केदारनाथ में पीएम मोदी ने की कई घंटों साधना, लेकिन वहां इस वजह से नहीं जा पा रहे सैकड़ों यात्री
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हवाई सेवा के जरिये भगवान केदारनाथ के दर्शनों की चाह लिए हर रोज देश के कोने-कोने से केदारघाटी पहुंच रहे सैकड़ों तीर्थयात्री बिना दर्शन के ही लौटने को मजबूर हैं। कई दिनों के इंतजार के बाद भी उन्हें हेलीकॉप्टर का टिकट नहीं मिल रहा है। हेली कंपनियों ने तत्काल टिकट देना भी बंद कर दिया है।
साथ ही ऑन लाइन बुकिंग भी 23 से 26 मई तक फुल बताई जा रही है। हेली कंपनियों के कार्यालयों में तीर्थयात्रियों का जमावड़ा लग रहा है, लेकिन उनकी सुध लेने वाला कोई नहीं हैं। हेली कंपनियां शासन, प्रशासन और डीजीसीए के नियमों को ठेंगा दिखा रही हैं। केदारनाथ के लिए विगत 16 मई से आर्यन, हिमालन हेली, एरो एयर क्राफ्ट, पवनहंस और यूटी एयर कंपनी द्वारा गुप्तकाशी, फाटा और सेरसी हेलीपैड से हेलीकाप्टर सेवा शुरू की गई है। हेलीकॉप्टरों की उड़ान शुरू होने से केदारघाटी में दिनों-दिन यात्रियों की संख्या भी बढ़ रही है।
लेकिन लंबे इंतजार के बाद भी हवाई सेवा का टिकट नहीं मिलने से श्रद्धालु बिना केदार दर्शन के ही लौटने को मजबूर हैं। हकीकत जानने के लिए अमर उजाला संवाददाता ने सेरसी, फाटा और गुप्तकाशी में स्थित दो हेलीपैडों का जायजा लिया। प्रस्तुत है रिपोर्ट...
सेरसी हेलीपैड:
दिन में ही हिमालयन हेली कंपनी द्वारा हेलीपैड के गेट को बंद कर दिया गया है। हेलीपैड से भले ही हेलीकॉप्टर नियमित अंतराल में केदारनाथ के लिए उड़ान भर रहा था। कंपनी के तत्काल टिकट काउंटर पर भी ताला लटका हुआ था। यहां करीब 300 से अधिक यात्री केदारनाथ जाने के लिए टिकट की जानकारी ले रहे थे, लेकिन कंपनी की ओर से उनकी कोई सुनवाई नहीं हो रही थी।
नई दिल्ली से केदार दर्शन को पहुंचे दिवाकर प्रसाद ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से हेलीपैड पर मौजूद हैं। उन्हें 9.30 बजे हेलीकॉप्टर की पहली शटल से केदारनाथ भेजने की बात कही गई थी, लेकिन अब कोई उनकी बात नहीं सुन रहा है। कर्नाटक के मैसूर से आए एक यात्री ने बताया कि वे दो दिन पूर्व यहां पहुंच गए थे। कंपनी द्वारा केदारनाथ में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के चलते उन्हें 19 मई का समय दिया गया था। अब, दो दिन बाद उम्मीद जताई जा रही है। ऐसे में उनका यात्रा का पूरा शिड्यूल बिगड़ गया है।
फाटा हेलीपैड
दोपहर यहां भी पवन हंस हेली कंपनी के कार्यालय में यात्रियों का जमावड़ा लगा रहा। यात्री तत्काल टिकट देने की मांग करते रहे, लेकिन कंपनी के अधिकारी उनकी नहीं सुन रहे हैं। उनका दो टूक जवाब होता है ‘तत्काल टिकट किसी भी हालत में नहीं मिलेगा’। 26 मई तक ऑन लाइन बुकिंग भी फुल है। जब, कंपनी के अधिकारियों से कुछ यात्री अपनी समस्या बताते हुए कहते हैं कि उनके साथ बुजुर्ग परिजन हैं, जो हेलीकॉप्टर से ही धाम जा सकते हैं।
