उम्र नौ साल और रच दी अपहरण की कहानी!
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महज नौ बरस की उम्र और दिमाग इतना तेज कि इनकी बनाई कहानी में पुलिस ऐसी उलझी कि घंटों तक हलाकान रही। हरिद्वार की ज्वालापुर पुलिस को दो बच्चों ने कई घंटों तक उलझाए रखा। एक बच्चे ने तो दूसरे के अपहरण की कहानी तक गढ़ दी।
इससे हड़बड़ाए परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी। पुलिस हरकत में आई तो कहानी कुछ और ही सामने आई।
घटना बृहस्पतिवार की है। गोल गुरुद्वारा क्षेत्र निवासी दो बच्चे कालोनी के ही पब्लिक स्कूल में कक्षा चार में पढ़ते हैं। दोनों छुट्टी होने के घंटों बाद भी घर नहीं पहुंचे तो परिजनों ने इसकी जानकारी पुलिस को दी।
पुलिस कर्मी बच्चों की तलाश में जुटे ही थे कि एक छात्र लौट आया। उसने परिजनों को बताया कि दूसरे को चार लोग उठा ले गए हैं। महज आठ साल के बच्चे के अपहरण की कहानी बता देने पर परिजन और पुलिस कर्मी भौचक्के रह गए।
पुलिस हुई सख्त तो उगला सच
रेल चौकी प्रभारी दिलमोहन बिष्ट ने जब घर पहुंचकर छात्र से पूछताछ की तो उन्हें संदेह लगा। कुछ सख्ती पर बच्चे ने पुलिस के समक्ष असलियत बता दी। बताया कि दोनों व्यास पंजाब जाने के लिए रेलवे स्टेशन हरिद्वार पहुंचे थे।
उसने बताया कि अचानक उसे मां की याद आने लगी और वह लौट आया, लेकिन उसका दोस्त अब भी रेलवे स्टेशन पर पंजाब जाने वाली ट्रेन के इंतजार में बैठा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने रेलवे स्टेशन पहुंच दूसरे छात्र को बरामद कर लिया।
छोटे मासूमों द्वारा बनाई गई इस झूठी अपहरण कहानी जब झूठी निकली तो पुलिस की जान में जान आई। पुलिस भी बच्चों द्वारा इस तरह की कहानी बनाए जाने को लेकर आश्चर्यचकित है। चौकी प्रभारी ने बताया कि एक बच्चे के पिता चाय विक्रेता है और दूसरे के पिता मेडिकल स्टोर पर कार्यरत है।