रुड़की तक फैला था कुख्यात असलम का आंतक, एनकाउंटर में इस तरह गंवाई जान
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ग्रेटर नोएडा में हुई पुलिस की मुठभेड़ में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात बदमाश शामली निवासी असलम अली के मारे जाने से स्थानीय पुलिस ने भी राहत की सांस ली है। असलम का आतंक रुड़की और आस-पास के क्षेत्र तक भी फैला हुआ था।
वह नोएडा में तीन करोड़ की डकैती डालने गया था। लेकिन एनकाउंटर में मारा गया। हाल फिलाल उसकी तलाश भगवानपुर थाना क्षेत्र के तेज्जूपुर में विगत अगस्त महीने में पड़ी डकैती में भी थी। पहले रमजानी और अब असलम के सफाए से स्थानीय पुलिस ने राहत की सांस ली है।
शनिवार को ग्रेटर नोएडा में हुई मुठभेड़ में पुलिस के हाथों शामली निवासी असलम नामक अपराधी मारा गया। उस पर यूपी पुलिस की ओर से 50 हजार और उत्तराखंड की ओर से 15 हजार का इनाम घोषित था।
असलम के मारे जाने की खबर मिलते ही स्थानीय पुलिस भी हरकत में आ गई। विगत अगस्त महीने में तेज्जूपुर गांव में विनय कुमार के घर पड़ी डकैती में पुलिस को असलम और मुंडलाना निवासी रमजानी की तलाश थी। रमजानी भी दो दिन पहले अलीगढ़ में यूपी पुलिस के हाथों मारा जा चुका है।
आदान-प्रदान की गई सूची में भी था रमजानी और असलम का नाम
एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि तेज्जूपुर में हुई डकैती का खुलासा पहले ही किया जा चुका है। इस घटना में रमजानी के गिरोह की संलिप्ता सामने आई थी। उन्होंने बताया कि असलम के एनकांउटर में मारे जाने के बाद इस घटना से जुड़ी और जानकारी जुटाने को लेकर हरिद्वार से भी एक पुलिस टीम नोएडा भेजी जाएगी।
आदान-प्रदान की गई सूची में भी था रमजानी और असलम का नाम
करीब डेढ़ माह पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के पुलिस अधिकारियों के बीच रामपुर तिराहा स्थित गेस्ट हाउस में आयोजित हुई अंतरराज्यीय पुलिस अधिकारियों की बैठक में एक दूसरे के क्षेत्र में सक्रिय आपराधियों के बारे में चर्चा की गई थी।
साथ ही एक दूसरे को ऐसी सूची भी उपलब्ध कराई गई थी। जो दोनों राज्य में सक्रिय है। एसएसपी कार्यालय से मिली जानकारी के अनुसार रमजानी और असलम का नाम सूची में नाम था। पुलिस अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश पुलिस बीच हुई समन्वय बैठक के परिणाम भी जल्द ही सामने आएंगे।