तब भी उनकी सुनवाई नहीं होती। उन्होंने दोबारा अपनी बात रखनी चाही तो कंपनी के कर्मचारी कार्यालय छोड़कर बाहर आ गए। एक युवती ने बताया कि वह अपनी दादी को लेकर बाबा के दर्शनों को पहुंची हैं। सुबह 5 बजे से टिकट की आस में दिन के 2 बज गए हैं, लेकिन कोई कुछ भी बताने को तैयार नहीं है। मैं दादी को घोड़े या डंडी से भी धाम नहीं ले जा सकती हूं।
फाटा में ही यूटी एयर हेली कंपनी के कार्यालय में अलीगढ़ से आए दो तीर्थयात्रियों ने बताया कि उन्होंने एक माह पूर्व ऑन लाइन बुकिंग की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बन पाई। अब, यहां तत्काल टिकट नहीं मिल रहा है। ऑन लाइन बुकिंग भी 26 मई के बाद करने को कहा जा रहा है। अब, गौरीकुंड जाकर पैदल मार्ग से जाने की सोच रहे हैं। अगर, जा नहीं पाए तो लौट जाएंगे।
गुप्तकाशी हेलीपैड
यहां आर्यन एविएशन के कार्यालय में टिकट नहीं मिलने से यात्री परेशान बैठे दिख रहे हैं। टिकट काउंटर पर मौजूद युवती द्वारा सभी को एक ही रट-रटाया जवाब दिया जा रहा है कि 26 मई तक टिकट की उम्मीद मत करो। हमारी सभी बुकिंग फुल हैं। यहां मौजूद कर्नाटक, तमिलनाडु और कर्नाटक के 12 यात्रियों ने बताया कि उन्हें सभी हेलीपैड से यही जवाब मिला है। चारधाम हेलीपैड पर एरो एयर क्राफ्ट एविएशन द्वारा भी ऑन लाइन बुकिंग फुल होने की बात कही गई।
नारायणकोटी में कॉटेज संचालक ने बताया कि केदारनाथ यात्रा पर आ रहे यात्रियों को हेलीकॉप्टर के टिकट नहीं मिलने से बीते दो दिनों में उनके यहां खाना खाने आए 30 से अधिक यात्री बैरंग लौट चुके हैं। चार दिनों में हेली टिकट नहीं मिलने से आठ हजार से अधिक यात्री बाबा केदार के दर्शन किए बगैर लौट चुके हैं।
मध्य प्रदेश के आरडी धाकड़ अपने परिवार और अन्य मित्रों के साथ तीन दिन पूर्व केदारघाटी के फाटा पहुंच गए थे। उन्हें 17 मई को पवन हंस हेली कंपनी द्वारा शाम तक तत्काल टिकट देने को कहा गया था, लेकिन टिकट नहीं मिला। 18 और 19 मई को हेली सेवा के बंद रहने से वह रविवार तड़के ही कंपनी कार्यालय में लाइन पर लग गए थे।
उनका आठवां नंबर था, लेकिन 5वें नंबर के बाद कंपनी ने तत्काल टिकट देना बंद कर दिया। वे दोपहर तक इंतजार में बैठे रहे। अब कंपनी के अधिकारियों ने तत्काल टिकट ने साफ इंकार कर दिया है। साथ ही ऑन लाइन बुकिंग भी इस माह के आखिरी सप्ताह तक फुल होने की बात कही है।
महाराष्ट्र के केपी सिंह 70 सदस्यीय दल के साथ बाबा केदार के दर्शनों को 16 मई को गुप्तकाशी पहुंच गए थे। उनके साथ के 58 लोग अलग-अलग माध्यमों से धाम में दर्शन कर लौट आए हैं, लेकिन केपी सिंह सहित 12 लोग हेलीकॉप्टर टिकट की आस में तीन दिन से हिमालयन हेली कंपनी के कार्यालय के चक्कर काटते आ रहे हैं। रविवार को भी वे सुबह 6 बजे से बैठे रहे, लेकिन दोपहर तक कोई बात नहीं बन पाई।
