पत्नी पर शक करता था, तो दहेज के बक्से में ही कर दिया दफन और फिर...
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पत्नी पर शक हुआ तो पति ने इतनी खौफनाक मौत दे डाली कि बच्चे भी कांप गए।
करतारपुर में 14 अगस्त 2017 को सड़क किनारे बंद बक्से में मिली महिला की लाश के मामले का पुलिस ने पूरी तरह खुलासा कर दिया है। महिला की हत्या उसकी पति ने अवैध संबंधों के शक में की थी।
पुलिस ने हत्यारोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। हत्या के बाद उसने दोनों बेटों और बेटी को अलग-अलग लोगों को परवरिश के लिए दे दिया था, जिनमें एक बेटे को बरामद कर लिया गया है, जबकि अन्य की तलाश की जा रही है।
बुधवार को मामले का खुलासा करते हुए एसएसपी डा. सदानंद दाते ने बताया कि ट्रांजिट कैंप निवासी मोहन पाल ने 10 साल पहले अपनी बेटी गीता का विवाह ग्राम अजमेरी नगला बदायूं निवासी ओमपाल पुत्र स्व. राम सिंह के साथ किया था। गीता की एक बेटी और दो बेटे हुए।
उसके बाद गीता चौथी बार गर्भवती हो गई। इस बीच ओमपाल गीता के चरित्र पर शक करने लगा जिसके चलते दोनों के बीच अक्सर लड़ाई-झगड़ा होता था। करीब सात माह पहले जब गीता रक्षाबंधन पर मायके नहीं आई तो परिजन गीता का हाल जानने उसकी ससुराल गये, जहां ओमपाल ने बताया गीता देहरादून निवासी अपने प्रेमी के साथ भाग गई है और बच्चों को देखरेख के लिए उसने अपने रिश्तेदार के घर रखा है।
कई बार गीता के परिजनों ने ओमपाल से बच्चों से मिलाने की बात कही, लेकिन ओमपाल उन्हें गुमराह करता रहा। इससे गीता के परिजनों को ओमपाल पर शक हुआ तो उन्होंने ओमपाल की बदायूं निवासी बहन गुड्डू के घर में रह रही ओमपाल की बेटी सिमरन से मिलकर पूछताछ की जिसमें सिमरन ने बताया कि पापा ने मां को मारकर कहीं दफना दिया है।
इससे गीता के परिजन ओमपाल की खोज में जुट गए। दो दिन पहले परिजनों को ओमपाल सिडकुल की राजहंस कंपनी में काम करते हुए मिल गया। परिजनों ने उसे पकड़कर पुलिस के सुपुर्द कर उस पर गीता की हत्या करने का आरोप लगाया।
परिजनों के आरोप के बाद पुलिस ने अगस्त के रिकार्ड से निकालकर बंद बक्से में मिले महिला के शव का फोटो परिजनों को दिखाया। परिजनों ने फोटो देखकर उसकी शिनाख्त गीता के रूप में कर ली। सख्ती से पूछताछ करने पर ओमपाल ने पुलिस को बताया कि शव बरामद होने के तीन दिन पहले उसने गीता की हत्या की थी। फिर शव बक्से में बंद कर फेंक दिया। ओमपाल के अनुसार उसे गीता के चरित्र पर शक था जिसे लेकर उसने कई बार गीता को टोका भी था।
गीता के दहेज का बक्सा बन गया उसकी कब्र
बुधवार को ओमपाल की निशानदेही पर पुलिस ने उसके तीन वर्षीय बेटे मयंक को संजय नगर खेड़ा स्थित एक घर से बरामद कर लिया। दूसरे बेटे लोकेश की बरामदगी के लिए पुलिस यूपी के बहेड़ी में दबिश दे रही है। ओमपाल ने बताया कि उसने लोकेश को अपने एक दोस्त के घर में रखा है। खुलासा करने वाली टीम में कोतवाल कैलाश चंद्र भट्ट, एसएसआई नासिर हुसैन, एसआई विनोद जोशी, जसविंदर सिंह आदि थे।
गीता के दहेज का बक्सा बन गया उसकी कब्र
अवैध संबंधों के शक में मारी गई गीता के दहेज का बक्सा ही उसकी कब्र बन गया। ओमपाल के अनुसार, 11 की रात गीत सोई हुई थी। तीन बजे उसने उसके दुपट्टे से उसका गला घोंटकर मार डाला। उसके बाद लाश बक्से में बंद कर दी। चार बजे बक्सा बाइक पर बांधकर ट्रांजिट कैंप से झील के रास्ते करतारपुर पहुंचा और नाले में बक्सा फेंक दिया। वह सोच रहा था कि बक्सा नाले में बह जाएगा, लेकिन पानी कम होने के कारण तीन दिन बाद लाश बरामद हो गई। ओमपाल ने बताया कि गीता आठ माह की गर्भवती थी। हत्या के दौरान बच्चा बाहर आ गया था।