पुलिस जवानों की वीर गाथा सुन आप भी कहेंगे 'जिओ मेरे शेर'
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उत्तराखंड के रुद्रपुर में हथियारों से लैस शातिर बदमाशों से उत्तराखंड पुलिस के दो जवान अपने जान की परवाह किए बगैर ही भिड़ बैठे।
बदमाशों के धारदार हथियारों से दोनों जांबाज घायल हो गए, लेकिन अपने खून बहाने के बाद भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और दो बदमाशों को लोगों की मदद से पकड़ लिया।
गुरुवार रात जब कांग्रेसी नेता किरन सरदार पर हमला हुआ तो उसके बाद बदमाश फरार हो गए। सूचना पर पुलिस के साथ ही विधायक राजकुमार ठुकराल भी लोगों के साथ बदमाशों की तलाश में जुट गए। इस दौरान ट्रांजिट कैंप थाना पुलिस के कांस्टेबल सतेंद्र सुयाल और प्रदीप नेगी की नजर भाग रहे दो बदमाशों पर पड़ गई।
उन्हें देख वे भी बदमाशों के पीछे हो लिए। बताया जा रहा है कि पुलिस कर्मियों को अपनी और आते देख बदमाशों ने दोनों पुलिस कर्मियों पर तमंचे से भी फायर झोंके। जिसमें दोनों बाल बाल बच गए।
बावजूद इसके दोनों पुलिस कर्मियों ने हार नहीं मानी और किसी तरह बदमाशों के निकट पहुंचकर उनसे भिड़ गए। बदमाशों ने दोनों पुलिस कर्मियों पर धारदार हथियार से हमला कर लहूलुहान कर दिया। शोर शराबा होता देख लोगों की नजर वहां पड़ी तो लोग वहां एकत्र हो गए और बदमाशों को पकड़ लिया।
पहले भी हो चुका है सरदार पर हमला
टेंट व्यवसायी और कांग्रेस नेता किरन सरदार पर यह हमला पहला नहीं है। इससे पहले छह माह पूर्व भी बाइक सवार तीन बदमाशों ने तमंचे से फायर झोंक किरन पर जानलेवा हमला किया था।
मामले में मुकदमा भी दर्ज हुआ, लेकिन आरोपी गिरफ्तार नहीं हुए। इधर लोगों के मुताबिक किरन पर हुए पहले हमले के असफल होने पर उन्हीं बदमाशों ने दोबारा उसके घर में जाकर हमला किया है। जिसमें दो बदमाश पकड़े गए।
लावारिस कार और संदिग्ध युवक भी किया गिरफ्तार
व्यवसायी सरदार पर हुए हमले के बाद पुलिस ने सर्चिंग अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस ने एक लावारिश कार बरामद की। जिसमें एक युवक भी सवार था। जो नशे की हालत में था।
पूछताछ करने पर वह कुछ नहीं बता पा रहा था। इस पर पुलिस ने उसे हिरासत में ले लिया। थानाध्यक्ष सुशील कुमार ने बताया कि हिरासत में लिए गए युवक के होश में आने के बाद ही उससे पूछताछ की जाएगी।