फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Dehradun 12 Year Old Vaibhav got admission on only seat reserved for Uttarakhand in RIMC

RIMC: उत्तराखंड के लिए आरक्षित एकमात्र सीट पर दून के वैभव को मिला दाखिला, पिता की सीख से मिली कामयाबी

Fri, 13 Dec 2024 10:52 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट (देहरादून)
संवाद न्यूज एजेंसी, जौलीग्रांट (देहरादून) Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 13 Dec 2024 10:52 PM IST
सार

देहरादून के विद्या विहार फेज-एक में रहने वाले वैभव को बचपन से ही फुटबाल खेलने का जुनून था। उनका सपना था कि वह पुर्तगाल की किसी प्रसिद्ध फुटबाल अकादमी में दाखिला लेकर एक पेशेवर खिलाड़ी बनें।

विज्ञापन
Dehradun 12 Year Old Vaibhav got admission on only seat reserved for Uttarakhand in RIMC
वैभव बिज्वाण - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वैभव बिज्वाण (12) की फुटबाल खिलाड़ी बनने की जिद ने उन्हें देश के सबसे बड़े मिलिट्री संस्थानों में शामिल राष्ट्रीय इंडियन मिलिट्री कॉलेज (आरआईएमसी) में प्रवेश दिला दिया है। वैभव के पिता एसडीआरएफ में निरीक्षक के पद पर उत्तरकाशी में तैनात हैं।

विज्ञापन


देहरादून के विद्या विहार फेज-एक में रहने वाले वैभव को बचपन से ही फुटबाल खेलने का जुनून था। उनका सपना था कि वह पुर्तगाल की किसी प्रसिद्ध फुटबाल अकादमी में दाखिला लेकर एक पेशेवर खिलाड़ी बनें। जब उन्होंने अपने पिता से इस बारे में बात की तो उनके पिता ने कहा, फुटबाल में उत्कृष्टता हासिल करने के साथ पढ़ाई भी जरूरी है।
विज्ञापन


इसलिए, आरआईएमसी में दाखिला लेकर पढ़ाई और फुटबाल दोनों साथ कर सकते हैं। पिता की इस सीख के बाद वैभव ने कड़ी मेहनत के बाद आरआईएमसी की लिखित परीक्षा पास कर ली। वैभव के पिता जगदंबा प्रसाद ने कहा, आरआईएमसी में सभी प्रदेशों के लिए 25 सीट और उत्तराखंड के लिए मात्र एक सीट थी।

विज्ञापन
विज्ञापन

Uttarakhand News: हाईस्कूल में शिक्षकों के आठ और इंटर कॉलेजों में 10 पद होंगे सृजित, तय किए गए मानक

इस पर उनके बेटे का लिखित और साक्षात्कार के बाद चयन हुआ है। परीक्षा 30 जून और साक्षात्कार आठ नवंबर को हुआ था। मेरिट लिस्ट शुक्रवार सुबह आरआईएमसी की वेबसाइट पर जारी की गई। वैभव को आठवीं में दाखिला मिलेगा। वहीं 10वीं के बाद उन्हें सेना में अधिकारी बनने की राह आसान होगी। पुलिस महानिरीक्षक एसडीआरएफ रिधिम अग्रवाल ने शुभकामनाएं दी हैं।

वैभव ने प्रदेश की एकमात्र सीट पर दाखिला पाकर अपने माता-पिता के साथ ही एसडीआरएफ का नाम भी रोशन किया है, जिससे एसडीआरएफ में हर्ष का माहौल है। आरआईएमसी में दाखिला वैभव के कॅरिअर में मील का पत्थर साबित होगा।
-अर्पण यदुवंशी, सेनानायक, एसडीआरएफ

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed