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एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड के प्रत्येक जिले में बनेगा निर्यात केंद्र, भेजा जाएगा एक-एक विशेष उत्पाद 

Sun, 06 Dec 2020 10:14 AM IST
अलका त्यागी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 06 Dec 2020 10:14 AM IST
सार

  • निर्यात हब विकसित करने के लिए जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति ने बनाया प्लान
  • देश के कुल निर्यात में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 0.48 प्रतिशत 

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Exclusive: Export centers to be set up in every district of Uttarakhand
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर

विस्तार

उत्तराखंड के हर जिले से एक विशेष उत्पाद का निर्यात किया जाएगा। इसके लिए प्रत्येक जिले में निर्यात हब बनाया जाएगा। जिला स्तरीय निर्यात एवं प्रोत्साहन समिति ने निर्यात हब विकसित करने के लिए योजना और रणनीति तैयार कर ली है। वर्तमान में देश के कुल निर्यात में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 0.48 प्रतिशत है। 

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घरेलू विनिर्माण और निर्यात को बढ़ाने देने के लिए राज्यों को प्रत्येक जिला स्तर निर्यात हब विकसित करने का विजन दिया है। प्रदेश सरकार ने इस दिशा में जिला निर्यात प्रोत्साहन समितियों का गठन कर निर्यात हब बनाने की योजना बना दी है।
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इसके लिए हर जिले में विशेष स्थानीय उत्पादों को निर्यात के लिए चयनित किया गया है। वहीं, जिला स्तर पर उत्पाद की उपलब्धता, विनिर्माण के लिए बुनियादी ढांचा व अवस्थापना विकास की योजना बनाई गई है। 

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प्रदेश में वर्ष वार निर्यात की स्थिति

वर्ष                           निर्यात (करोड़ रुपये में)
2011-12                    3530
2012-13                    6071
2013-14                    6782
2014-15                    8509
2015-16                    7350
2016-17                    6011
2017-18                    10837
2018-19                    16285
2019-20                    16971

इन उत्पादों का निर्यात करने की योजना

अल्मोड़ा में अचार, प्राकृतिक रेशे, ताम्र शिल्प, बागेश्वर में ऑर्गेनिक ऊन, चंपावत में लौह बर्तन, डेयरी उत्पाद, उत्तरकाशी में सेब, चमोली में मछली व जड़ी-बूटी, देहरादून में मक्का उत्पाद, फार्मा, हरिद्वार में गन्ना उत्पाद, ऑटोमोबाइल, फार्मा, नैनीताल में ऐपण  शिल्प, पौड़ी में काष्ठ शिल्प, मल्टी ग्रेन, पिथौरागढ़ में कार्पेट, रुद्रप्रयाग में शहद, जड़ी बूटी, टिहरी में मसाला, ऊधमसिंह नगर में बेकरी उत्पादन, चावल, मैंथा का निर्यात बढ़ाया जाएगा। 

प्रदेश के सभी जिलों में स्थानीय उत्पादों का निर्यात बढ़ाने के लिए निर्यात हब बनाने की योजना तैयार की गई है। हर जिले में एक उत्पाद को निर्यात के लिए चयनित किया गया। वर्तमान में उत्तराखंड निर्यात में देश का 19वां राज्य है। देश के कुल निर्यात में उत्तराखंड की हिस्सेदारी 0.48 प्रतिशत है।
- सुधीर चंद्र नौटियाल, निदेशक, उद्योग विभाग 

उत्तराखंड में प्राकृतिक और स्थानीय उत्पादों के निर्यात की काफी संभावना हैं, लेकिन समस्या है कि यहां के उत्पादों को कच्चे माल के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। इससे तैयार उत्पाद प्रोसेसिंग करने के बाद फिर से प्रदेश में आते हैं। निर्यात बढ़ाने के लिए प्रोसेसिंग पर ज्यादा फोकस करना होगा। इससे प्रदेश से स्थानीय उत्पादों का निर्यात बढ़ेगा।
- विपुल डावर, उपाध्यक्ष सीआईआई 

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