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शिक्षा विभाग: एक महीने में खाली पदों को भरना विभाग के लिए चुनौती, 6000 शिक्षकों की होनी है नियुक्ति
Mon, 04 Apr 2022 04:35 PM IST
रेनू सकलानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Mon, 04 Apr 2022 04:35 PM IST
सार
शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के 998 और प्रधानाध्यापकों के 525 पद खाली हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक और माध्यमिक का पद खाली चल रहा है।
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teacher shimla
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को एक महीने के भीतर विभाग में सभी खाली पदों को भरने के निर्देश दिए हैं। विभाग में शिक्षकों के 6000 और प्रधानाचार्य एवं अधिकारियों के 1547 पद खाली हैं। इन पदों को इतने कम समय में भरना विभाग के लिए चुनौती बना है।
शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के 998 और प्रधानाध्यापकों के 525 पद खाली हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक और माध्यमिक का पद खाली चल रहा है। जबकि उत्तरकाशी में मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, हरिद्वार में मुख्य शिक्षा अधिकारी, टिहरी में डीईओ बेसिक और माध्यमिक, पौड़ी में बीईओ बेसिक सहित प्रदेश भर में अधिकारियों के 24 से अधिक पद खाली हैं।
स्थिति यह है कि चंपावत जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारी न होने पर जिला पर्यटन अधिकारी को सीईओ की जिम्मेदारी दे दी गई थी। अधिकारियों के पद खाली होने से विभागीय कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि विभाग में अधिकारियों को इधर से उधर कर उनके जिलों में खाली पदों को भरा जा सकता है, लेकिन शिक्षकों के खाली पदों को इतने कम समय में भरना विभाग के लिए आसान नहीं है। वह भी तब जबकि सहायक अध्यापक एलटी एवं बेसिक शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया कानूनी दांव पेंच में उलझी हुई है।
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शिक्षा विभाग में प्रधानाचार्यों के 998 और प्रधानाध्यापकों के 525 पद खाली हैं। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले में जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक और माध्यमिक का पद खाली चल रहा है। जबकि उत्तरकाशी में मुख्य शिक्षा अधिकारी एवं जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक, हरिद्वार में मुख्य शिक्षा अधिकारी, टिहरी में डीईओ बेसिक और माध्यमिक, पौड़ी में बीईओ बेसिक सहित प्रदेश भर में अधिकारियों के 24 से अधिक पद खाली हैं।
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स्थिति यह है कि चंपावत जिले में शिक्षा विभाग के अधिकारी न होने पर जिला पर्यटन अधिकारी को सीईओ की जिम्मेदारी दे दी गई थी। अधिकारियों के पद खाली होने से विभागीय कार्य बुरी तरह से प्रभावित हो रहे हैं। हालांकि विभाग में अधिकारियों को इधर से उधर कर उनके जिलों में खाली पदों को भरा जा सकता है, लेकिन शिक्षकों के खाली पदों को इतने कम समय में भरना विभाग के लिए आसान नहीं है। वह भी तब जबकि सहायक अध्यापक एलटी एवं बेसिक शिक्षकों की भर्ती की प्रक्रिया कानूनी दांव पेंच में उलझी हुई है।
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शिक्षा विभाग में सभी खाली पदों को एक महीने के भीतर भरने के निर्देश दिए गए हैं। अधिकारियों के खाली पदों को जल्द भरा जाएगा। स्कूलों में जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। -डॉ. धन सिंह रावत, शिक्षा मंत्री