फर्जीवाड़ा कर हथियाया करोड़ों का ठेका, पत्नी समेत मिली जेल
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फर्जी एफडी और बैंक गारंटी से लोनिवि में करोड़ों का ठेका हासिल करने के आरोपी ठेकेदार को बागेश्वर जिला न्यायालय ने तीन साल की कारावास की सजा और 25 हजार रुपये जुर्माना लगाया। इसी मामले में शामिल उसकी पत्नी को डेढ़ साल का कारावास और 25 हजार जुर्माने की सजा सुनाई है। मामला पांच साल पुराना है।
कपकोट-सौंग मोटर मार्ग के चौड़ीकरण कार्य के लिए लोनिवि कपकोट खंड ने 2010-2011 में टेंडर आमंत्रित किए। आठ करोड़ 65 लाख की राशि का यह काम कोटद्वार के नजीबाबाद रोड स्थित एसएन कंस्ट्रक्शन कंपनी को मिला। चौड़ीकरण का बहुत सारा काम करने के बाद कंपनी ने भुगतान प्राप्त कर लिया और बाद में शेष काम रोक दिया।
समय अधिक होने पर लोनिवि ने मामले की जांच की तो फर्जी प्रपत्रों से कंपनी कार्य से अधिक का भुगतान ले चुकी थी। लोनिवि के सहायक अभियंता नंदन सिंह माजिला ने इस मामले में कपकोट थाने में एफआईआर दर्ज कराई। शासन ने सीआईडी अपराध शाखा से मामले की जांच कराई।
फर्जी एफडी और गारंटी से लिया 8.65 करोड़ का ठेका
अपराध शाखा के इंस्पेक्टर गंगा सिंह पांगती के जांच पूरी करने के बाद तैयार रिपोर्ट में पता चला कि एसएन कंपनी का गठन न्यू मिश्रा कालोनी, नजीबाबाद रोड कोटद्वार निवासी अखिलेश चौहान ने अपनी पत्नी स्नेहलता चौहान के नाम से किया था।
ठेका पाने के लिए लगाई गई एफडी और बैंक गारंटी भी फर्जी पाई गई। इस बीच, शिकायत के बाद लोनिवि ने सत्रह लाख रुपये की राशि हाईकोर्ट की मदद से कंपनी से वापस ले ली। धारा 420, 467, 468, 471 के तहत यह मामला मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में चला।
अभियोजन पक्ष की ओर से ज्येष्ठ अभियोजन अधिकारी भूपेंद्र सिंह जंगपांगी, सहायक अभियोजन अधिकारी ललित मोहन आर्य और खड़क सिंह कार्की ने मामले की पैरवी की। लोनिवि की ओर से कोर्ट सहायक महिपाल सिंह दानू शामिल हुए। बृहस्पतिवार 17 सितंबर को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट चंद्रमणि राय ने मामले में फैसला सुनाया।
पिथौरागढ जेल में है अखिलेश चौहान
बागेश्वर। वरिष्ठ अधिवक्ता खड़क सिंह कार्की ने बताया कि अखिलेश चौहान के खिलाफ पिथौरागढ के बेड़ीनाग में भी सड़क निर्माण का ऐसा ही मामला चल रहा था। इस मामले में वह पिथौरागढ जेल में बंद है। जबकि बेड़ीनाग प्रकरण में ही स्नेहलता जमानत पर है।