गुजरात के बीजू भाई अपनी पत्नी के साथ दो दिन पूर्व गुप्तकाशी पहुंचे थे। तब, आर्यन ऐविएशन द्वारा बताया गया कि वे जब चाहे, तत्काल टिकट से जरिए हेली से धाम जा सकते हैं, लेकिन तीन दिन बाद भी शाम पांच बजे तक उनका नंबर नहीं आया। दोनों लोग बुजुर्ग हैं, जो घोड़ा या डंडी-कंडी में धाम जाने में असमर्थता जता रहे हैं। यही स्थिति अन्य कई बुजुर्ग व जरूरतमंद श्रद्धालुओं की भी है, जो हेलीकॉप्टर के सहारे केदारनाथ धाम जाने की सोच कर आए थे, लेकिन अब बिना दर्शन के ही लौटने की सोच रहे हैं।
हेलीपैड बना खतरे का सबब
रुद्रप्रयाग-गौरीकुंड हाईवे पर गुप्तकाशी में हेलीपैड का किनारे का हिस्सा ऑल वेदर परियोजना में काटा गया है, लेकिन कंपनी द्वारा बिना सुरक्षा के यहां पर हेलीकॉप्टर की लैंडिंग कराई जा रही है। ऐसे में यहां पर खतरा बना हुआ है। इसके अलावा हेली कंपनियों द्वारा यात्रियों के लिए वेटिंग रूम भी पर्याप्त नहीं हैं। साथ ही पानी, शौचालय की सुविधा भी नहीं है।
सक्रिय होने लगे दलाल
केदारनाथ के लिए हेलीकॉप्टर शुरू होते ही हेली कंपनियों के कार्यालय के आसपास टिकट को लेकर दलाल भी सक्रिय होने लगे हैं। ये यात्रियों से पूरी जानकारी जुटाने के साथ उन्हें विश्वास में लेने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अभी फिलहाल ऑनलाइन बुकिंग के चलते टिकट ब्लैकमेलिंग का कोई मामला सामने नहीं आया है।
सिर्फ पांच कंपनियों के हेलीकॉप्टर केदारनाथ के लिए हेली सेवा दे रहे हैं। बीते चार दिनों से यात्रियों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन हेलीकॉप्टर की कमी के कारण सभी यात्री धाम नहीं पहुंच पा रहे हैं। इस संबंध में रिपोर्ट भेज दी गई है।
- सुरेंद्र सिंह पंवार, सहायक नोडल अधिकारी हेलीकॉप्टर सेवा, केदारनाथ
यूकाडा के निर्देशानुसार 70 फीसदी टिकट ऑनलाइन दिए जा रहे हैं। बावजूद यात्रियों के लिए तत्काल टिकट की व्यवस्था है। ऐसे में अधिकांश को टिकट नहीं मिल पा रहा है। जिन्हें मिल रहे हैं, उसकी लिस्ट लंबी बन रही है, जो वेटिंग में जा रही है। इन हालात में मौसम का रोल महत्वपूर्ण है।
- स्टमजीन लोसल, प्रबंधन हिमालयन हेली एविएशन, गुप्तकाशी
हेली कंपनियों द्वारा ऑन लाइन बुकिंग और तत्काल टिकट सीमित देने के चलते कई यात्रियों के बैरंग लौटने की सूचना मिली है। साथ ही हेली कंपनियां द्वारा वेटिंग रूम व अन्य सुविधाएं मुहैया नहीं कराने का मामला भी संज्ञान में आया है। इस संबंध में यूकाडा को अवगत करा दिया गया है। जल्द ही हेलीपैड का निरीक्षण कर हेली प्रबंधकों से जानकारी मांगी जाएगी।
- मंगेश घिल्डियाल, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग