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Dehradun News: विदेशियों को ठगने वाला कॉल सेंटर पकड़ा, चार कर्मचारी गिरफ्तार, ऐसे करते थे ठगी

Fri, 15 Jan 2021 07:46 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Fri, 15 Jan 2021 07:46 PM IST
सार

-दून की वीआईपी कॉलोनी वसंतविहार में चल रहा था फर्जी कॉल सेंटर
-एसटीएफ ने रातभर की कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार, लाखों की नगदी बरामद

 

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dehradun news: fake international call center caught in dehradun
फर्जी कॉल सेंटर - फोटो : अमर उजाला (File Photo)

विस्तार

देहरादून में स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) व साइबर क्राइम पुलिस ने विदेशियों से ठगी करने वाले अंतरराष्ट्रीय कॉल सेंटर का खुलासा किया है। पुलिस ने मौके से कॉल सेंटर के चार कर्मचारियों को गिरफ्तार किया है। कॉल सेंटर के माध्यम से विदेशों में रहने वाले बुजुर्गों, दिव्यांगों, सेना से रिटायर अधिकारियों, कर्मचारियों से ठगी की जाती थी।

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एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि इस कॉल सेंटर के बारे में शिकायत मिली थी। मामले की जांच के लिए एसटीएफ के अपर पुलिस अधीक्षक स्वतंत्र कुमार और पुलिस उपाधीक्षक अंकुश मिश्रा के नेतृत्व में दूरसंचार विभाग, साइबर पुलिस और वसंत विहार पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। बृहस्पतिवार देर रात टीम ने वसंत विहार स्थित क्वीन्स टावर में स्थित कॉल सेंटर में दबिश दी। मौके पर मौजूद कर्मचारियों से पूछताछ की गई तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
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उन्होंने बताया कि वे पहले दिल्ली में काम करते थे। बाद में उन्हें देहरादून भेज दिया गया। कॉल सेंटर के अधिकारी की ओर से दिए गए डाटाबेस के आधार पर वे अमेरिका में रहने वाले लोगों को फोन पर डरा धमकाकर या बीमा पॉलिसी पर कोई स्कीम या बोनस का लालच देकर धोखाधड़ी करते थे। धोखाधड़ी से धनराशि कॉल सेंटर के अधिकारियों खातों में ट्रांसफर की जाती थी। 
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कॉल सेंटर कर्मचारी आयुष्मान मल्होत्रा ने बताया कि उन्हें डाटाबेस देकर एक तय राशि वसूलने का लक्ष्य दिया जाता है। इसी पर उन्हें वेतन और कमीशन मिलता था। सभी कर्मचारी एक व्हाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए हैं। व्हाट्सएप पर ही उन्हें डाटाबेस, स्क्रिप्ट व ऑडियो मिलते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दानिश अत्री निवासी विष्णु गार्डन, नई दिल्ली, संदीप गुप्ता निवासी मंगोलपुरी, नई दिल्ली, अर्चित विलफ्रिड निवासी शनि मंदिर, कैनाल रोड, देहरादून, नारायण अधिकारी निवासी सेक्टर सात, रोहिणी, नई दिल्ली के रूप में हुई। मौके से कंप्यूटर, 8 मोबाइल, एक आईपैड, एक वाईफाई, 4 लाख 34 हजार रुपये, एक फॉरच्यूनर कॉर, अंतरराष्ट्रीय समय बताने वाली तीन घड़ी बरामद हुई। एसटीएफ का मानना है कि इस मामले में एक बड़े गिरोह का पर्दाफाश हो सकता है। 

ऐसे करते थे ठगी

कॉल सेंटर से माध्यम से विदेशों में रहने वाले बुजुर्गों, दिव्यांगों, सेना से रिटायर अधिकारियों, कर्मचारियों से ठगी की जाती थी। कॉल सेंटर कर्मी इन लोगों को झांसा देकर सोशल सेक्योरिटी नंबर (जैसे भारत में आधार कार्ड) प्राप्त करते थे। इसके बाद इसके आधार पर वह उनका व्यक्तिगत विवरण पता, मोबाइल नंबर, बैंक विवरण, व्यवसाय की जानकारी हासिल करते थे।

इसके बाद इन लोगों को इंटरनेट से कॉल कर खुद को पुलिस अधिकारी, लॉ एनफोरसमेंट एजेंसी का अधिकारी बताकर अलग-अलग तरीके से धमकाते थे। जैसे उनके काम को अवैध बताना, उनके अकाउंट का अवैध हथियारों, नशे की तस्करी जैसे गैरकानूनी कामों से संबंध होना। लोगों को जेल जाने, बैंक खाता सीज होने का डर दिखाकर वसूली की जाती थी। साथ ही गिफ्ट और बीमा पॉलिसी के नाम पर भी लोगों से ठगी की जाती थी। यह रकम डॉलर में मिलती थी, जो हर महीने कई करोड़ रुपये होती थी।

भारत में नहीं थी कोई शिकायत
ठगी और धोखाधड़ी का शिकार लोग विदेश में शिकायत करते थे। भारत में कोई शिकायत नहीं होने के कारण इन लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो पाती थी। यह कॉल सेंटर रात को ही संचालित होता है, क्योंकि उस समय अमेरिका और अन्य यूरोपीय देशों में दिन होता है। 

टीम को बीस हजार का इनाम
फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा करने वाली टीम को डीजीपी अशोक कुमार ने बीस हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही उन्होंने दूर संचार विभाग की टीम की प्रशंसा करते हुए उन्हें सम्मानित करने की भी घोषणा की है।

आरोपियों ने दिल्ली में रहने वाले कॉल सेंटर से जुड़े कंपनी के दूसरे साथियों के बारे में जानकारी दी है। जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। मामले में बड़े गिरोह का खुलासा हो सकता है। 
-अजय सिंह, एसएसपी, एसटीएफ।

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