उत्कल एक्सप्रेस में मिले पांच लावारिस बच्चे, आगरा से हरिद्वार जाने के लिए हुए थे रवाना
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पुरी से हरिद्वार आने वाली उत्कल एक्सप्रेस में जीआरपी ने पांच लावारिस बच्चों को बरामद किया है। पहले जीआरपी ने बच्चों के बताए गए पते पर संपर्क किया, लेकिन उनकी आवास संबंधी जानकारी न मिल पाने के कारण बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर के हवाले कर दिया।
पिरान कलियर में उर्स का मेला चल रहा है। मेले को लेकर रेलवे स्टेशन पर जीआरपी और आरपीएफ के जवान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तैनात है। जो रेलवे स्टेशन पर आने-जाने वाली ट्रेनों को चेक कर रहे हैं।
इसी के तहत सोमवार को भी जीआरपी और आरपीएफ के जवान स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग कर कर रहे थे। चेकिंग के दौरान उत्कल एक्सप्रेस में एक बालिका समेत पांच बच्चे जीआरपी और आरपीएफ को मिल गए। पूछताछ में वह अपना पता नहीं बता सके। जीआरपी के जवान बच्चों को चौकी पर लेकर आ गई। यहां बच्चों ने बताया कि वह आगरा रेलवे स्टेशन से हरिद्वार जा रहे थे।
पांचों उत्कल एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में खिड़की के पास बैठ कर सफर कर रहे थे। ट्रेन में सफर कर रहे यात्रियों ने बच्चों से पूछा कि उनको कहां पर जाना है और उनके साथ में कौन है? लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बताया।
रुड़की रेलवे स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो यात्रियों ने मामले की जानकारी पुलिस को दी। पुलिस मौके पर पहुंच कर बच्चों को कब्जे में लेकर चौकी पर ले आई। जीआरपी को बच्चों ने बताया कि वे सभी आगरा के निवासी हैं।
जीआरपी चौकी प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि आगरा रेलवे स्टेशन पर जीआरपी से संपर्क किया गया था। लेकिन आगरा जीआरपी को बच्चों के परिवार के संबंध में जानकारी नहीं मिल सकी। उन्होंने बताया कि पांचों बच्चों को चाइल्ड वेलफेयर को सौंप दिया गया है।