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दुबई एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप: उत्तराखंड की बेटी निकिता ने बॉक्सिंग में जीता गोल्ड मेडल

Mon, 30 Aug 2021 09:39 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मूनााकोट(पिथौरागढ़)
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मूनााकोट(पिथौरागढ़) Published by: अलका त्यागी Updated Mon, 30 Aug 2021 09:39 PM IST
सार

बाक्सिंग प्रतियोगिता में 60 किग्रा वेट वर्ग में गोल्ड मेडल जीतने वाली निकिता चंद ने हरियाणा के सोनीपत में हुई राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता में भी स्वर्ण पदक जीता था।

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Dubai Asian Boxing Competition: Uttarakhand Girl  Nikita won gold medal in boxing
निकिता चंद - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

उत्तराखंड के किसान की बेटी निकिता चंद ने दुबई में चल रही एशियन जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड जीतकर अपने देश के साथ प्रदेश का नाम भी रोशन किया है। निकिता ने 60 किलो भार वर्ग में कजाकिस्तान की असेम तनातार को 5-0 से हराकर बाउट जीती। उनकी जीत से भारतीय महिला बॉक्सिंग कोच भाष्कर भट्ट भी गदगद हैं। 

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वहीं, देर शाम पिथौरागढ़ की एक और बेटी कनालीछीना ब्लॉक की निवेदिता कार्की फाइनल में अपनी प्रतिद्वंद्वी से हार गईं। इस वजह से उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा। वहीं, एशियाई यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में जयदीप रावत ने रजत पदक जीता है। देहरादून स्पोर्ट्स स्टेडियम में उनके कोच रहे ललित मोहन कुंवर ने बताया कि सेना के जवान जयदीप पौड़ी के रहने वाले हैं। भारतीय खिलाड़ियों ने एशियाई जूनियर बॉक्सिंग चैंपियनशिप में अब तक छह गोल्ड, पांच रजत और तीन कांस्य पद जीते हैं।
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सीमांत जिला पिथौरागढ़ के मूनाकोट ब्लाक के बड़ालू निवासी निकिता के पिता सुरेश चंद किसान और माता दीपा चंद गृहिणी हैं। निकिता इस समय पीएनएफ पब्लिक स्कूल पिथौरागढ़ से शिक्षा ले रही हैं। आठ साल की उम्र से निकिता को ट्रेनिंग उनके फूफा बिजेंद्र मल्ल दे रहे हैं।
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बिजेंद्र खुद एशियन चैंपियन रहे हैं। 2004 में सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद उन्होंने बॉक्सिंग क्लब खोला और उनकी पहली शिष्य निकिता थी। फोन पर हुई बातचीत में बिजेंद्र, निकिता की जीत से काफी खुश नजर आए। निकिता ने दुबई जाने से पहले हरियाणा में हुई राष्ट्रीय बॉक्सिंग प्रतियोगिता के 60 किग्रा भार वर्ग में स्वर्ण जीता था।

15 साल की उम्र में निकिता बनी एशियन चैंपियन

मूल रूप से बड़ालू के किसान परिवार की निकिता का जन्म 20 दिसंबर 2006 को जिला अस्पताल पिथौरागढ़ में हुआ। कक्षा तीन तक की शिक्षा बड़ालू प्राइमरी स्कूल से प्राप्त करने के बाद खेलों में ज्यादा रुचि लेने के कारण उसके फूफा बिजेंद्र मल्ल निकिता को पिथौरागढ़ ले आए।  

सेना के खिलाड़ी ओर रिटायर्ड कोच मल्ल के यहां रहकर निकिता ने कक्षा चार से 10 तक की शिक्षा पीएनएफ पब्लिक स्कूल पिथौरागढ़ से शिक्षा ली। बॉक्सिंग में ज्यादा रुचि होने के कारण फूफा बिजेंद्र मल्ल ने उसे चार चार घंटे प्रेक्टिस कराई। वर्ष 2016 में उन्होंने पहली बार स्पोर्टस स्टेडियम पिथौरागढ़ में हुई प्रतियोगिता में हिस्सा लिया। 2016 में मिनी स्टेट कोटद्वार, जिला स्तरीय टूर्नामेंट पिथौरागढ़ ओर बंगापानी के साथ ही 2017 और 2018 में सब जगह हुई प्रतियोगिता में वह हारती रहीं। हारते रहने के साथ वह जीतने का जुनून भी मन में पालती रही। 2018 में 13 साल की उम्र में वह पहली बार सब जूनियर स्टेट में चैंपियन बनी। 2019 फिर से स्टेट चैंपियन, अंडर 17 में भी गोल्ड मैडल जीता। 2019 में नेशलल खेलने में पहला कास्य पदक मिला। 

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