फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   school principal committed suicide.

हाथ-पैर की नसें काटी, नहीं गई जान तो फंदे पर झूला

Thu, 13 Nov 2014 09:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 13 Nov 2014 09:48 PM IST
विज्ञापन
school principal committed suicide.

हरिद्वार की खन्नानगर कालोनी में एक प्रधानाध्यापक ने हाथ-पैर की नसें काटकर आत्महत्या की कोशिश की लेकिन जब मौत नहीं हुई तो फांसी के फंदे पर लटक गया और जान दे दी। कमरे से मिले सुसाइड नोट में प्रधानाध्यापक ने मौत की वजह कर्ज का बोझ और पारिवारिक समस्या को बताया है।

विज्ञापन


ब्लॉक बहादराबाद क्षेत्र के राजकीय प्राथमिक विद्यालय (रायपुर दरेडा) में प्रधानाध्यापक हरीश बडोनी (40) ज्वालापुर क्षेत्र की खन्नानगर कॉलोनी की गली नंबर आठ में रहते थे।
विज्ञापन


बृहस्पतिवार सुबह उनके छोटे भाई की पत्नी चाय देने गई तो कमरे का मंजर देखकर उनके होश उड़ गए। पंखे के हुक पर नायलॉन की रस्सी के सहारे शव झूल रहा था और कमरे में चारों तरफ खून फैला हुआ था। चीख पुकार पर परिजन कमरे में पहुंचे। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जुट गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

सुसाइड नोट में लिखी आत्महत्या की वजह

school principal committed suicide.

सूचना पर रेल चौकी प्रभारी दिलमोहन सिंह बिष्ट भी मौके पर पहुंचे और शव नीचे उतरवाया। प्रधानाध्यापक के एक हाथ और एक पैर की नसें ब्लेड से कटी हुई थी। मौके से मिले सुसाइड नोट में प्रधानाध्यापक ने मौत के लिए किसी को जिम्मेदार नहीं ठहराया है।

सुसाइड नोट में ज्यादा कर्ज और पारिवारिक समस्या का उल्लेख किया गया है। पत्नी से शायरी के अंदाज में माफी मांगी है और परिवार का साथ देने की बात लिखी है।

सुसाइड नोट में हरीश ने लिखा है क‌ि मेरी ज‌िंदगी बेकार है और मेरी मौत भी तुम सबके ल‌िए अभिशाप है। नोट से परिवार के लिए कुछ न कर पाने की पीड़ा झलक रही है। लिखा है क‌ि मैं पैदा हुआ, मेरे मां-बाप, भाईयों ने मेरे लिए सब कुछ किया पर मैं किसी के लिए कुछ नहीं कर पाया।

पत्नी को दिया था इशारा पर नहीं समझी

school principal committed suicide.

आत्महत्या के वक्त हरीश बडोनी की पत्नी अपने बच्चों के साथ मायके देहरादून गईं हुई थीं। सूचना मिलते ही वह बच्चों के साथ खन्नानगर पहुंची।

रेल चौकी प्रभारी दिलमोहन सिंह बिष्ट ने बताया कि पत्नी अल्मोड़ा के एक सरकारी स्कूल में शिक्षिका है। उनका आठ साल का बेटा एवं चार साल की बेटी देहरादून में नानी के घर में रहकर पढ़ते हैं।

फोन पर दिया था हिंट
पुलिस की मानें तो प्रधानाध्यापक हरीश बडोनी तनाव में थे। वे आत्महत्या का मन बना चुके थे। बुधवार को भी पत्नी से मोबाइल पर हुई बातचीत में प्रधानाध्यापक ने कहा था कि अब वह हर समस्या खत्म कर देंगे लेकिन पत्नी इस बात को समझ नहीं पाई और बृहस्पतिवार को इसका परिणाम सामने आया।

विज्ञापन
विज्ञापन
सबसे विश्वसनीय Hindi News वेबसाइट अमर उजाला पर पढ़ें हर राज्य और शहर से जुड़ी क्राइम समाचार की
ब्रेकिंग अपडेट।
 
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें अमर उजाला हिंदी न्यूज़ APP अपने मोबाइल पर।
Amar Ujala Android Hindi News APP Amar Ujala iOS Hindi News APP
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed