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Dehradun News: धामी के विकसित उत्तराखंड संवाद में दिखे जमीनी नवाचार और स्टार्टअप
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देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को मुख्यमंत्री कैम्प कार्यालय में विकसित उत्तराखंड-यात्रा जारी है संवाद कार्यक्रम में हिस्सा लिया। उन्होंने प्रदेश के नवाचारकर्ताओं, किसानों और उद्यमियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम नियोजन विभाग और एक मीडिया संस्थान की ओर से कराया गया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत संकल्प में उत्तराखंड की भूमिका अहम है। राज्य में मजबूत इकोसिस्टम के चलते स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ी है। पिछले पांच वर्षों में यह 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंच चुकी है। संवाद में कई प्रेरक प्रयोग सामने आए।
चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा व बैटरी से चलने वाली कार तैयार की। ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह का स्टार्टअप 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने एक गाय से शुरुआत कर 13 गायों की सफल डेयरी स्थापित की।
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चमोली के राजेश ने रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की। उन्होंने गांव में रोजमेरी व हर्बल खेती शुरू करके स्थानीय लोगों को रोजगार दिया। नैनीताल की कमला देवी ने वाहनों के टायरों की मरम्मत को अपनी मजबूत आजीविका बनाया। चमोली के हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी उत्पादन से 300 से अधिक लोगों को जोड़ा। इससे सालाना करीब 2 करोड़ रुपये की आय हो रही है। राज्य की कौशल उन्नयन योजना से टिहरी की सपना राणा को लाभ मिला।
उन्होंने जर्मन भाषा सीखकर जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में मुकाम हासिल किया। सिंगापुर में जल शोधन क्षेत्र में कार्यरत टनकपुर के शैलेश ने वर्चुअल जुड़कर चंपावत का एक गांव गोद लेने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवा प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है।
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मुख्यमंत्री ने युवाओं की उपलब्धियों की सराहना की। उन्होंने कहा कि 2047 के विकसित भारत संकल्प में उत्तराखंड की भूमिका अहम है। राज्य में मजबूत इकोसिस्टम के चलते स्टार्टअप्स की संख्या बढ़ी है। पिछले पांच वर्षों में यह 700 से बढ़कर 1700 के पार पहुंच चुकी है। संवाद में कई प्रेरक प्रयोग सामने आए।
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चंपावत के राहुल नरियाल ने सौर ऊर्जा व बैटरी से चलने वाली कार तैयार की। ऊधमसिंह नगर के विकास कुमार शाह का स्टार्टअप 10 करोड़ रुपये से अधिक के टर्नओवर तक पहुंच चुका है। उत्तरकाशी के जयप्रकाश ने एक गाय से शुरुआत कर 13 गायों की सफल डेयरी स्थापित की।
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चमोली के राजेश ने रिवर्स पलायन की मिसाल पेश की। उन्होंने गांव में रोजमेरी व हर्बल खेती शुरू करके स्थानीय लोगों को रोजगार दिया। नैनीताल की कमला देवी ने वाहनों के टायरों की मरम्मत को अपनी मजबूत आजीविका बनाया। चमोली के हरपाल नेगी ने घेस क्षेत्र में कुटकी उत्पादन से 300 से अधिक लोगों को जोड़ा। इससे सालाना करीब 2 करोड़ रुपये की आय हो रही है। राज्य की कौशल उन्नयन योजना से टिहरी की सपना राणा को लाभ मिला।
उन्होंने जर्मन भाषा सीखकर जर्मनी में नर्सिंग क्षेत्र में मुकाम हासिल किया। सिंगापुर में जल शोधन क्षेत्र में कार्यरत टनकपुर के शैलेश ने वर्चुअल जुड़कर चंपावत का एक गांव गोद लेने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश प्राकृतिक संसाधनों, स्थानीय उत्पादों और युवा प्रतिभा के दम पर आत्मनिर्भरता की नई इबारत लिख रहा है।