खाली पड़े 252 पदों पर भर्ती, अपर निजी सचिव की मुख्य परीक्षा से वंचित 2043 अभ्यर्थियोें को दोबारा शामिल करने, लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग का हर साल वार्षिक कलेेंडर जारी करने समेत कई मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं।
मंगलवार को प्रदर्शनकारी पूरी रात भारी बारिश के बीच सचिवालय के पास धरने पर बैठे रहे। बेरोजगारों की मुख्यमंत्री के विशेष कार्याधिकारी, सिटी मजिस्ट्रेट व एसपी सिटी से वार्ता हुई लेकिन बात नहीं बनी। बेरोजगार मुख्यमंत्री से वार्ता की मांग पर अड़े रहे। लेकिन उनकी मुख्यमंत्री से वार्ता नहीं हो पाई। आंदोलनकारी बेरोजगारों कमलेश भट्ट, बाबी पंवार, दीपक डोभाल, संदीप कंडारी, सुनील डोभाल, सुशील कैंतुरा, अर्जुन शर्मा, धनवीर कैंतुरा, अनुज सिंह, कमल सिंह रावत, विनोद तोमर, दीपक मेहरा का साफ शब्दों में कह दिया है कि जब तक मुख्यमंत्री उनकी बातों को नहीं सुनेंगे। उनका आंदोलन जारी रहेगा।
परीक्षा के चलते हटा दिया माइक
प्रदर्शनकारी बेरोजगारों ने सेंट जोजेफ स्कूल में सीबीएसई बोर्ड की परीक्षा दे रहे छात्रों की समस्या को देखते हुए शोरगुल से परहेज किया। प्रदर्शनकारियों ने माइक का भी इस्तेमाल नहीं किया। प्रदर्शनकारी कमलेश भट्ट, बाबी पंवार ने कहा कि छात्रों को परेशानी न हो, इसके लिए माइक बंद करा दिया गया।
बारिश में धरने पर बैठे रहे, कई हुए बीमार
मांगोें को लेकर प्रदर्शनकारी धरनास्थल पर पूरी रात भारी बारिश के बीच भूखे प्यासे धरने पर बैठे रहे। हालांकि, सिटी मजिस्ट्रेट अनुराधा पाल, एसपी सिटी श्वेता चौबे, कोतवाल मणिभूषण श्रीवास्तव ने उन्हें समझाने की कोशिश की। लेकिन प्रदर्शनकारी अपनी मांगाें को लेकर अडे़ रहे। भारी बारिश के बीच पूरी रात धरने पर बैठने की वजह से कई प्रदर्शनकारी बीमार भी हो गए।
सड़क किनारे दिया धरना
सचिवालय के पास सड़क पर बीचोबीच धरने पर बैठे प्रदर्शनकारियाें ने पुलिस के अनुरोध पर सड़क के एक तरफ धरना प्रदर्शन किया। जिसके चलते सुभाष रोड पर आवाजाही शुरू की जा सकी। प्रदर्शनकारी बेरोजगारों ने कहा कि वे शांतिपूर्वक आंदोलन करना चाहते हैं। उनकी मंशा लोगों को परेशान करने की नहीं है।
मुस्तैद रही पुलिस, ड्रोन कैमरों से हुई निगरानी
बेरोजगारों की रैली के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए पुलिस मुस्तैद रही। डीआईजी अरुण मोहन जोशी के निर्देश पर दो सीओ व कई कोतवालों की अगुवाई में भारी पुलिस बल को तैनात किया गया था। वहीं एसडीआरएफ के विशेषज्ञों की टीम ने रैली की निगरानी ड्रोन कैमरों से भी की।
पुलिस के पक्ष में की नारेबाजी
आंदोलन के दौरान जहां बेरोजगारों ने सरकार, मुख्यमंत्री, वन मंत्री, आयोग अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक के खिलाफ नारेबाजी की। वहीं सुरक्षा के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों, पुलिसकर्मियों के पक्ष में नारेबाजी की। बेरोजगार पुलिस प्रशासन जिंदाबाद के नारे लगाए।
आंदोलित बेरोजगारों की प्रमुख मांगें
- फॉरेस्ट गार्ड भर्ती परीक्षा निरस्त करने के साथ ही 100 दिन के भीतर दोबारा परीक्षा कराई जाए।
- अधीनस्थ सेवा आयोग अध्यक्ष, सचिव, परीक्षा नियंत्रक से इस्तीफा लिया जाए।
- प्रदेश में विभिन्न विभागों में खाली 18000 पदों पर जल्द भर्ती की जाए।
- पिटकुल, यूपीसीएल में जेई के खाली पड़े 252 पदों पर हुई भर्ती परीक्षा जल्द कराई जाए।
- अपर निजी सचिव की मुख्य परीक्षा से वंचित 2043 अभ्यर्थियोें को शामिल किया जाए।
- टेक्नीशियन ग्रेेड-टू, एलटी व डाटा इंट्री आपरेटर भर्ती परीक्षा में हुई धांधली की जांच जल्द पूरी कराई जाए।
- लोक सेवा आयोग, अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से हर साल वार्षिक कलेेंडर जारी किया जाए।