खून की होली खेलने वाले कुख्यात को मौत का खौफ
पटियाला में पकड़े गए कुख्यात बदमाश अमित उर्फ भूरा को पुलिस से ज्यादा दुश्मनों से खतरा है। पुलिस पूछताछ में भूरा का यह डर बार-बार सामने आया। वह बार-बार पेशी के दौरान सुरक्षा बढ़ाने पर जोर देता रहा। अलबत्ता भूरा ने बेबाकी से अपने जुर्म की दास्तां पुलिस को सुनाई। उसे उम्मीद कम थी कि वह इतनी जल्दी पुलिस की गिरफ्त में आ जाएगा।
दूसरों के खून की होली खेलने वाले भूरा को भी अब अपनी मौत का खौफ सता रहा है। रुड़की जेल के बाहर कुख्यात चीनू पंडित से जुड़े तीन लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद भूरा इस गैंग का नंबर वन टारगेट है। अभिरक्षा से भूरा की फरारी की बड़ी वजह भी यही थी।
पटियाला में गिरफ्तार होने के बाद भूरा पर हमले का खतरा फिर मंडरा रहा है। पुलिस हिरासत में दिल्ली की स्पेशल ब्रांच, यूपी और उत्तराखंड की एसटीएफ के अलावा बागपत और दून पुलिस को फरारी का पूरा किस्सा भूरा ने चटकारे लेकर सुनाया।
चीनू पंडित गैंग से खतरा, पुलिस को बताई कहानी
बातचीत के दौरान बीच-बीच में भूरा हल्का-फुल्का मजाक भी करता रहा। भूरा ने पुलिस को बताया कि पौड़ी जेल में बंद सुनील राठी द्वारा लगातार उसे हिदायत दी जा रही थी कि पेशी के दौरान सतर्क रहे, क्योंकि विरोधी हमला कर सकते हैं। हमले की आशंका के चलते ही राठी ने उसकी फरारी की योजना बनाई थी।
भूरा की मानें तो उसे फरारी में सफलता पर शक था, लेकिन योजना कारगर रही। उसने बागपत के धर्मेंद्र किरठल और चीनू पंडित से दुश्मनी की कहानी भी पुलिस को बताई।
किरठल मुजफ्फरनगर के कैल गिरोह की वजह से उससे दुश्मनी रखता है, जबकि चीनू पंडित राठी का साथ देने की वजह से उसकी जान का प्यासा है। भूरा ने पुलिस को बताया कि उसने भागने में ऐसे तरीको का प्रयोग किया ताकि वह पुलिस से आगे रहे।
तकनीक की वजह से भागने में रहा पुलिस से आगे
पुलिस से बचने के लिए भूरा ने तकनीक का पूरा इस्तेमाल किया। फरारी से पहले ही उसने जीपीएस के जरिये बागपत से दिल्ली जाने वाले तमाम रास्तों की जानकारी ले ली थी। भूरा ने फरारी के लिए मुख्य मार्गों के अलावा उन रास्तों का इस्तेमाल किया, जिन पर यातायात कम था। साथियों से बात करने में सिर्फ व्हाट्स-ऐप का प्रयोग किया।
भागते समय बदले सात वाहन
भूरा की फरारी की साजिश बहुत सोच समझ कर तैयार की गई थी। भूरा बागपत से फरार हुआ तो वह लगातार वाहन बदलता रहा। उसके साथी तय स्थान पर गाड़ी लेकर खड़े हुए थे। सूत्रों की मानें तो भागते समय भूरा ने सात वाहनों में सफर किया।
परिजनों से भी नहीं की बात
भूरा ने पुलिस को बताया कि फरारी के बाद उसने पत्नी, परिजनों और साथियों से बात नहीं की, क्योंकि वह जानता था कि पुलिस उसके पीछे है। भूरा ने इस अवधि में किसी तरह का अपराध न करने की बात भी कही है।