सिर पर सवार हुआ स्कूल का प्यार, तो कातिल बनी पत्नी
उत्तराखंड के काशीपुर में एक शादीशुदा महिला पर स्कूल का प्यार इस कदर सवार हुआ कि वह अपने पति के लिए ही 'हैवान' बन गई। इस घटना को जिसने भी सुना वो सन्न रह गया।
प्रेम प्रसंग के चलते उक्त महिला ने प्रेमी से मिलकर किराए के शूटरों से पति की हत्या करा दी। हत्यारों ने हत्या को दुर्घटना का रूप देने के लिए पति को ट्रक से कुचल दिया। पुलिस ने लंबी जांच पड़ताल के बाद केस का पर्दाफाश किया था। पुलिस ने हत्या की साजिश रचने के आरोप में मृतक की पत्नी सहित 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि दो आरोपी फरार हैं।
हत्या में प्रयुक्त ट्रक को कब्जे में ले लिया। उत्तराखंड डीजीपी ने टीम को 20 हजार, कुमाऊं कमिश्नर ने पांच और एसएसपी नीलेश आनंद भरणे ने ढाई हजार रुपए इनाम देने की घोषणा की।
मंगलवार को कुंडा थाने में आयोजित पत्रकार वार्ता में एएसपी कमलेश उपाध्याय ने बताया कि उक्त मामले में 30 अक्तूबर, 2014 को ग्राम शेरपुर घासी अफजलगढ़ (बिजनौर) यूपी निवासी राजेंद्र सिंह ने शिवराजपुर पट्टी चौकी थाना कुंडा में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट में कहा कि 29 अक्तूबर, 2014 को उसका भतीजा अजमेर सिंह पुत्र तरेंद्र सिंह निवासी अफजलगढ़ (यूपी) बाइक से अफजलगढ़ से कार्बेट सिटी कॉलोनी केलामोड़ (काशीपुर) आ रहा था। शिवराजपुर पट्टी के पास एक ट्रक ने टक्कर मार कर उसे कुचल दिया।
इसके बाद ट्रक चालक जमील अहमद अदालत से जमानत कराकर ट्रक छुड़ा ले गया था। राजेंद्र सिंह ने कहा कि यह हत्या थी जिसे दुर्घटना का रूप दिया गया है। एसएसपी नीलेश आनंद भरणे के आदेश पर मामले की जांच कुंडा प्रभारी रमेश तनवार को सौंपी गई।
जांच पड़ताल के बाद दुर्घटना का पर्दाफाश कर हत्या की साजिश रचने और सुपारी लेकर हत्या करने के आरोप में आठ लोगों को नामजद किया गया। मंगलवार को मुखबिर की सूचना पर टीम ने मृतक की पत्नी रंजीत कौर, उसके प्रेमी हरदीप सिंह निवासी धनौरी पट्टी केलामोड़, जाकिर और मुब्बर अली निवासीगण बरहैनी थाना बाजपुर, सलीम निवासी बाजपुर और जलील अहमद निवासी दड़ियाल थाना टांडा (रामपुर) यूपी को केलामोड़ से गिरफ्तार कर लिया।
मैंने हत्या नहीं कराई
दो आरोपी रजा अली व आशक अली निवासी बरखेड़ा पांडे अब भी फरार हैं। एएसपी ने पुलिस टीम की सराहना करते हुए कहा कि प्रेम प्रसंग का जुड़ा होने से यह मामला काफी पेचीदा था। पुलिस की जांच में पता चला कि मृतक की पत्नी व हरदीप सिंह का स्कूल के समय से प्रेम प्रसंग चल रहा था। इस कारण विवाह के बाद से अजमेर व उसकी पत्नी में अनबन रहने लगी।
उसका मायका कार्बेट सिटी में है। कुछ समय बाद अजमेर सिंह भी वहीं घर बनाकर रहने लगा। हरदीप सिंह और अजमेर की पत्नी ने उसे रास्ते से हटाने की योजना बनाई। हरदीप सिंह ने जाकिर को साढ़े सात लाख की सुपारी दी। इसके बाद जाकिर ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर 29 अक्तूबर 2014 को अजमेर सिंह की शिवराजपुर के पास ट्रक से कुचल कर हत्या की। अजमेर की पत्नी उसके आने जाने के समय की सूचना हरदीप सिंह को देती थी और वह जाकिर को देता था।
मृतक अजमेर सिंह की पत्नी रंजीत कौर ने कहा कि उसका हरदीप सिंह से प्रेम प्रसंग तो था, लेकिन उसने अजमेर सिंह की हत्या नहीं कराई। वह तो अपनी दो पुत्रियों के साथ अलग रह रही थी। उसका तलाक का केस चल रहा था।
देर-सवेर उसे तलाक मिल ही जाता, फिर वह हत्या क्यों कराती। उधर, हरदीप सिंह ने मृतक की पत्नी से प्रेम प्रसंग स्वीकार तो किया लेकिन हत्या कराने से इनकार किया। हरदीप सिंह का भी अपनी पत्नी के साथ अदालत में तलाक का वाद लंबित है। कहा कि उसे पुलिस ने फंसाया है।
पेशेवर अपराधी है जाकिर
कुंडा थाना के एसओ रमेश तनवार ने कहा कि अजमेर सिंह की हत्या को अंजाम देने वाला शातिर बदमाश जाकिर पेशेवर अपराधी है। उस पर रामनगर, बाजपुर, आईटीआई थाना और यूपी के मुरादाबाद थानों में लूट, हत्या, आर्म्स एक्ट के कई मुकदमे दर्ज हैं।
बैंक से लोन लेकर हत्या कराई
काशीपुर। एसओ तनवार ने बताया कि हरदीप सिंह ने अजमेर की हत्या के लिए जाकिर को साढ़े सात लाख की सुपारी दी थी। जिसमें से एडवांस के रूप में साढ़े तीन लाख रुपए दिए थे।
उसने यह रकम अपनी दोराहा बाजपुर स्थित 20 एकड़ जमीन एचडीएफसी बैंक में बंधक रखकर जुटाई। जाकिर ने अपने सहयोगियों को सुपारी की रकम में से 15-15 हजार रुपये एडवांस दिया था। शेष काम होने के बाद में देने का वायदा किया था।
न्याय मिला
मृतक के दूसरे चाचा सुखदेव सिंह ने कहा कि पुलिस ने घटना का पर्दाफाश कर उसे न्याय दिलाया है। घटना के दिन वह रुद्रपुर से आ रहे थे। शिवलालपुर के पास उनकी आखों के सामने एक ट्रक ने जसपुर की ओर से आ रहे बाइक सवार को कुचल दिया था। बाइक ट्रक में फंस गई थी जिससे वह काफी दूर तक घसीट कर गई। उसने देखा मरने वाला उसका भतीजा अजमेर सिंह है।