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देहरादून: कौन बनेगा करोड़पति के नाम पर लोगों से 12 करोड़ रुपये ठग चुके दो शातिर गिरफ्तार

Thu, 17 Dec 2020 09:25 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 17 Dec 2020 09:25 PM IST
सार

  • उत्तराखंड एसटीएफ ने तमिलनाडु से दबोचा, प्रतिष्ठित कंपनी के डीलर हैं दोनों आरोपी
  • कौन बनेगा करोड़पति की लॉटरी के नाम पर करते थे देशभर में ठगी
  • श्रीलंका और दुबई में बैठे अपने सीनियरों को भेजते थे ठगी का पैसा

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Dehradun: Two Youth Arrested for 12 crore rupees  cheating from people in name of Kaun Banega Crorepati
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पीटीआई

विस्तार

कौन बनेगा करोड़पति (केबीसी) में लॉटरी का पैसा दिलवाने का लालच देकर लोगों को ठगने वाले दो साइबर ठगों को एसटीएफ ने तमिलनाडु से गिरफ्तार किया है। ठगों का जाल पूरे देश में फैला हुआ है। ये एक प्रतिष्ठित कंपनी के डीलर हैं और अपने एक बॉस को ठगा गया करोड़ों रुपये श्रीलंका और दुबई में भेजते थे। करीब पांच साल में आरोपी 12 करोड़ से ज्यादा रुपये लोगों से ठग चुके हैं। आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। 

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साइबर ठग लोगों को ठगने के लिए नए नए तरीके अपना रहे हैं। एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि पिछले दिनों साइबर थाने में एक व्यक्ति ने शिकायत की थी। शिकायत के अनुसार उसे एक का फोन आया था। फोन करने वाले ने खुद को कौन बनेगा करोड़पति की टीम का मेंबर बताया और कहा कि उनकी 25 लाख रुपये की लॉटरी लगी है। यह पैसा भेजने के नाम पर व्यक्ति से कभी किसी शुल्क तो कभी किसी और बहाने सात लाख रुपये जमा करा लिए गए। शिकायत पर साइबर थाने में ही मुकदमा दर्ज किया गया और मामले की जांच शुरू की गई। 
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पता चला कि जिन नंबरों से कॉल की गई थी वह कर्नाटक और बिहार रीजन के हैं। इस पर एसटीएफ ने उन खातों की डिटेल निकलवाई जिनमें रुपया जमा कराया गया था। यह सब खाते उत्तर प्रदेश, गुजरात आदि राज्यों के विभिन्न बैंकों के थे। इनमें यह सिर्फ सात लाख रुपये ही नहीं बल्कि देशभर से करोड़ों रुपये जमा किए गए थे।
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करीब एक करोड़ रुपये से ज्यादा की डिटेल तो एसटीएफ ने जुटा ही ली थी। सारी जानकारी और टेलीफोन लोकेशन निकलवाने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में तमिलनाडु के तिरुवेनवेली तक पहुंच गई। यहां से इन दोनों को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में इन्होंने अपने नाम वलीनायंगम और पी जॉनसन बताए। 

पाकिस्तान के आईपी एड्रेस हुआ इस्तेमाल 

एसटीएफ ने जब जांच शुरू की तो पता चला कि इन्होंने अधिकतर कॉल व्हाट्सएप से की थी। इनमें पाकिस्तान का आईपी एड्रेस इस्तेमाल किया गया था। साथ ही दुबई के आईपी एड्रेस का इस्तेमाल कर भी कई कॉल की गई।

पांच साल में 12 करोड़ से ज्यादा की ठगी
पूछताछ में पता चला कि आरोपी एक प्रतिष्ठित कंपनी के डीलर हैं और ठगी के धंधे में उनके कुछ सीनियर भी शामिल हैं। भारत से इस तरह से ठगी गई रकम में से वे केवल तीन से पांच प्रतिशत रखते हैं और बाकी दुबई और श्रीलंका में मौजूद सीनियरों को भेज देते हैं। करीब पांच साल में आरोपी 12 करोड़ से ज्यादा रुपये लोगों से ठग चुके हैं।

सावधान रहें
पहले ऐसे किसी भी ऑफर की जांच करें, +92 और +97 नंबरों से आने वाले फोन/वाट्सअप कॉल से सावधान रहें। इन नंबरों से मिले किसी भी प्रकार के लॉटरी या अन्य किसी प्रकार के लालच में न आएं। कोई भी शक होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून से संपर्क करें।

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