धोती ने ऐसे बचाई गंगा में डूबते हुए फुरकान की जान, देखकर आंखों पर नहीं हुआ यकीन
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50 साल का एक आदमी गंगा में डूब रहा था। लेकिन तभी उसकी धोती ने ऐसा कमाल दिखाया कि तैरना न जानते हुए भी वो सही सलामत बाहर वापस आ गया। जानिए धोती ने कैसे बचाई उसकी जान।
‘जाको राखे साईंया, मार सके न कोए...’। मच्छी मोहल्ला निवासी फुरकान अली पर सोमवार को यह कहावत पूरी सटीक साबित हुई। गंगनहर में गिरे फुरकान के लिए उसकी धोती उसकी सुरक्षा कवच बनी।
तैरना न जानने के बाद भी वह गंगनहर में तैरता रहा। नजारा देखकर जिसने भी देखा उन्हें अपनी आंखो पर यकीन ही नहीं हुआ। मच्छी मोहल्ला निवासी फुरकान अली (50 वर्ष) सोमवार दोपहर नगर निगम पुल के समीप गंगनहर किनारे हाथ-मुंह धो रहा था।
उसी दौरान उसका संतुलन बिगड़ गया और गंगनहर में गिर गया। गंगनहर के तेज बहाव की चपेट में आने से फुरकान गंगनहर के बीच में आ गया। फुरकान ने एक धोती बांधी हुई थी।
एक किलोमीटर तक धोती के सहारे तैरता रहा
इसी दौरान उसकी धोती में अचानक हवा भरी और पानी के ऊपर गुब्बारे की तरह बन गई। इसका असर यह हुआ कि गंगनहर में डूब रहा फुरकान भी ऊपर आ गया।
तैरना न जानते हुए भी फुरकान नगर निगम पुल से गणेशपुर पुल तक करीब एक किलोमीटर तक धोती के सहारे तैरता देख नहर किनारे लोगों की भीड़ लगी रही।
गणेशपुर पुल के समीप सेना के जवानों ने मशक्कत से उसे किसी तरह बाहर निकाला। फुरकान बेहद डरा हुआ है। उसने बताया उसे यकीन ही नहीं हो रहा है कि उसकी जान बच गई है।
फुरकान फिलहाल गंगनहर कोतवाली में है। पुलिस ने उसके परिजनों को सूचना दे दी है।