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पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं का पीडब्ल्यूडी मुख्यालय पर प्रदर्शन
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सहस्रधारा को जाने वाली सड़क के चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों काटने के विरोध में पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय पर प्रदर्शन कर जमकर नारेबाजी की। विरोध करने वालोें ने कहा कि विकास के नाम पर हजारों पेड़ों का काटा जाना किसी भी सूरत में उचित नहीं है। इसका सीधा असर पर्यावरण पर पड़ेगा।
सिटीजन फार ग्रीन दून, पराशक्ति, इको ग्रुप, फ्रेंड्स आफ दून और संयुक्त नागरिक मंच समेत दर्जनभर संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ जहां सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों को काटा जा रहा, वहीं, विरोध के बावजूद किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। धरना प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना चाहा, लेकिन कोई अफसर नहीं मिला। इसको लेकर भी पदाधिकारियों ने रोष जताया। इसके बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता लौट आए। पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को दोबारा पीडब्ल्यूडी अफसरों से मुलाकात कर अपनी बात उठाएंगे।
धरना प्रदर्शन कर रहे पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने एक दिन पूर्व पेड़ों के काटे जाने का पुरजोर विरोध करते हुए पेड़ों पर माला भी चढ़ाई थी। उससे पूर्व पर्यावरणविदों, कार्यकर्ताओं ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प भी लिया था। इतना ही नहीं पिछले दिनों जब वन विकास निगम की ओर से पेड़ों का कटान शुरू किया गया तो भी पुरजोर विरोध किया गया था। हालांकि, फिलहाल पक्षियों के घोंसले वाले 13 पेड़ों के कटान पर रोक लगा दी गई है।
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सिटीजन फार ग्रीन दून, पराशक्ति, इको ग्रुप, फ्रेंड्स आफ दून और संयुक्त नागरिक मंच समेत दर्जनभर संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि एक तरफ जहां सड़क चौड़ीकरण के नाम पर हजारों पेड़ों को काटा जा रहा, वहीं, विरोध के बावजूद किसी स्तर पर सुनवाई नहीं हो रही है। धरना प्रदर्शन के बाद पदाधिकारियों ने पीडब्ल्यूडी अधिकारियों को ज्ञापन सौंपना चाहा, लेकिन कोई अफसर नहीं मिला। इसको लेकर भी पदाधिकारियों ने रोष जताया। इसके बाद पदाधिकारी और कार्यकर्ता लौट आए। पदाधिकारियों ने कहा कि मंगलवार को दोबारा पीडब्ल्यूडी अफसरों से मुलाकात कर अपनी बात उठाएंगे।
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धरना प्रदर्शन कर रहे पर्यावरणविदों, सामाजिक संगठनों के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने एक दिन पूर्व पेड़ों के काटे जाने का पुरजोर विरोध करते हुए पेड़ों पर माला भी चढ़ाई थी। उससे पूर्व पर्यावरणविदों, कार्यकर्ताओं ने पेड़ों को रक्षासूत्र बांधकर रक्षा का संकल्प भी लिया था। इतना ही नहीं पिछले दिनों जब वन विकास निगम की ओर से पेड़ों का कटान शुरू किया गया तो भी पुरजोर विरोध किया गया था। हालांकि, फिलहाल पक्षियों के घोंसले वाले 13 पेड़ों के कटान पर रोक लगा दी गई है।
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