फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   dehradun news : illegal platting in dehradun, people stuck money

Dehradun News: जिले में हो रही हर दूसरी प्लाटिंग अवैध, जीवनभर की कमाई फंसा रहे लोग

Wed, 20 Jan 2021 04:14 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून
अनिल चन्दोला, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Wed, 20 Jan 2021 04:14 PM IST
विज्ञापन
dehradun news : illegal platting in dehradun, people stuck money
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

जमीनों के दाम बढ़ने के बाद से दून में अवैध प्लाटिंग का कारोबार कई गुना बढ़ा है। आलम ये है कि जिले में हो रही हर दूसरी प्लाटिंग अवैध है। ये कहीं भी एमडीडीए और रेराके मानकों पर फिट नहीं बैठती। उसके बावजूद हर साल करोड़ों रुपये के अवैध प्लाट खरीदे और बेचे जा रहे हैं, जिनमें कई लोग अपनी जीवनभर की गाढ़ी कमाई फंसा रहे हैं।

विज्ञापन


अलग उत्तराखंड राज्य बनने के बाद दून में जमीनों के दाम बहुत तेजी से बढ़े हैं। केवल दून शहर ही नहीं बल्कि आसपास के छोटे शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में भी जमीनों के दाम में बेतहाशा बढ़ोत्तरी हुई है। ज्यादातर लोग दून में जमीन खरीदकर सपनों का आशियाना बनाना चाहते हैं। इसका फायदा उठाकर कुछ लोग अवैध प्लाटिंग, मकानों व फ्लैट का निर्माण, दुकानों व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का निर्माण कर रहे हैं। विशेषकर प्लाटिंग का अवैध कारोबार करोड़ों रुपये में है। 
विज्ञापन


ज्यादातर जगह प्लाटिंग के वक्त एमडीडीए और रेरा के मानकों का पालन नहीं किया जा रहा है। नियमानुसार किसी भी जगह प्लाटिंग होने पर उसे पहले एमडीडीए से अप्रूव कराना अनिवार्य है। इसके अलावा उसका रेरा में भी पंजीकरण होना चाहिए। एमडीडीए के ले-आउट में मास्टर प्लान के अनुसार चौड़ी सड़कें, पार्क, ओपन स्पेस छोड़ना अनिवार्य है। लेकिन ज्यादातर जगह जमीन बचाने के लिए लोग प्लान अप्रूव ही नहीं कराते।
विज्ञापन
विज्ञापन


ऐसी प्लाटिंग में जमीन कुछ सस्ता मिल सकती है, लेकिन यहां मकान का नक्शा पास कराना बहुत महंगा होता है। यहां डेवलपमेंट चार्ज और नक्शा पास कराने की फीस ज्यादा होती है। 

प्लाट या मकान खरीदने से पहले इन बातों का रखें ध्यान

-प्लाट खरीदने से पहले कॉलोनी का ले आउट जरूर देखें। अगर ले आउट अप्रूव्ड नहीं है तो ऐसी कॉलोनी में जमीन या मकान लेने से बचें। एमडीडीए यहां कभी भी प्लाटिंग ध्वस्त कर सकता है। 
-जमीन खरीदने से पहले सभी दस्तावेजों की गहनता से जांच करें। एमडीडीए से जमीन का लैंड यूज भी जांच लें। 
-राजस्व विभाग से जमीन की खतौनी इत्यादि की भी जांच करा लें। यह भूलेख वेबसाइट पर ऑनलाइन भी देखे जा सकते हैं। 
-प्लाट, मकान या फ्लैट खरीदते वक्त सड़क की चौड़ाई, सेट बैक, फ्रंट सेट बैक जैसे मानकों की भी जांच कर लें।

हम हमेशा लोगों से अपील करते हैं कि अन अप्रूव्ड कॉलोनियों में प्लाट या बिना नक्शे के मकान बिल्कुल न खरीदें। ऐसे प्लाट और मकान को लेकर हमेशा कार्रवाई का खतरा रहता है। हम कभी भी ऐसे प्लॉट या मकान के खिलाफ कार्रवाई कर सकते हैं। इसलिए अगर आप अपनी जीवनभर की कमाई लगाकर प्लाट खरीद रहे हैं, तो इसका ध्यान जरूर रखें। हम लगातार ऐसी प्लॉटिंग को तोड़ रहे हैं। 
-रणवीर चौहान, उपाध्यक्ष, एमडीडीए

ऋषिकेश के रैनापुर में जमीनों की रजिस्ट्री पर रोक की तैयारी

ऋषिकेश तहसील के मौजा रैनापुर ग्रांट में अवैध प्लाटिंग कर बेची जा रही भूमि की रजिस्ट्री पर रोक लग सकती है। रेरा अध्यक्ष विष्णु कुमार ने जिलाधिकारी देहरादून और एमडीडीए वीसी को कई जमीनों के खसरा नंबर जारी कर उनकी रजिस्ट्री पर रोक लगाने को कहा है। 

रैनापुर ग्रांट में कई स्थानों पर बड़े पैमाने पर अवैध प्लाटिंग कर जमीनें खरीदी और बेची जा रही है। प्लॉटिंग न तो एमडीडीए से अप्रूव है और न ही इसमें मानकों का पालन किया जा रहा है। ऐसे में बार एसोसिएशन ऋषिकेश के पूर्व अध्यक्ष शीशराम कंसवाल ने कुछ समय पूर्व रेरा से मामले की शिकायत और जमीनों की खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की थी। 

रेरा ने मामले की जांच कराई तो बड़े पैमाने पर अनियमितता की पुष्टि हुई। इसके बाद रेरा अध्यक्ष ने डीएम और एमडीडीए वीसी को पत्र भेजकर सब रजिस्ट्रार कार्यालय को आदेशित करने को कहा है ताकि उन खसरा नंबरों पर भूमि की खरीद-फरोख्त न हो सके। 


इन खसरा नंबरों पर लगाई रोक

खसरा संख्या 468ग, 470ग, 471ख मि.जु., 472ख, 473क, 474क, 475ग, 476ख मि.जु., 476घ, 477ग, 477ड, 481क व 592

बड़े पैमाने पर जमीनों की अवैध प्लाटिंग कर बेची जा रही है। कई बार लोग जीवन भर की कमाई लगाकर जमीन खरीदते हैं। बाद में पता चलता है कि उसका लैंड यूज ठीक नहीं है या कॉलोनी अप्रूव नहीं है। ऐसे मामलों में रजिस्ट्री पर रोक लगाना जरूरी है ताकि जमीनों के अवैध कारोबार को रोका जा सके। 
-विष्णु कुमार, अध्यक्ष,रेरा

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed