प्यार पाने के लिए प्रेमी हुआ 'पागल', उठाया खौफनाक कदम
देहरादून में प्रेमिका को पाने के लिए एक युवक ने उसके सात साल के बेटे का अपहरण कर लिया। प्रेमिका के साथ न आने पर आरोपी युवक लगातार बेटे की हत्या की धमकी दे रहा था।
मंगलवार देर रात अपहरण की सूचना पर हरकत में आई पुलिस ने बुधवार को हरिद्वार के विष्णु घाट से मासूम को सकुशल बरामद कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। शहर के गांधी ग्राम निवासी एक महिला ने मंगलवार रात 12 बजे करीब लक्ष्मण चौकी पुलिस को सूचना दी कि उसका सात साल का बेटा साधुराम एक पब्लिक स्कूल में कक्षा दो का छात्र है।
मंगलवार सुबह वह स्कूल गया था, लेकिन छुट्टी के बाद नहीं लौटा। बिजनौर के नजीबाबाद निवासी बिजली मिस्त्री रफीक ने फोन कर स्कूल के बाहर से बेटे को उठाने की बात कही है। वह फोन पर निकाह न करने पर बेटे की हत्या की धमकी दे रहा है।
एसएसपी सदानंद दाते और एसपी सिटी अजय सिंह ने महिला से बात करने के बाद रात में कई टीमें रवाना कर दी। महिला के जरिए संदेश दिया कि वह उसके साथ रहने को तैयार है। रातभर पुलिस महिला को लेकर घूमती रही। आरोपी के मोबाइल की लोकेशन पहले पिरान कलियर मिली, जहां से सुबह आरोपी हरिद्वार चला गया। आरोपी ने कई बार पुलिस को घुमाया।
एसएसपी ने बताया कि बुधवार को आरोपी रफीक को हरिद्वार के विष्णु घाट से गिरफ्तार कर बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया गया। पुलिस ने बताया कि रफीक और शिकायतकर्ता महिला के बीच दो साल पुरानी बातचीत है। महिला अपने पति और बच्चों के साथ सत्तोवाली घाटी में किराए पर रहती थी। वहीं पर रफीक भी रहता था, जहां से दोनों में नजदीकियां बढ़ीं।
महिला आरोपी के घर तक जा चुकी है। रफीक चाहता था कि वह पति को छोड़कर उससे निकाह कर ले, जिसके लिए तीन बच्चों की मां तैयार नहीं थी। बताया कि आरोपी युवक दबाव बनाने के लिए लगातार फोन पर बेटे और शौहर के साथ बुरा करने की धमकी दे रहा था। एसपी सिटी अजय सिंह, सीओ सिटी मनोज कत्याल आदि इस दौरान मौजूद रहे।
आरोपी बोला, महिला ने ही दिखाए सपने
पुलिस हिरासत में आरोपी रफीक का कहना था कि उसका इरादा बच्चे को नुकसान पहुंचाने का नहीं था। बच्चे के अपहरण के पीछे उसका मकसद यह था कि दबाव में महिला उसके साथ निकाह कर लेगी। वह हर कीमत पर प्रेमिका का साथ चाहता था। आरोप लगाया कि महिला ने उसे ऐसे सपने देखने के लिए मजबूर किया।
महिला आरोपी से नहीं चाहती कोई रिश्ता
एक अस्पताल में सहायक नर्स इस महिला का कहना था कि वह काफी समय से आरोपी के साथ कोई रिश्ता नहीं रखना चाहती है। इसलिए वह मकान बदलकर दूसरी जगह पहुंच गई, लेकिन आरोपी ने उसका पीछा नहीं छोड़ा। कहा कि कभी भी उससे निकाह करने की बात नहीं की। उसकी गलती यह रही कि वह धमकियों को हल्केपन से लेती रही।
हर बार आरोपी को बचाती रही महिला
पुलिस की माने तो महिला हर बार आरोपी को बचाती रही। महिला पढ़ी-लिखी है और उसका पति अनपढ़ है, इसके चलते उनमें वैचारिक मतभेद रहता था।
रफीक एक बार उसके पति की मोटर साइकिल छीनकर ले गया था, जिसे महिला ने ही वापस कराया था। इसके बाद शौहर से मारपीट करने का मामला पुलिस चौकी तक पहुंचा था। उस समय भी महिला ने आरोपी के पक्ष में बयान देकर उसे छुड़ा लिया था। इससे रफीक का हौसला बढ़ता चला गया।
पुरस्कृत करने की घोषणा
एसएसपी ने पुलिस टीम में शामिल धारा चौकी प्रभारी नरेश राठौर, लक्ष्मण चौकी प्रभारी राकेश कुमार, एसओजी प्रभारी विनोद गुसाईं, कांस्टेबल पंकज कुमार, सचिन कुमार, प्रमोद कुमार और महिला कांस्टेबल सुमन को ढाई हजार रुपये इनाम देने की घोषणा की।