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Dehradun News: आखिर मिल गया घोषित इनाम, अब तक कागजों तक रहता था सीमित
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इनामी बदमाशों को पकड़ने पर पुलिसकर्मियों को आखिरकार यह इनाम मिल गया। अब तक इनाम कागजों तक सीमित था। पुरस्कार वितरण के लिए पहली बार समारोह आयोजित हुआ।
समारोह में प्रदेश के नौ बड़ी आपराधिक घटनाओं का खुलासा करने और इनामी बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीमों को नकद पुरस्कार दिए गए। इन टीमों के 69 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। डीजीपी अशोक कुमार ने इन सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दीं।
बतादें कि यह पहली बार है जब बदमाशों पर घोषित इनाम को वितरित किया गया है। इससे पहले यह सब इनाम घोषित तो होते थे, लेकिन दिए किसी को नहीं जाते थे। यानी ये इनाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहते थे। तीन साल पहले पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग की सहमति से इस तरह के इनामों को वितरित करने का प्रस्ताव रखा गया था। ताकि, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ सके।
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इन मामलों में दिए गए पुरस्कार
- 14 जून 2015 को लक्सर में ट्रेन में हुई डकैती की घटना में फरार आरोपी नंदू निवासी अहमदगढ़, शामली को एसटीएफ उत्तर प्रदेश के इंस्पेक्टर सचिन कुमार के साथ मिलकर पांच मई 2023 को पकड़ा गया। संयुक्त टीम के 14 पुलिसकर्मियों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
- आठ जून 2021 में पिथौरागढ़ के जाजरदेवल में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों को ठगा गया। मुख्य आरोपी ललित पुनेठा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस आरोपी को गत 10 जनवरी 2023 को एसआई प्रकाश चंद पांडे की टीम ने पकड़ा। यह इनाम सात लोगों को दिया गया।
- 15 अक्तूबर 2022 को डोईवाला में मंत्री के भाई के घर डकैती हुई। इसमें मेहरबान उर्फ बावला निवासी खालापार फरार हो गया, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया। यह इनाम तत्कालीन इंस्पेक्टर डोईवाला रहे राजेश साह और उनकी टीम के सात सदस्यों में वितरित किया गया।
- 14 अगस्त 2017 को कोतवाली मसूरी में दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया। आरोपी जयकरन भगत तब से फरार चल रहा था। 50 हजार रुपये के इनामी जयकरण को इंस्पेक्टर दिग्पाल कोहली, एसआई शोएब अली और कांस्टेबल जन्मेजय राणा ने 30 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। तीनों को यह 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
- एक जनवरी 2020 से रायवाला में गैंगस्टर का आरोपी जोगिंदर फरार चल रहा था। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। आरोपी को इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राणा और एसआई उमेश कुमार की टीम ने 14 जून 2023 को गिरफ्तार किया था। यह इनाम इस टीम के आठ सदस्यों में वितरित किया गया।
- 25 अक्तूबर 2022 को हुई हत्या में आरोपी खुशकरण निवासी खजुरिया रामपुर फरार चल रहा था। उसे इंस्पेक्टर महेंद्र पाल सिंह की टीम ने पांच जनवरी 2023 को पंजाब से गिरफ्तार किया। आरोपी पर घोषित 25 हजार रुपये का इनाम टीम के छह सदस्यों को दिया गया।
- 16 अक्तूबर 2022 को हरिद्वार के लक्सर में हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से संबंधित आरोपी फुरकान निवासी लंढौर को इंस्पेक्टर अबुल कलाम, एसआई याजवेंद्र बाजवा और दिलबर सिहं नेगी की टीम ने गिरफ्तार किया। यह पुरस्कार टीम के नौ सदस्यों को दिया गया।
- 21 दिसंबर 2019 को हरिद्वार के कोतवाली गंगनहर में हत्या हुई। आरोपी वसीम निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। एसआई उमेश कुमार और कांस्टेबल चमन कुमार की टीम ने उसे 16 जून 2022 को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से दबोचा। यह पुरस्कार इस टीम के पांच सदस्यों को दिया गया।
