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ट्रैफिक नियमों को बोझ न समझें, यह आपकी ही सुरक्षा

Sat, 01 Feb 2020 02:06 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sat, 01 Feb 2020 02:06 AM IST
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Do not consider traffic rules as a burden, follow
हरिद्वार बाईपास स्थित सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में अमर उजाला की ओर से आयोजित पुलिस की पाठशाला में
देहरादून। अमर उजाला की ओर से शुक्रवार को सोशल बलूनी पब्लिक स्कूल में पुलिस की पाठशाला आयोजित की गई। पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ ) पटेलनगर अनुज कुमार ने छात्र-छात्राओं को ट्रैफिक नियम का महत्व समझाते हुआ कहा कि इन नियमों को कोई बोझ न समझें, बल्कि इनका पालन कर आदर्श नागरिक बनें। इसके अलावा उन्हें सोशल मीडिया के दुष्परिणामों से भी रूबरू कराया।
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सीओ अनुज कुमार ने छात्रों को नए मोटर वाहन अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि नए कानून में ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने पर कड़े प्रावधान किए गए हैं। हेलमेट न पहनने, ड्रंक एंड ड्राइव और गलत साइड पर चलने पर हजारों रुपये तक जुर्माने का प्रावधान किया गया है। उन्होंने उदाहरण देते हुए छात्र-छात्राओं को समझाया कि हेलमेट पहनना, ट्रिपल राइडिंग न कर उनके जीवन ही सुरक्षित रहता है। अगर हम अपने मौलिक कर्तव्यों को समझेंगे और उनका पालन करेंगे तो इस तरह से हम राष्ट्र प्रगति में अपना योगदान दे सकते हैं। एसआई पूर्णानंद शर्मा ने नशे को लेकर छात्र-छात्राओं को जागरूक किया। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी आसानी से नशे का शिकार होती है। अगर कोई आपको नशा करने का लालच दे तो 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दें। मौके पर स्कूल प्रिंसिपल पंकज नौटियाल, शिक्षक डीपी जोशी आदि उपस्थित रहे।
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ट्रैफिक नियमों को लेकर अहम बातें
-18 वर्ष से कम उम्र में वाहन न चलाएं।
-हेलमेट पहनकर ही वाहन चलाएं। ट्रिपलिंग न करें।
-नशीले पदार्थ का सेवन न करें और न वाहन चलाएं।
-लाइसेंस बनने पर ही किसी वाहन को चलाएं।
-वाहन के कागज व इंश्योरेंस साथ में जरूर रखें।
-ग्रीन, येलो, रेड ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें।
सोशल मीडिया से जुड़े खास टिप्स
-18 वर्ष से कम उम्र में फेसबुक अकाउंट बनाने से बचें, क्योंकि इस उम्र में बच्चों को सही-गलत की समझ नहीं होती। इससे प्राइवेसी लीक होने की आशंका रहती है।
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-जब भी आईडी लॉग इन करें तो रिमेम्बर पासवर्ड पर टिक न करें।
-स्पैम मेल या मैसेज को न खोलें। स्पैम का मतलब है कि यह मेल या मैसेज फर्जी है।
-अगर कोई भी आपको फोन करके आपसे ओटीपी साझा करने को कहे तो झांसे में न आएं।
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