फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Exclusive: 11-year wait to end, automated fitness testing will begin soon

एक्सक्लूसिव : खत्म होगा 11 साल का इंतजार, जल्द शुरू होगा ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग का काम

Sat, 28 Nov 2020 02:47 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून
आफताब अजमत, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 28 Nov 2020 02:47 PM IST
विज्ञापन
Exclusive: 11-year wait to end, automated fitness testing will begin soon

पहाड़ों पर चलने वाले वाहनों की फिटनेस को आसान बनाने वाली ऑटोमेटेड फिटनेस टेस्टिंग (एएफटी) लेन के लिए 11 साल का इंतजार जल्द खत्म हो सकता है। ऑटोमेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया को मंडी समिति की ओर से संशोधित प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिसके बाद इसका बजट जारी हो जाएगा। करीब 20 करोड़ की लागत से हरिद्वार और हल्द्वानी में दो-दो टेस्टिंग लेन बननी हैं, जिसके लिए केंद्र सरकार करीब 16 करोड़ और राज्य सरकार करीब चार करोड़ का बजट देगी। 

विज्ञापन


करीब 11 साल पहले फिटनेस टेस्टिंग लेन के निर्माण के लिए तीन करोड़ का बजट स्वीकृत किया गया था। 11 साल में यह लेन नहीं बन पाई। हालांकि, इसके लिए बजट बढ़कर 20 करोड़ पर पहुंच चुका है। पहले केंद्र की योजना के तहत प्रदेश में केवल एक जगह लेन बननी थी लेकिन अब यह दो जगह हरिद्वार और हल्द्वानी में बननी है।
विज्ञापन


परिवहन विभाग की ओर से इसके लिए जमीन भी चिन्ह्ति की जा चुकी है। इसकी जिम्मेदारी मंडी समिति को सौंपी गई थी। मंडी समिति ने रिसोर्स एजेंसी ऑटामेटिव रिसर्च एसोसिएशन ऑफ इंडिया, एआरएआई पुणे को इसका प्रस्ताव बनाकर भेजा था। एआरएआई ने इसमें कुछ संशोधन करने को कहा था। 
विज्ञापन
विज्ञापन


अब परिवहन सचिव शैलेश बगोली ने इस पर जोर दिया तो मंडी समिति की ओर से नया प्रस्ताव एआरएआई को भेजा जाएगा। इस प्रस्ताव के आधार पर ही योजना का बजट जारी किया जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि नए साल में प्रदेश में फिटनेस टेस्टिंग लेन तैयार हो जाएंगी। 

मशीनों से जांची जाएगी फिटनेस, जारी होगा प्रमाणपत्र 

ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन में वाहनों की फिटनेस अत्याधुनिक मशीनों से जांची जाएगी। इसके लिए अधिकारियों को अलग से मशक्कत नहीं करनी पड़ेगी। चूंकि उत्तराखंड में वाहनों की संख्या कम है, इसलिए एक शहर के बजाय दो शहरों में यह लेन तैयार की जाएंगी।

अभी आंखों से ही होती है फिटनेस 

वाहनों की फिटनेस जांचने के लिए विभाग के पास अभी बहुत अधिक उपकरण नहीं हैं। तकनीकी अधिकारी वाहनों के फौरी निरीक्षण कर इनको फिट अथवा अनफिट करार देते हैं। तकनीकी अधिकारियों के परीक्षण को ही आधार बनाते हुए फिटनेस प्रमाणपत्र जारी होते हैं। 

यात्रा के दौरान हजारों वाहनों की फिटनेस 

चारधाम यात्रा के दौरान वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र की जरूरत होती है। ऐसे में परिवहन विभाग के विभिन्न कार्यालयों में प्रतिदिन सैकड़ों वाहनों को फिटनेस जांच प्रमाणपत्र दिया जाता है। जब यात्री जल्दबाजी में हो तो समझा जा सकता है कि यह फिटनेस किस प्रकार होती होगी। 


ऑटोमेटेड टेस्टिंग लेन के प्रस्ताव में कुछ कमियां थीं, जिसे दूर किया जा रहा है। इसके बाद ही इसका काम शुरू हो जाएगा। उम्मीद की जा रही है कि जल्द ही प्रदेश में दो टेस्टिंग लेन तैयार हो जाएंगी। शासन स्तर से भी इस दिशा में तेजी से प्रयास किए जा रहे हैं। 
- एसके सिंह, उप परिवहन आयुक्त

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed