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चेतावनी रैली: पुरानी पेंशन बहाली के लिए प्रदेशभर के कर्मचारियों ने किया सीएम आवास कूच, पुलिस से हुई नोक झोंक
Sun, 07 Nov 2021 09:15 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 07 Nov 2021 09:15 PM IST
सार
सीएम आवास कूच के दौरान पुलिस ने कर्मचारियों को हाथीबड़कला चौक पर बैरिकेड लगाकर रोक दिया। पुलिस के रोकने पर कर्मचारियों की तीखी बहस भी हुई।
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कर्मचारियों ने निकाली चेतावनी रैली
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
नई पेंशन के विरोध और पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा ने सीएम आवास कूच किया। इस दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि सरकार पुरानी पेंशन बहाल करे, नहीं तो वह सड़कों पर उतरकर आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।
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रविवार को राष्ट्रीय पुरानी पेंशन बहाली संयुक्त मोर्चा के आह्वान पर प्रदेशभर से आए कर्मचारी परेड ग्राउंड में एकत्र हुए। मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीपी सिंह रावत ने कहा कि सरकार के लिए निर्णायक समय है। इसलिए कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाली को लेकर एक नजीर पेश करते हुए सरकार कार्मिकों की पुरानी पेंशन बहाल करे। प्रदेश अध्यक्ष अनिल बडोनी ने कहा कि पुरानी पेंशन बहाली को लेकर लगातार आंदोलन चल रहा है लेकिन सरकार, कार्मिकों के हितों को लेकर गंभीर नहीं है। चेतावनी रैली का मकसद सरकार के प्रतिनिधियों और सरकार में बैठे मंत्रियों का ध्यान पुन: इस ओर ले जाना है। यदि सरकार के कार्यकाल से पूर्व इस बाबत कोई कदम नहीं उठाया गया तो मजबूरन कार्मिकों व उनके परिवार परिवर्तन का दामन थामने को मजबूर होंगे।
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संयुक्त मोर्चा के प्रदेश महासचिव सीताराम पोखरियाल ने कहा कि जब सरकारी कर्मचारियों के बात बुढ़ापे की आती है तो कार्मिकों को केवल पेंशन का सहारा ही नजर आता है। 2005 के बाद से इस पुरानी पेंशन योजना को बंद करके बहुत बड़ा अन्याय किया गया है। अब भूल सुधार का समय है। सरकारी कार्मिकों की एकता और ताकत को नजरअंदाज करके सरकार, कार्मिकों को नाराज नहीं करना चाहेगी।
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कार्मिक अधिकारी कर्मचारी शिक्षक महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष दीपक जोशी ने पूरी क्षमता और जोश के साथ इस आंदोलन में प्रतिभाग करते हुए कहा कि अब सरकार कार्मिकों को बेवकूफ नहीं बना सकती। राजकीय शिक्षक संघ के निवर्तमान अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने कहा कि यदि सरकार के कार्यकाल के पहले पूरी नहीं हुई तो सरकार को पुरानी पेंशन बहाली न करने के घातक परिणाम भुगतने होंगे। राजकीय शिक्षक संघ के पूर्व अध्यक्ष राम सिंह चौहान ने कहा कि यह काबिल-ए-तारीफ है कि पेंशन प्राप्त कर रहे और सेवानिवृत्त कर्मचारी भी इस आंदोलन में शामिल हो रहे हैं।
परेड ग्राउंड से रैली सीएम आवास कूच के लिए निकली लेकिन पुलिस ने हाथीबड़कला में बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोक लिया। इस दौरान कर्मचारियों की पुलिस के साथ धक्कामुक्की भी हुई। बाद में जिला मजिस्ट्रेट के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा गया। इस अवसर पर विक्रम झिंकवाण, विक्रम सिंह रावत, राजेंद्र बहुगुणा, कमल किशोर डिमरी, पीडी गुप्ता, पीएस सुयाल, बीएस पंवार, बीडी सेमवाल, मुकेश बहुगुणा, आशुतोष सेमवाल, विक्रम रावल, पूरन फरस्वाण, सतीश कुमार, शिव सिंह नेगी, जगमोहन सिंह नेगी, मंगल सिंह, रेवती डंगवाल, कमल नयन रतुड़ी, भुवन जोशी, मुकेश ध्यानी, रवींद्र राणा आदि मौजूद रहे।