- 14 जुलाई 2007 को हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में दुष्कर्म और हत्या कर आरोपी विनोद कुमार निवासी टांडा शाहुवाला, बिजनौर फरार हो गया। 16 वर्ष बाद आरोपी को बढ़ापुर, बिजनौर से इंस्पेक्टर यशपाल बिष्ट, एसआई विपिन बहुगुणा और नरोत्तम बिष्ट की टीम ने गिरफ्तार किया। उस पर घोषित 25 हजार रुपये का इनाम इस टीम को दिया गया।
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समारोह में प्रदेश के नौ बड़ी आपराधिक घटनाओं का खुलासा करने और इनामी बदमाशों को पकड़ने वाली पुलिस टीमों को नकद पुरस्कार दिए गए। इन टीमों के 69 पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को पांच लाख रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया। डीजीपी अशोक कुमार ने इन सभी पुलिसकर्मियों को बधाई दीं।
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बतादें कि यह पहली बार है जब बदमाशों पर घोषित इनाम को वितरित किया गया है। इससे पहले यह सब इनाम घोषित तो होते थे, लेकिन दिए किसी को नहीं जाते थे। यानी ये इनाम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रहते थे। तीन साल पहले पुलिस मुख्यालय और गृह विभाग की सहमति से इस तरह के इनामों को वितरित करने का प्रस्ताव रखा गया था। ताकि, पुलिसकर्मियों और अधिकारियों का मनोबल बढ़ सके।
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इन मामलों में दिए गए पुरस्कार
- 14 जून 2015 को लक्सर में ट्रेन में हुई डकैती की घटना में फरार आरोपी नंदू निवासी अहमदगढ़, शामली को एसटीएफ उत्तर प्रदेश के इंस्पेक्टर सचिन कुमार के साथ मिलकर पांच मई 2023 को पकड़ा गया। संयुक्त टीम के 14 पुलिसकर्मियों को 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
- आठ जून 2021 में पिथौरागढ़ के जाजरदेवल में शेयर मार्केट में निवेश के नाम पर लोगों को ठगा गया। मुख्य आरोपी ललित पुनेठा पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। इस आरोपी को गत 10 जनवरी 2023 को एसआई प्रकाश चंद पांडे की टीम ने पकड़ा। यह इनाम सात लोगों को दिया गया।
- 15 अक्तूबर 2022 को डोईवाला में मंत्री के भाई के घर डकैती हुई। इसमें मेहरबान उर्फ बावला निवासी खालापार फरार हो गया, जिस पर एक लाख रुपये का इनाम रखा गया। यह इनाम तत्कालीन इंस्पेक्टर डोईवाला रहे राजेश साह और उनकी टीम के सात सदस्यों में वितरित किया गया।
- 14 अगस्त 2017 को कोतवाली मसूरी में दुष्कर्म और हत्या का मामला सामने आया। आरोपी जयकरन भगत तब से फरार चल रहा था। 50 हजार रुपये के इनामी जयकरण को इंस्पेक्टर दिग्पाल कोहली, एसआई शोएब अली और कांस्टेबल जन्मेजय राणा ने 30 मार्च 2023 को गिरफ्तार किया। तीनों को यह 50 हजार रुपये का पुरस्कार दिया गया।
- एक जनवरी 2020 से रायवाला में गैंगस्टर का आरोपी जोगिंदर फरार चल रहा था। उस पर पुलिस ने 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया। आरोपी को इंस्पेक्टर प्रदीप कुमार राणा और एसआई उमेश कुमार की टीम ने 14 जून 2023 को गिरफ्तार किया था। यह इनाम इस टीम के आठ सदस्यों में वितरित किया गया।
- 25 अक्तूबर 2022 को हुई हत्या में आरोपी खुशकरण निवासी खजुरिया रामपुर फरार चल रहा था। उसे इंस्पेक्टर महेंद्र पाल सिंह की टीम ने पांच जनवरी 2023 को पंजाब से गिरफ्तार किया। आरोपी पर घोषित 25 हजार रुपये का इनाम टीम के छह सदस्यों को दिया गया।
- 16 अक्तूबर 2022 को हरिद्वार के लक्सर में हत्या के प्रयास और धोखाधड़ी से संबंधित आरोपी फुरकान निवासी लंढौर को इंस्पेक्टर अबुल कलाम, एसआई याजवेंद्र बाजवा और दिलबर सिहं नेगी की टीम ने गिरफ्तार किया। यह पुरस्कार टीम के नौ सदस्यों को दिया गया।
- 21 दिसंबर 2019 को हरिद्वार के कोतवाली गंगनहर में हत्या हुई। आरोपी वसीम निवासी खालापार, मुजफ्फरनगर फरार चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम था। एसआई उमेश कुमार और कांस्टेबल चमन कुमार की टीम ने उसे 16 जून 2022 को आंध्रप्रदेश के विजयवाड़ा से दबोचा। यह पुरस्कार इस टीम के पांच सदस्यों को दिया गया।
- 14 जुलाई 2007 को हरिद्वार के लक्सर क्षेत्र में दुष्कर्म और हत्या कर आरोपी विनोद कुमार निवासी टांडा शाहुवाला, बिजनौर फरार हो गया। 16 वर्ष बाद आरोपी को बढ़ापुर, बिजनौर से इंस्पेक्टर यशपाल बिष्ट, एसआई विपिन बहुगुणा और नरोत्तम बिष्ट की टीम ने गिरफ्तार किया। उस पर घोषित 25 हजार रुपये का इनाम इस टीम को दिया गया।