खाना खिलाने गई मां की बेटे ने की निर्मम हत्या
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मां को क्या पता था कि जिस बेटे को वह हत्या के आरोप से बरी करा रही है वही उसकी हत्या कर देगा। उत्तराखंड के श्रीनगर क्षेत्र के श्रीकोट में एक ऐसे ही मामने के आने से लोग सन्न हैं।
शनिवार रात को मानसिक रूप से विक्षिप्त एक बेटे ने अपनी मां के सिर पर डंडे से प्रहार कर उसकी हत्या कर दी और फरार हो गया। बेड़े बेटे की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। आरोपी की तलाश जारी है।
श्रीकोट निवासी साकेत नैथानी पुत्र स्व. शेखरानंद मानसिक रूप से विक्षिप्त है। 2009 में टकोली गांव में उसने एक युवती की हत्या कर दी थी।
बेटे को खाना देने गई थी शकुंतला
साकेत की मां की ओर से मानसिक स्थिति खराब होने का प्रमाण देने के बाद कोर्ट ने बरी कर दिया था। तब से वह कहीं और रहता था। लेकिन कुछ दिन पहले फिर श्रीकोट आया।
वह घर के पास स्थित भैरव मंदिर में रहता था। परिवार वाले खाना भी वहीं भेजते थे। शनिवार रात दस बजे उसकी मां शकुंतला देवी (72) खाना लेकर उसके पास गई थी।
जब तक वह खाना खाता रहा, शकुंतला वहीं बैठी रही। जब वह लौटने लगी तो साकेत ने मां के सिर पर डंडे से प्रहार कर दिया। चोट लगाने के बाद शकुंतला चिल्लाई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मंदिर पहुंचे, तब तक शकुंतला की मौत हो चुकी थी।
मां की हत्या करने के बाद साकेत फरार हो गया। कोतवाल उत्तम सिंह ने बताया कि पुलिस आरोपी को ढूंढ़ने में लगी हुई है।
पूर्व में कर चुका है युवती की हत्या
मां की हत्या कर फरार हुआ साकेत नैथानी (36) पूर्व में भी एक युवती की हत्या कर चुका है। वर्ष 2009 में साकेत ने टकोली जिला पौड़ी निवासी सोनी पुत्री देवी प्रसाद बहुगुणा के ऊपर लोहे की रॉड से हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया था।
युवती की घटना के एक माह बाद शादी होनी थी। टकोली में साकेत का ननिहाल है। जिस पर साकेत को हत्या के जुर्म में जेल भी हुई थी।
...तो शायद बच जाती जान
साकेत का बड़ा भाई घर पर होता तो शायद शकुंतला की जान बच जाती। जानकारी के अनुसार साकेत को खाना देने के लिए हर रोज बड़ा भाई पीयूष ही जाता था। शनिवार को पीयूष कहीं गया था। बड़े बेटे के घर पर नहीं होने पर मां ही खाना देने को गई थी।