Dehradun: ठक-ठक गिरोह के तीन सदस्य गिरफ्तार, एक के बाद एक पांच घटनाओं को ऐसे दिया था अंजाम
इस गिरोह ने तीन घटनाएं नेहरू काॅलोनी थाना क्षेत्र में और एक-एक पटेलनगर व कोतवाली थाना क्षेत्र में की थीं। इनमें दो आरोपी मेरठ और एक बुलंदशहर का रहने वाला है।
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राजधानी देहरादून में एक के बाद एक चोरी की पांच घटनाओं को अंजाम देने वाले ठक-ठक गिरोह के तीन सदस्यों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। गिरोह का एक सदस्य ट्रैफिक में कार रुकवाने के बाद शीशे पर ठक-ठक कर चालक को बातों में उलझाता था और दूसरा कार की सीट या डेश बोर्ड में रखे मोबाइल पर हाथ साफ कर देता था।
इस गिरोह ने तीन घटनाएं नेहरू काॅलोनी थाना क्षेत्र में और एक-एक पटेलनगर व कोतवाली थाना क्षेत्र में की थीं। इनमें दो आरोपी मेरठ और एक बुलंदशहर का रहने वाला है। इनके पास से छह महंगे मोबाइल फोन और एक कार बरामद हुई है। न्यायालय के आदेश पर आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।
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एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने पत्रकारों से वार्ता में बताया कि गत 25 मई की शाम सात बजे विशेष नौटियाल अपनी कार से धर्मपुर की ओर जा रहे थे। इसी दौरान जब उनकी कार धर्मपुर ट्रैफिक सिग्नल पर रुकी तो एक व्यक्ति ने ड्राइवर साइड की खिड़की पर ठक-ठक किया। नौटियाल को लगा कि शायद उनकी कार से पीछे कोई घटना हो गई है। उनकी कार का दूसरी तरफ का शीशा खुला हुआ था। इसी बीच एक युवक इस तरफ आया और शीट पर रखा उनका मोबाइल फोन उठाकर भाग गया। मोबाइल फोन चोरी होने का पता उन्हें तब लगा जब वह घर पहुंच गए। उन्होंने इसकी शिकायत नेहरू कॉलोनी थाने में की। पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया तो एक के बाद एक थाने में तीन शिकायतें आईं।
इसी दिन पत्रकार अतुल चौहान के साथ भी रिस्पना के पास ट्रैफिक जाम में इस तरह की घटना हुई। इसी तरह अगले दिन हरीश चंद्र दुमका की हरिद्वार बाईपास पर कार रोकी गई। उनका भी आईफोन इसी तरह चोरी कर लिया गया। पुलिस अभी इन घटनाओं में शामिल आरोपियों की तलाश कर ही रही थी कि रेलवे स्टेशन के पास एक डॉक्टर की कार से मोबाइल चोरी हो गया। पटेलनगर क्षेत्र में भी शुक्रवार शाम को एक व्यक्ति की कार से मोबाइल चोरी कर लिया गया। पुलिस ने इन सभी जगहों के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज चेक की। कई जगह संदिग्धों के चेहरे दिखाई दिए। इसी बीच पता चला कि कुछ लोग होंडा सिटी कार में सवार हैं और महंगे मोबाइल सस्ते दामों पर बेच रहे हैं। मुखबिर से मिली इस सूचना के आधार पर पुलिस ने मोथरोवाला में एक कार को रोका, जिसमें तीन युवक सवार थे।
कार को रुकने का इशारा किया तो उन्होंने कार पीछे की तरफ मोड़कर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेरकर कार को रुकवाया और तीनों को हिरासत में ले लिया। इन्होंने अपने नाम यूसुफ निवासी इस्पातनगर, खुशहाल कॉलोनी, लिसाड़ी गेट, मेरठ, रिजवान निवासी मकबरा डिग्गी, मेहताब सिनेमा, ढोलकी मोहल्ला, मेरठ और आदिल निवासी कस्बा गुलावटी, बड़ा मोहल्ला, बुलंदशहर बताए। इनकी कार से छह महंगे मोबाइल फोन और देसी तमंचा व कारतूस बरामद हुए। तीनों के खिलाफ इन मुकदमों के साथ एक आर्म्स एक्ट का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। इनमें से आदिल के खिलाफ मेरठ में भी मुकदमा दर्ज है।
पहले दिन दो घटनाएं कर कलियर चले गए थे आरोपी
ठक-ठक गिरोह के इन सदस्यों ने पहले दिन यानी 25 मई को दो घटनाओं को अंजाम दिया था। दोनों नेहरू कॉलोनी थाना क्षेत्र में हुई थीं। इसके बाद तीनों आरोपी रात रुकने के लिए कलियर क्षेत्र में चले गए थे। वहां से लौटने के बाद अगले दिन शाम के वक्त उन्होंने पहली घटना रेलवे स्टेशन के पास, दूसरी पटेलनगर और तीसरी नेहरू कॉलोनी में की। पुलिस आरोपियों के बारे में और भी जानकारी जुटा रही है। बताया जा रहा है कि इनके कुछ साथी अन्य जगहों पर भी छुपे हो सकते हैं।
पांच-पांच हजार में बेच रहे थे लाख रुपये का मोबाइल
शहर में कारों से चोरी किए गए सभी मोबाइल एक से डेढ़ लाख रुपये की कीमत वाले हैं। मगर, कुछ लोगों ने जब देखा कि यह मोबाइल पांच-पांच हजार रुपये में बिक रहे हैं तो एक ने पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने इन आरोपियों की कार नंबर के आधार पर तलाश की और इन्हें मोथरोवाला से गिरफ्तार कर लिया।