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Builder Sahni Suicide Case: आरोपी गुप्ता बंधुओं की बढ़ी परेशानी, जमानत जिला न्यायालय से भी खारिज

Fri, 07 Jun 2024 09:19 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 07 Jun 2024 09:19 PM IST
सार

24 मई को बाबा साहनी ने एक रिहायशी भवन की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। साहनी के पास मिले सुसाइड नोट के आधार पर अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था।

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Dehradun Builder Sahni Suicide Case Gupta Brothers Trouble increased bail rejected by district court too
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : Freepik

विस्तार

बिल्डर बाबा साहनी को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोपी अजय गुप्ता और अनिल गुप्ता की जमानत जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रेम सिंह खिमाल की कोर्ट ने भी खारिज कर दी। अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया था कि दोनों बाहर आकर साक्ष्यों से छेड़छाड़ और गवाहों पर दबाव बना सकते हैं। साथ ही विदेश भागने की भी आशंका है।

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24 मई को बाबा साहनी ने एक रिहायशी भवन की आठवीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या कर ली थी। साहनी के पास मिले सुसाइड नोट के आधार पर अजय गुप्ता और उसके बहनोई अनिल गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया गया था। 25 मई से दोनों सुद्धोवाला जेल में बंद हैं। इन पर आरोप है कि इन्होंने बाबा साहनी के साथ उनके प्रोजेक्ट में निवेश किया और अब बिना प्रोजेक्ट पूरा हुए ही उस पर कब्जा करने की नियत से साहनी को धमका रहे थे।
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इसी दबाव में आकर साहनी ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी और वसूली के लिए धमकाने की धाराएं भी जोड़ी थीं। इस आधार पर मजिस्ट्रेट कोर्ट ने पिछले सप्ताह अनिल और अजय गुप्ता की जमानत याचिका खारिज कर दी थी। पिछले दिनों जिला एवं सत्र न्यायालय में जमानत अर्जी दाखिल की गई थी। कोर्ट ने शुक्रवार को अर्जी पर दोनों पक्षों को सुना।

अभियोजन की ओर से दोनों आरोपियों की जमानत का विरोध किया गया। कोर्ट को बताया, दोनों पर मुकदमा साहनी के सुसाइड नोट के आधार पर दर्ज किया गया है। दोनों को जमानत मिली तो वे देश से बाहर जा सकते हैं। उधर, बचाव पक्ष ने तथ्यों को दोहराया और सुसाइड नोट के आधार पर मुकदमे को गलत बताया। उन्होंने बढ़ी धाराओं का विरोध भी किया, लेकिन बचाव के तर्कों को दरकिनार करते हुए कोर्ट ने जमानत अर्जी खारिज कर दी।

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